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सीएसआर फंड का दुरुपयोग: आयकर की जांच में बड़ा खुलासा, तस्करी कराकर भारत मंगाए जा रहे करोड़ों के हीरे
Thu, 21 Aug 2025 09:07 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 21 Aug 2025 09:07 AM IST
सार
शेल कंपनियों के जरिये पांच देशों में सीएसआर फंड के 5000 करोड़ रुपये भेजे गए। आयकर की जांच में अब तक ये जानकारी हाथ लगी है।
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आयकर विभाग
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
देश की निजी कंपनियों के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलटी (सीएसआर) फंड का गबन कर अब तक करीब पांच हजार करोड़ रुपये चीन, सिंगापुर, मलयेशिया, हांगकांग और दुबई भेजे गए हैं। मथुरा में सीए के ठिकाने पर पहुंची प्रधान आयकर निदेशक अन्वेषण कानपुर की आगरा यूनिट की टीम को यह जानकारी मिली है।
पता चला है कि यह रकम शेल कंपनियों के जरिये बाहर भेजी गई। फिर वहां से हीरों की खरीद कर तस्करों की मदद से भारत वापस लाकर बेचा जा रहा है। अभी तक टीम को पांच ऐसे मामलों का पता चला है, जहां हीरे तस्करी कर लाए गए।
विभागीय सूत्रों के अनुसार जांच में पता चला है कि देश की नामी कंपनियों से बतौर सीएसआर फंड मथुरा के जन जागृति सेवा संस्थान, अहमदाबाद के रागिनी बेन विपिन चंद्र सेवा कार्य ट्रस्ट और भीलवाड़ा के बृज मोहन सपूत कला संस्कृति सेवा संस्थान नाम के ट्रस्ट में जमा हुआ।
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सामाजिक कार्य में इस्तेमाल के बजाय ट्रस्ट के खातों से यह रकम चीन, हांगकांग, सिंगापुर, मलयेशिया और दुबई में पंजीकृत शेल कंपनियों के बैंक खातों में भेज दी गई। इसके बाद रकम आगे आभूषण कारोबारियों को भेजकर बदले में हीरे की खरीद की गई।
इस जानकारी के आधार पर इनकम टैक्स के करीब दो सौ अधिकारियों की टीमें कोलकाता, भीलवाड़ा, अहमदाबाद, सूरत और मुंबई में इन ट्रस्ट के ट्रस्टियों के करीब 50 ठिकानों पर सर्च कर रही है। माना जा रहा है कि अभी इस मामले की जांच की जद में कई और लोग आ सकते हैं।
मुंबई और कोलकाता के सीए भी निशाने पर
मथुरा के राधावैली निवासी सीए आशुतोष अग्रवाल के ठिकानों पर की गई सर्च के दौरान मिली जानकारी के आधार पर टीम अब दो और सीए के ठिकानों पर सर्च कर रही है। इनमें मुंबई निवासी सीए पंकज सोमानी और कोलकाता निवासी सीए सुप्रियो साहा शामिल हैं। आरोप है कि ये भी ट्रस्टों के साथ इस खेल में शामिल थे। फिलहाल इनके कई ठिकानों को भी टीमें खंगाल रही हैं।
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पता चला है कि यह रकम शेल कंपनियों के जरिये बाहर भेजी गई। फिर वहां से हीरों की खरीद कर तस्करों की मदद से भारत वापस लाकर बेचा जा रहा है। अभी तक टीम को पांच ऐसे मामलों का पता चला है, जहां हीरे तस्करी कर लाए गए।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार जांच में पता चला है कि देश की नामी कंपनियों से बतौर सीएसआर फंड मथुरा के जन जागृति सेवा संस्थान, अहमदाबाद के रागिनी बेन विपिन चंद्र सेवा कार्य ट्रस्ट और भीलवाड़ा के बृज मोहन सपूत कला संस्कृति सेवा संस्थान नाम के ट्रस्ट में जमा हुआ।
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सामाजिक कार्य में इस्तेमाल के बजाय ट्रस्ट के खातों से यह रकम चीन, हांगकांग, सिंगापुर, मलयेशिया और दुबई में पंजीकृत शेल कंपनियों के बैंक खातों में भेज दी गई। इसके बाद रकम आगे आभूषण कारोबारियों को भेजकर बदले में हीरे की खरीद की गई।
इस जानकारी के आधार पर इनकम टैक्स के करीब दो सौ अधिकारियों की टीमें कोलकाता, भीलवाड़ा, अहमदाबाद, सूरत और मुंबई में इन ट्रस्ट के ट्रस्टियों के करीब 50 ठिकानों पर सर्च कर रही है। माना जा रहा है कि अभी इस मामले की जांच की जद में कई और लोग आ सकते हैं।
मुंबई और कोलकाता के सीए भी निशाने पर
मथुरा के राधावैली निवासी सीए आशुतोष अग्रवाल के ठिकानों पर की गई सर्च के दौरान मिली जानकारी के आधार पर टीम अब दो और सीए के ठिकानों पर सर्च कर रही है। इनमें मुंबई निवासी सीए पंकज सोमानी और कोलकाता निवासी सीए सुप्रियो साहा शामिल हैं। आरोप है कि ये भी ट्रस्टों के साथ इस खेल में शामिल थे। फिलहाल इनके कई ठिकानों को भी टीमें खंगाल रही हैं।