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खौफ की कैद से आजाद हुई जिंदगी

Tue, 08 Sep 2015 01:57 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा/शमसाबाद
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा/शमसाबाद Updated Tue, 08 Sep 2015 01:57 AM IST
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shamshabad inspector suspend
सांप्रदायिक तनाव के चलते दहशत की जंजीरों में जकड़ी शमसाबाद की जिंदगी को चार दिन की घुटन के बाद सोमवार की शाम खुली हवा में सांस लेने का मौका मिला। बाजार खुलते ही कस्बे में छाया कर्फ्यू सा सन्नाटा टूटा और रौनक लौट आई। घरों में कैद लोग खरीदारी के लिए दुकानों पर उमड़ पड़े। पुलिस की भी जान में जान आई। सूने बाजार में चहल पहल हुई, तो तनाव भी कम हुआ।
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हालांकि सोमवार की सुबह निराशा के साथ हुई थी। कस्बे में लगभग 1000 दुकानें हैं। चार दिन आठ मेडिकल स्टोर को छोड़कर सभी बंद रहीं। सोमवार सुबह बाजार खुलने की उम्मीद की जा रही थी लेकिन हुआ ठीक उलट। बाजार तो खुले नहीं, जो सब्जी मंडी खुल रही थी, उस पर भी ताले लटक गए। इससे एक बार फिर तनाव को हवा मिली। सब्जी मंडी बंद होने को लेकर तरह तरह की अफवाहें तैरने लगीं। तब अमनपसंद लोग आगे आए। दोपहर को सुलह की मीटिंग का सिलसिला शुरू हुआ जो शाम तक चला। आखिर में अमन की कोशिशें रंग लाईं। दोनों ओर के लोग बाजार खोलने पर न केवल राजी हुए फैसले पर अमल भी तुरंत हुआ। शाम को ही दुकानें कुल गईं। मुश्किल से दस मिनट बाद ही खरीदार भी आने लगे। देखते ही देखते चहलपहल बढ़ गई। बता दें, जन्माष्टमी पर प्रशासन ने कुछ दुकानें खुलवाई थीं, लेकिन तब भी बाजार सूने ही रहे थे।
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आज खुल सकते हैं स्कूल
बवाल के बाद से स्कूल-कालेज बंद हैं। बच्चे घरों में बोर हो गए हैं। पढ़ाई छूट रही हो सो अलग। उम्मीद है आज स्कूल भी खुल जाएंगे। पुलिस ने स्कूल संचालकों को पूरी सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।
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शमसाबाद कांड में दो इंस्पेक्टर सस्पेंड
पुलिस की लापरवाही के चलते शमसाबाद में लगातार चार दिन हुए सांप्रदायिक बवाल मामले में डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने सोमवार शाम शमसाबाद थाना प्रभारी निरीक्षक  इंद्रजीत सिंह, एलआईयू के इंस्पेक्टर सुनील कुमार विश्नोई और बीट कांस्टेबल ओंकार यादव को सस्पेंड कर दिया।
पुलिस सूत्रों का यह भी कहना है कि डीआईजी ने एक सीओ के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेज दी है। हालांकि डीआईजी ने इससे इंकार किया है। उनका कहना है कि  फिलहाल दो इंस्पेक्टर और एक सिपाही पर ही कार्रवाई की गई है।

उधर, पुलिस ने फेसबुक पर आपत्तिजनक कमेंट पोस्ट करने के आरोपी आकाश गुप्ता को आगरा में कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे 20 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उसने खुद को बेकसूर बताया है। दूसरी ओर पुलिस भी अब फूंक फूंककर कदम रख रही है। बवाल के मामले में सोमवार को कोई गिरफ्तारी नहीं की गई।


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