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पुलिस के हत्थे चढ़ा पत्नी का हत्यारोपी
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Thu, 07 Jul 2016 01:45 AM IST
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मासूम बेटे के सामने पत्नी को चार गोलियां मारी थीं
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ताजगंज के सैमरी का ताल में 28 जून की सुबह चार साल के मासूम बेटे अभिषेक के सामने पत्नी रेखा ( 30) की गोलियों से भूनकर हत्या करने का आरोपी जनक पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वह बुधवार शाम अपने घर पर आया था। वहीं पर दबोच लिया गया। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लाइसेंसी बंदूक भी बरामद कर ली गई है।
रेखा ब्राहमण थी। जनक सिंह ठाकुर है। ट्रक चलाता है। दोनों पहले शमसाबाद में रहते थे। प्रेम विवाह के बाद घर छोड़कर सैमरी का ताल में किराए पर रह रहे थे। काफी दिनों से दोनों में विवाद था। कई बार झगड़ा हो चुका था। 28 जून की सुबह जनक सिंह पांच बजे घर आया था। एफआईआर के मुताबिक उसने रेखा को बर्बरता से पीटा। उसके शव पर चोटों के निशान मिले थे। इसके बाद लाइसेंसी बंदूक से एक के बाद एक चार गोलियां मारी। रेखा की मौके पर ही मौत हो गई।
बेटा अभिषेक रो रहा था। उसने जनक सिंह को रोका भी था। कई बार कहा कि मम्मी को मत मारो लेकिन वह नहीं रुका। बाद में अभिषेक ने पुलिस को बताया था कि उसके सामने ही पापा ने मम्मी को गोली मार दी। जनक सिंह फरार हो गया था। उसे लोगों ने बंदूक लेकर भागते हुए देखा था।
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शक में ले ही जान
पुलिस ने जनक सिंह से हुई पूछताछ के हवाले से बताया कि उसे शक हो गया था कि उसकी गैर मौजूदगी में उसका दोस्त घर आता है। वह इसका सुबूत हासिल करना चाहता था। इसके लिए 28 जून की सुबह घर में चुपचाप आया और बाथरूम में छिप गया।
पहले पीटा, फिर गोली मारी
रेखा को बाथरूम में किसी के होने का अहसास हुआ तो उसने उसे नहीं, उसके दोस्त को फोन किया। उसने फोन पर दोस्त का नाम जैसे ही सुना वैसे ही बंदूक लेकर बाहर आया। पहले उसे पीटा और फिर गोलियों से भून दिया।
पीछे के रास्ते से भागा था
वह बेटे अभिषेक को साथ लेकर जाना चाहता था लेकिन पकड़े जाने के डर से ऐसा नहीं कर पाया। पुलिस ने बताया कि वह पीछे के रास्ते से भागा था।
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रेखा ब्राहमण थी। जनक सिंह ठाकुर है। ट्रक चलाता है। दोनों पहले शमसाबाद में रहते थे। प्रेम विवाह के बाद घर छोड़कर सैमरी का ताल में किराए पर रह रहे थे। काफी दिनों से दोनों में विवाद था। कई बार झगड़ा हो चुका था। 28 जून की सुबह जनक सिंह पांच बजे घर आया था। एफआईआर के मुताबिक उसने रेखा को बर्बरता से पीटा। उसके शव पर चोटों के निशान मिले थे। इसके बाद लाइसेंसी बंदूक से एक के बाद एक चार गोलियां मारी। रेखा की मौके पर ही मौत हो गई।
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बेटा अभिषेक रो रहा था। उसने जनक सिंह को रोका भी था। कई बार कहा कि मम्मी को मत मारो लेकिन वह नहीं रुका। बाद में अभिषेक ने पुलिस को बताया था कि उसके सामने ही पापा ने मम्मी को गोली मार दी। जनक सिंह फरार हो गया था। उसे लोगों ने बंदूक लेकर भागते हुए देखा था।
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शक में ले ही जान
पुलिस ने जनक सिंह से हुई पूछताछ के हवाले से बताया कि उसे शक हो गया था कि उसकी गैर मौजूदगी में उसका दोस्त घर आता है। वह इसका सुबूत हासिल करना चाहता था। इसके लिए 28 जून की सुबह घर में चुपचाप आया और बाथरूम में छिप गया।
पहले पीटा, फिर गोली मारी
रेखा को बाथरूम में किसी के होने का अहसास हुआ तो उसने उसे नहीं, उसके दोस्त को फोन किया। उसने फोन पर दोस्त का नाम जैसे ही सुना वैसे ही बंदूक लेकर बाहर आया। पहले उसे पीटा और फिर गोलियों से भून दिया।
पीछे के रास्ते से भागा था
वह बेटे अभिषेक को साथ लेकर जाना चाहता था लेकिन पकड़े जाने के डर से ऐसा नहीं कर पाया। पुलिस ने बताया कि वह पीछे के रास्ते से भागा था।