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लूट के लिए किया था डबल मर्डर
लूट के लिए किया था डबल मर्डर
Updated Thu, 26 Jan 2017 12:24 AM IST
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सीबीआई टीम।
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बल्केश्वर के चांदनी चौक में देसी शराब के ठेके पर हुए डबल मर्डर का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। वारदात ठेके के सेल्समैन राम प्रवेश के जीजा बबलू उर्फ देवीचरन गुप्ता ने की थी। वह लूट के इरादे से आया था। राहुल और कमलेश को गाजर के हलवे में नींद की गोलियां मिलाकर दे दीं थीं। उनके बेहोश हो जाने के बाद 61700 रुपये कैश लूटा। इसके बाद एक एक कर दोनों को मौत की नींद सुला दिया। पुलिस ने उससे लूटे गए कैश में से 56000 रुपये बरामद किए हैं।
बबलू मूल रूप से इटावा के भरथना के गांव पीपरीपुर का रहने वाला है। लेकिन काफी दिन से आगरा में ही रह रहा था। वह राहुल के भाई गौरव के साथ भी शराब के ठेके पर काम कर चुका है। डबल मर्डर की रिपोर्ट गौरव ने दर्ज कराई थी। बबलू पर किसी को शक नहीं था, लेकिन जब ठेके के आस पास के सीसीटीवी फुटेज देखे गए तो जांच उसी पर केंद्रित हो गई। वह राहुल और कमलेश के साथ ढाबे की ओर जाता नजर आ गया। पुलिस ने फुटेज गौरव को दिखाए तो उसने उसे पहचान लिया। उससे पूछताछ हुई तो वारदात के राज से पर्दा उठ गया। एसपी सिटी सुशील कुमार घुले ने पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि बबलू को वाटर वर्क्स चौराहा से गिरफ्तार किया गया।
बता दें, शराब के ठेके पर 20 जनवरी की रात फीरोजाबाद के पचोखरा के छिकाऊ निवासी राहुल ( 28) और फीरोजाबाद के ही नारखी के राजमल निवासी कमलेश यादव ( 32) की हत्या की गई थी। दोनों ठेके पर कर्मचारी थे। उन्हें गला घोटकर मारा गया था। दोनों के शव केबिन में मिले थे। पास के कमरे में सफाईकर्मी कम्मो सो रहा था। उसने बताया था कि उसे हत्या का पता नहीं चल पाया। शुरू से शक था कि वारदात में किसी करीबी का हाथ हो सकता है।
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20 दिन से कत्ल की फिराक में था बबलू
आगरा। ठेका कर्मचारी राहुल और कमलेश की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया इटावा के भरतना के पीपरीपुर का बबलू 20 दिन से इस वारदात की फिराक में था। वह कई बार ठेके पर आधी रात के बाद गया। लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पाया। 19 की रात भी वह नींद की गोलियां लेकर पहुंचा था लेकिन वहां पांच लोग मौजूद थे। उन्हें देखकर लौट आया। वह भरथना के मेडिकल स्टोर से नींद की 20 गोलियां खरीद लाया था। 20 जनवरी की रात जब कत्ल के इरादे से ठेकेपर पहुंचा, तो एक पॉलीबैग में गाजर का हलवा ले गया। इसमें सभी गोलियां पीसकर मिला दी थीं। वह ठेके पर पहुंचा। वहां पता चला कि राहुल और कमलेश पास के ढाबे पर खाना खाने गए हैं। वह भी वहीं पर पहुंच गया। खाने के बाद वे लोग ठेके पर आ गए। जब कम्मो ने गेट खोला, तो वह साइड में हो गया। रात के 11:30 बजे थे। कम्मो दूसरे कमरे में चला गया। बबलू ने पुलिस को बताया कि इसके बाद उसने राहुल और कमलेश को गाजर का हलवा खाने के लिए दिया। उसे खाते ही दोनों बेहोश हो गए। उसने रात के तीन बजे चादर से दोनों का गला दबा दिया। पहले राहुल को मारा और फिर कमलेश को। उनके पास से 61700 रुपये लूट लिए। इसके बाद वह बाहर से कुंडी लगाकर अपने घर चला गया था।
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बबलू मूल रूप से इटावा के भरथना के गांव पीपरीपुर का रहने वाला है। लेकिन काफी दिन से आगरा में ही रह रहा था। वह राहुल के भाई गौरव के साथ भी शराब के ठेके पर काम कर चुका है। डबल मर्डर की रिपोर्ट गौरव ने दर्ज कराई थी। बबलू पर किसी को शक नहीं था, लेकिन जब ठेके के आस पास के सीसीटीवी फुटेज देखे गए तो जांच उसी पर केंद्रित हो गई। वह राहुल और कमलेश के साथ ढाबे की ओर जाता नजर आ गया। पुलिस ने फुटेज गौरव को दिखाए तो उसने उसे पहचान लिया। उससे पूछताछ हुई तो वारदात के राज से पर्दा उठ गया। एसपी सिटी सुशील कुमार घुले ने पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि बबलू को वाटर वर्क्स चौराहा से गिरफ्तार किया गया।
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बता दें, शराब के ठेके पर 20 जनवरी की रात फीरोजाबाद के पचोखरा के छिकाऊ निवासी राहुल ( 28) और फीरोजाबाद के ही नारखी के राजमल निवासी कमलेश यादव ( 32) की हत्या की गई थी। दोनों ठेके पर कर्मचारी थे। उन्हें गला घोटकर मारा गया था। दोनों के शव केबिन में मिले थे। पास के कमरे में सफाईकर्मी कम्मो सो रहा था। उसने बताया था कि उसे हत्या का पता नहीं चल पाया। शुरू से शक था कि वारदात में किसी करीबी का हाथ हो सकता है।
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20 दिन से कत्ल की फिराक में था बबलू
आगरा। ठेका कर्मचारी राहुल और कमलेश की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया इटावा के भरतना के पीपरीपुर का बबलू 20 दिन से इस वारदात की फिराक में था। वह कई बार ठेके पर आधी रात के बाद गया। लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पाया। 19 की रात भी वह नींद की गोलियां लेकर पहुंचा था लेकिन वहां पांच लोग मौजूद थे। उन्हें देखकर लौट आया। वह भरथना के मेडिकल स्टोर से नींद की 20 गोलियां खरीद लाया था। 20 जनवरी की रात जब कत्ल के इरादे से ठेकेपर पहुंचा, तो एक पॉलीबैग में गाजर का हलवा ले गया। इसमें सभी गोलियां पीसकर मिला दी थीं। वह ठेके पर पहुंचा। वहां पता चला कि राहुल और कमलेश पास के ढाबे पर खाना खाने गए हैं। वह भी वहीं पर पहुंच गया। खाने के बाद वे लोग ठेके पर आ गए। जब कम्मो ने गेट खोला, तो वह साइड में हो गया। रात के 11:30 बजे थे। कम्मो दूसरे कमरे में चला गया। बबलू ने पुलिस को बताया कि इसके बाद उसने राहुल और कमलेश को गाजर का हलवा खाने के लिए दिया। उसे खाते ही दोनों बेहोश हो गए। उसने रात के तीन बजे चादर से दोनों का गला दबा दिया। पहले राहुल को मारा और फिर कमलेश को। उनके पास से 61700 रुपये लूट लिए। इसके बाद वह बाहर से कुंडी लगाकर अपने घर चला गया था।