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साइबर अपराध: सरिया भेजने का झांसा देकर 5.35 लाख की ठगी, छह महीने में दर्ज नहीं हुआ मुकदमा
Sat, 23 Jan 2021 01:18 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 23 Jan 2021 01:18 AM IST
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साइबर क्राइम (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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साइबर अपराधियों ने कागारौल के व्यापारी मनोज कुमार को सरिया भेजने का झांसा देकर 5.35 लाख रुपये खाते में जमा करा लिए। इसके बाद मोबाइल बंद कर लिया। पीड़ित छह महीने से थाने और अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक मुकदमा भी दर्ज नहीं किया गया है।
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कागारौल के अकोला निवासी मनोज कुमार का भवन निर्माण के सामान और लोहे की सरिया का कारोबार है। अगस्त 2020 में उन्होंने इंटरनेट पर एक कंपनी का नंबर देखा। उन्होंने माल भेजने के लिए उस कंपनी को ऑनलाइन आर्डर किया। इस पर उनके पास एक ईमेल आया। इसमें लिखा था कि माल भेजा जा रहा है। इसके बदले उनसे 5.35 लाख रुपये कंपनी के खाते में जमा करने के लिए कहा गया। इससे पहले भी मनोज रकम एडवांस में जमा करते आए हैं, इसलिए उन्होंने सरिया मंगाने के लिए रकम ट्रांसफर कर दी।
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लेकिन, 15 दिन बाद भी माल नहीं आया। उन्होंने कंपनी की वेबसाइट पर दिए मोबाइल नंबर पर बात की तो बात करने वाले ने बताया कि वह अधिकारी है। सरिया जल्द ही भेजने का आश्वासन दिया। लेकिन, मनोज के पास माल नहीं पहुंचा। उन्होंने कई बार कंपनी के अधिकारी को कॉल किया, लेकिन कोई सही जवाब नहीं मिला। एक महीने बाद मोबाइल नंबर भी बंद हो गया। इंटरनेट से वेबसाइट भी हटा दी गई। धोखाधड़ी का पता चलने पर पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत की। लेकिन, अब तक मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है। उसने एसएसपी से भी शिकायत की है। रेंज साइबर थाना के एसआई चेतन भारद्वाज ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जिस खाते में रकम ट्रांसफर की गई थी वह फर्जी दस्तावेज पर खोला गया था। कारोबारी फर्जी फर्म की धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं।
‘ऑनलाइन लेन-देन करने से पहले फर्म की जानकारी जुटा लें’
रेंज साइबर थाने के एक्सपर्ट का कहना है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए संपर्क में आने वाली फर्म की जानकारी के बाद ही किसी तरह का पेमेंट करना चाहिए। फर्म की जानकारी एमसीए की वेबसाइट से ली जा सकती है। एमसीए की वेबसाइट सरकारी है, इस पर पंजीकृत फर्म का ब्योरा होता है। इससे फर्म का पता, खाता संख्या और मालिक सहित मोबाइल नंबर की जानकारी की जा सकती है। यदि कोई फर्जी फर्म संपर्क में आएगी तो इससे पता किया जा सकता है। इसके साथ ही पहले से कोई भी पेमेंट नहीं करना चाहिए। जिस किसी को भुगतान कर रहे हैं, उस फर्म के कर्मचारी को मिलकर ही भुगतान करना चाहिए।
रेंज साइबर थाने के एक्सपर्ट का कहना है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए संपर्क में आने वाली फर्म की जानकारी के बाद ही किसी तरह का पेमेंट करना चाहिए। फर्म की जानकारी एमसीए की वेबसाइट से ली जा सकती है। एमसीए की वेबसाइट सरकारी है, इस पर पंजीकृत फर्म का ब्योरा होता है। इससे फर्म का पता, खाता संख्या और मालिक सहित मोबाइल नंबर की जानकारी की जा सकती है। यदि कोई फर्जी फर्म संपर्क में आएगी तो इससे पता किया जा सकता है। इसके साथ ही पहले से कोई भी पेमेंट नहीं करना चाहिए। जिस किसी को भुगतान कर रहे हैं, उस फर्म के कर्मचारी को मिलकर ही भुगतान करना चाहिए।