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आप भी हैं इन वेबसाइट के यूजर तो पढ़ यें खबर, वरना खा जाएंगे धोखा
क्राइम डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sun, 21 Jan 2018 03:08 PM IST
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cyber crime
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मथुरा के देवसेरस और हाथिया गांव में सक्रिय टटलू गैंग ने लोगों को लूटने का तरीका बदल लिया है। यह गैंग हाईटेक तरीका अपना रहा है।
अब पेटीएम के माध्यम से और ओएलएक्स पर विज्ञापन के बाद लूट कर रहा है। इससे सावधान रहने की जरूरत है। जरा सी सावधानी से गैंग से बचा जा सकता है।
पुलिस के मुताबिक, यह गैंग मथुरा के गांव हाथिया और देवसेरस में सक्रिय है। गैंग लोगों को दो साल पहले तक गांव में बुलाकर लूटता था। गैंग सोने की ईंट आधे से भी कम दाम में बेचने के बहाने लोगों को बुलाता था।
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अब पेटीएम के माध्यम से और ओएलएक्स पर विज्ञापन के बाद लूट कर रहा है। इससे सावधान रहने की जरूरत है। जरा सी सावधानी से गैंग से बचा जा सकता है।
पुलिस के मुताबिक, यह गैंग मथुरा के गांव हाथिया और देवसेरस में सक्रिय है। गैंग लोगों को दो साल पहले तक गांव में बुलाकर लूटता था। गैंग सोने की ईंट आधे से भी कम दाम में बेचने के बहाने लोगों को बुलाता था।
जो व्यक्ति आता था, उससे रुपये लूटने के बाद भगा देते था। लेकिन वारदात बढ़ने के बाद लोग सचेत हो गए। यही वजह है कि गैंग ने तरीका बदल लिया। अभी हाल ही में बिचपुरी रोड पर एक प्रापर्टी डीलर की कार लूटने का मामला सामने आया था।
उन्होंने ओएलएक्स पर विज्ञापन दिया था। टेस्ट ड्राइव के बहाने से बदमाश कार उड़ा ले गया। इसके अलावा कई व्यापारियों से पेटीएम की जानकारी लेकर रकम ट्रांसफर कर ली गई।
पहला तरीका ओएलएक्स है। गैंग के सदस्य ओएलएक्स पर गाड़ी का विज्ञापन देते हैं। वेबसाइट पर नई गाड़ी की फोटो दिखाते हैं। उसकी कीमत काफी कम रखते हैं, जिससे लोग जाल में फंस जाते हैं।
उन्होंने ओएलएक्स पर विज्ञापन दिया था। टेस्ट ड्राइव के बहाने से बदमाश कार उड़ा ले गया। इसके अलावा कई व्यापारियों से पेटीएम की जानकारी लेकर रकम ट्रांसफर कर ली गई।
पहला तरीका ओएलएक्स है। गैंग के सदस्य ओएलएक्स पर गाड़ी का विज्ञापन देते हैं। वेबसाइट पर नई गाड़ी की फोटो दिखाते हैं। उसकी कीमत काफी कम रखते हैं, जिससे लोग जाल में फंस जाते हैं।
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ऐसा लूटे रुपए
फोन करने वाले व्यक्ति को बुलाकर रुपये लूट लेते थे। साइबर क्राइम सेल के प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि ओएलएक्स पर विज्ञापन दिखाकर लूटने के कई मामले सामने आ चुके हैं।
अभी हाल ही लूट का दूसरा तरीका भी सामने आया था। साइबर क्राइम सेल ने एक गैंग पकड़ा था। एक महीने पहले शहर के कई प्रतिष्ठित संस्थान के मालिकों को जस्ट डायल एप से नंबर लेकर काल किया।
काल करके सामान को बुक किया। इसके बाद पेमेंट पेटीएम से करने की कहकर ओटीपी पूछ लिया गया। जानकारी के अभाव में दुकानदारों ने ओटीपी के पूरे मैसेज को नहीं पढ़ा, जिससे उनके पेटीएम से रकम ट्रांसफर कर ली गई।
अभी हाल ही लूट का दूसरा तरीका भी सामने आया था। साइबर क्राइम सेल ने एक गैंग पकड़ा था। एक महीने पहले शहर के कई प्रतिष्ठित संस्थान के मालिकों को जस्ट डायल एप से नंबर लेकर काल किया।
काल करके सामान को बुक किया। इसके बाद पेमेंट पेटीएम से करने की कहकर ओटीपी पूछ लिया गया। जानकारी के अभाव में दुकानदारों ने ओटीपी के पूरे मैसेज को नहीं पढ़ा, जिससे उनके पेटीएम से रकम ट्रांसफर कर ली गई।
सावधानी से बचाव संभव
साइबर क्राइम सेल के मुताबिक, अगर लोग सतर्क रहेंगे तो बचाव संभव है। ओएलएक्स के विज्ञापन को देखकर काल करके गाड़ी और अन्य सामान की पूरी जानकारी लें। जब देखने जाएं तो कैश साथ लेकर न जाएं।
स्थान ऐसा हो, जहां पर भीड़भाड़ रहती हो। वहीं पेटीएम के मामले में जानकारी जरूरी है। अपना ओटीपी कभी नहीं बताना चाहिए। ओटीपी के मैसेज में स्पष्ट लिखा होता है कि यह पेटीएम को एप पर एक्सेस करने के लिए है। किसी अंजान व्यक्ति को इसको न बताए। इसका ध्यान रखना चाहिए।
साइबर क्राइम सेल ने गैंग के दो बदमाशों को पकड़ा था। उन्होंने पेटीएम की जानकारी लेकर और ओटीपी पूछकर कई व्यापारियों के पेटीएम खाते से रकम ट्रांसफर कर ली थी। यह गैंग मथुरा के देवसेरस गांव का ही था।
स्थान ऐसा हो, जहां पर भीड़भाड़ रहती हो। वहीं पेटीएम के मामले में जानकारी जरूरी है। अपना ओटीपी कभी नहीं बताना चाहिए। ओटीपी के मैसेज में स्पष्ट लिखा होता है कि यह पेटीएम को एप पर एक्सेस करने के लिए है। किसी अंजान व्यक्ति को इसको न बताए। इसका ध्यान रखना चाहिए।
साइबर क्राइम सेल ने गैंग के दो बदमाशों को पकड़ा था। उन्होंने पेटीएम की जानकारी लेकर और ओटीपी पूछकर कई व्यापारियों के पेटीएम खाते से रकम ट्रांसफर कर ली थी। यह गैंग मथुरा के देवसेरस गांव का ही था।