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पुलिस के खिलाफ आज तहरीर देगा रामू का परिवार
अमर उजाला ब्यूरो /आगरा
Updated Tue, 13 Dec 2016 12:10 AM IST
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रामू
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा में पुलिस की गोली लगने से मारे गए फतेहपुर सीकरी के युवक रामू का परिवार मंगलवार को आईजी सुजीत पांडे से मिलकर पुलिस के खिलाफ हत्या की तहरीर देगा। इनके साथ गांव के लोग भी आएंगे। सपा समेत कई पार्टियों के नेताओं ने भी इस लड़ाई में इनका साथ देने का वादा किया है।
इन लोगों का कहना है कि मथुरा पुलिस ने पहले रामू की हत्या की। अब यह साबित करने में लगी है कि उसकी मौत मुठभेड़ में हुई। रामू के चाचा महेंद्र ने बताया कि वह खुद कई बार मथुरा पुलिस से एफआईआर की कॉपी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांग चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें मुहैया नहीं कराई गई है। पुलिस पूरी तरह से फंस रही है। रामू की हत्या की गई है। इसकी जानकारी अफसरों तक को मिल गई है।
उन्होंने बताया कि वह परिवार और गांव के लोगों के साथ मंगलवार को आईजी सुजीत पांडे से मिलने जाऐंगे। रामू की हत्या की तहरीर दी जाएगी। उनका आरोप है कि उसकी हत्या पुलिस ने की है। बता दें, इस घटना में पुलिस बैकफुट पर आ चुकी है। पहले इसे मुठभेड़ बताया गया। लेकिन जब पता चला कि रामू के खिलाफ पहले से केस दर्ज नहीं है तो कहानी बदल गई। पुलिस अफसरों ने कह दिया कि रामू को गोली पुलिस की लगी या पब्लिक की कुछ पता नहीं है। बता दें, पुलिस ने मौके पर फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम भी नहीं बुलाई। जिस सिपाही पर गोली चलाने का शक है, उसकी पिस्टल की जांच भी नहीं कराई गई है।
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कौन हैं फरार बदमाश, किस पर चलाई थी गोली
आगरा। पुलिस की कहानी यह है कि रामू और उसके दो साथी व्यापारी का थैला लूटने की कोशिश कर रहे थे। तभी पुलिस और पब्लिक ने घेर लिया। बदमाशों ने गोली चला दी। जवाबी फायरिंग में रामू मारा गया। उसके साथी भाग गए। इस कहानी में भी पुलिस फंस रही है। पहला सवाल यह है कि बदमाशों ने गोली किस शख्स पर चलाई? ऐसा कोई शख्स पुलिस ने नहीं बताया है। न ही मौकेसे खोखा मिला। दूसरा, जब रामू का मोबाइल मिल गया तो उसके साथियों के नाम पुलिस को क्यों नहीं मिल पाए? इस सवाल पर भी पुलिस की बोलती बंद है। तीसरा, अगर बदमाशों को पुलिस और पब्लिक दोनों ने देखा तो फरार बदमाशों के स्केच क्यों नहीं बनवाए गए? अगर पुलिस की नीयत में खोट नहीं है तो रामू के परिवार को एफआईआर की कॉपी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक क्यों नहीं दी गई है?
पीएमओ को भेजी पुलिस की शिकायत
रामू के परिवार ने पीएमओ, मानवाधिकार आयोग, आईजी, डीआईजी, एसएसपी को फैक्स व रजिस्ट्री भेजकर जांच की मांग की है। वहीं सपा नेता रामनिवास शर्मा एंव जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राजपाल यादव ने मृतक रामू के परिजनों को सांत्वना दी तथा मंगलवार आज आईजी जोन को मिलने के लिए कहा।
इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य जनक सिंह लोधी, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि महावीर सिंह वर्मा भी मौजूद रहे। मृतक रामू के भाई अजीत कुमार लोधी ने प्रधानमंत्री कार्यालय मानवधिकार आयोग, आईजी, डीआईजी, एसएसपी मथुरा को शिकायती पत्र भेजकर न्यायिक जांच कराये जाने की मांग की है।
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इन लोगों का कहना है कि मथुरा पुलिस ने पहले रामू की हत्या की। अब यह साबित करने में लगी है कि उसकी मौत मुठभेड़ में हुई। रामू के चाचा महेंद्र ने बताया कि वह खुद कई बार मथुरा पुलिस से एफआईआर की कॉपी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांग चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें मुहैया नहीं कराई गई है। पुलिस पूरी तरह से फंस रही है। रामू की हत्या की गई है। इसकी जानकारी अफसरों तक को मिल गई है।
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उन्होंने बताया कि वह परिवार और गांव के लोगों के साथ मंगलवार को आईजी सुजीत पांडे से मिलने जाऐंगे। रामू की हत्या की तहरीर दी जाएगी। उनका आरोप है कि उसकी हत्या पुलिस ने की है। बता दें, इस घटना में पुलिस बैकफुट पर आ चुकी है। पहले इसे मुठभेड़ बताया गया। लेकिन जब पता चला कि रामू के खिलाफ पहले से केस दर्ज नहीं है तो कहानी बदल गई। पुलिस अफसरों ने कह दिया कि रामू को गोली पुलिस की लगी या पब्लिक की कुछ पता नहीं है। बता दें, पुलिस ने मौके पर फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम भी नहीं बुलाई। जिस सिपाही पर गोली चलाने का शक है, उसकी पिस्टल की जांच भी नहीं कराई गई है।
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कौन हैं फरार बदमाश, किस पर चलाई थी गोली
आगरा। पुलिस की कहानी यह है कि रामू और उसके दो साथी व्यापारी का थैला लूटने की कोशिश कर रहे थे। तभी पुलिस और पब्लिक ने घेर लिया। बदमाशों ने गोली चला दी। जवाबी फायरिंग में रामू मारा गया। उसके साथी भाग गए। इस कहानी में भी पुलिस फंस रही है। पहला सवाल यह है कि बदमाशों ने गोली किस शख्स पर चलाई? ऐसा कोई शख्स पुलिस ने नहीं बताया है। न ही मौकेसे खोखा मिला। दूसरा, जब रामू का मोबाइल मिल गया तो उसके साथियों के नाम पुलिस को क्यों नहीं मिल पाए? इस सवाल पर भी पुलिस की बोलती बंद है। तीसरा, अगर बदमाशों को पुलिस और पब्लिक दोनों ने देखा तो फरार बदमाशों के स्केच क्यों नहीं बनवाए गए? अगर पुलिस की नीयत में खोट नहीं है तो रामू के परिवार को एफआईआर की कॉपी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक क्यों नहीं दी गई है?
पीएमओ को भेजी पुलिस की शिकायत
रामू के परिवार ने पीएमओ, मानवाधिकार आयोग, आईजी, डीआईजी, एसएसपी को फैक्स व रजिस्ट्री भेजकर जांच की मांग की है। वहीं सपा नेता रामनिवास शर्मा एंव जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राजपाल यादव ने मृतक रामू के परिजनों को सांत्वना दी तथा मंगलवार आज आईजी जोन को मिलने के लिए कहा।
इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य जनक सिंह लोधी, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि महावीर सिंह वर्मा भी मौजूद रहे। मृतक रामू के भाई अजीत कुमार लोधी ने प्रधानमंत्री कार्यालय मानवधिकार आयोग, आईजी, डीआईजी, एसएसपी मथुरा को शिकायती पत्र भेजकर न्यायिक जांच कराये जाने की मांग की है।