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सराफ हत्याकांडः बदमाशों की फरारी में ‘फंस’ रही मथुरा पुलिस
पुनीत शर्मा/ अमर उजाल मथुरा
Updated Tue, 16 May 2017 11:30 PM IST
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मथुरा पहुंचे एडीजी अजय आनंद
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा के सराफ हत्याकांड और लूट के मामले में बदमाशों की फरारी से मथुरा पुलिस बुरी तरह ‘फंस’ रही है। पुलिस ने बदमाशों को शहर से फरार होने के लिए पूरा वक्त दिया। एक घंटे के बाद तो चेकिंग कराई गई। हाईवे और एक्सप्रेसवे पर कहीं कोई अलर्ट तक नहीं था। अधिकारी शहर की सीमाओं को भी सील करना भूल गए। अगर उसी वक्त शहर की सीमाएं सील करके चेकिंग की जाती तो बदमाशों को पकड़ा जा सकता था।
प्रदेश भर में सनसनी बना सराफ हत्या-लूटकांड की वारदात 15 मई की रात को करीब सवा आठ बजे की है। बदमाशों ने होलीगेट के पास कोयला वाली गली में पूरे आधा घंटा लूटपाट की। मेघ अग्रवाल और विकास अग्रवाल की हत्या करके चार करोड़ का सोना लूट ले गए। इस पूरी घटना में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
पुलिस ने शहर की सीमाओं को सील करने तक का आदेश नहीं जारी किया। रात को दस बजे के बाद तो जिले भर के सीओ और थानाध्यक्ष कॉल किए गए। साढ़े दस बजे चेकिंग के लिए मजिस्ट्रेट लगाए गए। इतने वक्त में तो बदमाश पुलिस की पकड़ से बहुत दूर जा चुके थे।
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आगरा-दिल्ली हाईवे, मथुरा-अलीगढ़ मार्ग, मथुरा-पलवल मार्ग पर तो कोई चेकिंग ही नहीं की गई। यमुना एक्सप्रेसवे पर भी किसी प्रकार का कोई अलर्ट नहीं था। जबकि बदमाशों को भागने के लिए एक्सप्रेसवे सबसे आसान रास्ता था। माना जा रहा है कि अगर पुलिस ने घटना के तत्काल बाद सीमाओं को सील करके चेकिंग की होती तो बदमाश पकड़ में होते। जिन लोगों ने बदमाशों को भागते हुए देखा था उनकी सूचना पर भी पुलिस ने चेकिंग नहीं की।
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प्रदेश भर में सनसनी बना सराफ हत्या-लूटकांड की वारदात 15 मई की रात को करीब सवा आठ बजे की है। बदमाशों ने होलीगेट के पास कोयला वाली गली में पूरे आधा घंटा लूटपाट की। मेघ अग्रवाल और विकास अग्रवाल की हत्या करके चार करोड़ का सोना लूट ले गए। इस पूरी घटना में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
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पुलिस ने शहर की सीमाओं को सील करने तक का आदेश नहीं जारी किया। रात को दस बजे के बाद तो जिले भर के सीओ और थानाध्यक्ष कॉल किए गए। साढ़े दस बजे चेकिंग के लिए मजिस्ट्रेट लगाए गए। इतने वक्त में तो बदमाश पुलिस की पकड़ से बहुत दूर जा चुके थे।
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आगरा-दिल्ली हाईवे, मथुरा-अलीगढ़ मार्ग, मथुरा-पलवल मार्ग पर तो कोई चेकिंग ही नहीं की गई। यमुना एक्सप्रेसवे पर भी किसी प्रकार का कोई अलर्ट नहीं था। जबकि बदमाशों को भागने के लिए एक्सप्रेसवे सबसे आसान रास्ता था। माना जा रहा है कि अगर पुलिस ने घटना के तत्काल बाद सीमाओं को सील करके चेकिंग की होती तो बदमाश पकड़ में होते। जिन लोगों ने बदमाशों को भागते हुए देखा था उनकी सूचना पर भी पुलिस ने चेकिंग नहीं की।
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यहां हुई चूक
- घटना की सूचना मिलते ही नाकेबंदी होनी चाहिए थी
- जिले भर में जगह-जगह फोर्स सड़कों पर उतारा जाता
- कोयला गली के लिए दोनों रास्तों से फोर्स का मूवमेंट होता
- जाम से बचने को बाइक सवार पुलिस वाले दौड़ने चाहिए थे
- शहर के सभी रास्तों पर पुलिस तैनात कर दी जाती
- घायलों के लिए तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाती
- जिला अस्पताल को भी तत्काल सूचित कर दिया जाता
- जिला अस्पताल के डाक्टरों को अलर्ट किया जाता
- खुफिया तंत्र को भी एक्टिव किया जाना चाहिए था
- आसपास के जनपदों को भी तत्काल मैसेज होना चाहिए था
- जिले भर में जगह-जगह फोर्स सड़कों पर उतारा जाता
- कोयला गली के लिए दोनों रास्तों से फोर्स का मूवमेंट होता
- जाम से बचने को बाइक सवार पुलिस वाले दौड़ने चाहिए थे
- शहर के सभी रास्तों पर पुलिस तैनात कर दी जाती
- घायलों के लिए तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाती
- जिला अस्पताल को भी तत्काल सूचित कर दिया जाता
- जिला अस्पताल के डाक्टरों को अलर्ट किया जाता
- खुफिया तंत्र को भी एक्टिव किया जाना चाहिए था
- आसपास के जनपदों को भी तत्काल मैसेज होना चाहिए था