मथुरा: सिपाही भर्ती परीक्षा में सॉल्वर गैंग के सरगना सहित छह सदस्य गिरफ्तार
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एक बार फिर मथुरा में सॉल्वर गैंग पकड़ा गया है। इस बार नोएडा और आगरा की एसटीएफ और मथुरा पुलिस ने बड़े नेटवर्क के तहत रविवार को सिपाही भर्ती परीक्षा में सेंधमारी करने वाले गैंग के छह सदस्य पकड़े हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में सॉल्वर गैंग का सरगना भी शामिल है। इनके पास से मक्खी के आकार की इलेक्ट्रानिक डिवाइस, माइक्रोफोन आदि संदिग्ध वस्तुएं बरामद हुई हैं। यह डिवाइस 20-20 हजार रुपये में खरीदी गई थी।
मथुरा परीक्षाओं में नकल का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। रविवार को सिपाही भर्ती परीक्षा में भी व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई थीं। यहां पूर्व में पकड़े गए सॉल्वर गैंग के चलते एसटीएफ और पुलिस मुस्तैद थी। इसके चलते दोनों पालियों में सॉल्वर गैंग के छह सदस्य पकड़ लिए गए। एसटीएफ और मथुरा पुलिस की कार्रवाई से खलबली मच गई।
ये हुए गिरफ्तार
इन्होंने अपनी बनियान में डिवाइस लगा रखी थी। उधर, महावन पुलिस ने केके डिग्री कॉलेज से डिगेंद्र पुत्र राजकुमार निवासी पिसावा अलीगढ़ को पकड़ा है। वह भी डिवाइस के जरिए नकल कर रहा था।
उधर, सीओ रिफाइनरी राकेश कुमार ने बताया कि एसटीएफ ने भी सॉल्वर गैंग के तीन सदस्य पकड़े हैं। इनमें पवन (सरगना) पुत्र सोबरन निवासी मई, इगलास अलीगढ़, राजकुमार पुत्र सुरेंद्र सिंह निवासी इगलास अलीगढ़ और जीवन सिंह निवासी इगलास अलीगढ़ है।
सॉल्वरों को लेकर आगरा पहुंची एसटीएफ
नोएडा और आगरा की एसटीएफ की सॉल्वर गैंग के खिलाफ कार्रवाई से खलबली मची रही। एसटीएफ पकड़े गए सॉल्वर गैंग के सदस्यों को लेकर आगरा गई है। एसटीएफ पकड़े गए सॉल्वर गैंग के सदस्यों की निशानदेही पर अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है।
पांच से 10 लाख में लेते थे ठेका
पुलिस भर्ती परीक्षा में लिखित परीक्षा में पेपर सॉल्व कराने से लेकर फिजिकल परीक्षा में पास कराने के एवज में पांच से 10 लाख रुपये लिए गए थे। एसटीएफ की मानें तो करीब 50 परीक्षार्थियों से यह लोग रकम ले चुके थे।
एसटीएफ अब इस गैंग की जड़ें खंगाल रही है, जिससे कि बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा। सीओ महावन पीपी सिंह ने बताया कि पकड़े गए गैंग से पूछताछ की जा रही है। सिपाही भर्ती में पकड़े गए परीक्षार्थियों ने 20-20 हजार रुपये में डिवाइस खरीदी थीं। यह लोग डिवाइस को बनियान में छिपाकर सॉल्वर गैंग की मदद से नकल कर रहे थे।
‘सॉल्वर गैंग की कमर तोड़कर रख दी जाएगी। किसी भी कीमत पर परीक्षा में नकल नहीं होने दी जाएगी। यह डिवाइस कहां से खरीदी गई इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। इन परीक्षार्थियों का सॉल्वर गैंग से कनेक्शन भी खंगाला जा रहा है। ’
एसएसपी, सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज