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अमेजॉन कंपनी को 'हाईटेक' चोरों ने लगाया लाखों रुपये का चूना, जीआरपी ने छह शातिर दबोचे

Fri, 28 Dec 2018 05:56 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 28 Dec 2018 05:56 PM IST
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grp arrested mobile thieves at agra cantt railway station
जीआरपी ने पकड़े छह शातिर चोर - फोटो : अमर उजाला
जीआरपी आगरा कैंट ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजॉन के वेयर हाउसों में सेंध लगाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य वेयरहाउसों में मोबाइल सप्लाई करने वाली गाड़ियों में से रास्ते में ही कीमती मोबाइल चुरा लेते थे। ग्राहकों के पास मोबाइल के खाली डिब्बे पहुंचते थे। कंपनी को भी इन चोरियों की भनक नहीं लग पा रही थी।
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एसपी जीआरपी अभिषेक यादव को आगरा कैंट स्टेशन से चोरी के मोबाइल बेचे जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्होंने आगरा कैंट जीआरपी की टीम को इसके खुलासे में लगाया था। टीम आगरा कैंट पर नए मोबाइल यात्रियों को बेचने पहुंचे दो सदस्यों को पकड़ने के बाद पूरे गिरोह तक पहुंची। 
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सीओ जीआरपी अनुराग दर्शन ने बताया कि सकरौली, एटा निवासी भूपेंद्र उर्फ लंबू, अलीगढ़ के अतरौली निवासी जितेंद्र सिंह, सुबोध कुमार, मैनपुरी निवासी सलमान, खंदौली निवासी गजेंद्र सिंह व हाथरस के सादाबाद निवासी कपिल कुमार को गिरफ्तार किया है। पकड़े गया गिरोह शातिर बदमाशों का है, जोकि अमेजॉन कंपनी को कई सालों से लाखों रुपये का चूना लगा रहे थे। 
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चलती गाड़ी से उड़ाते थे माल

जितेंद्र इलेक्ट्रोनिक लॉक खोलकर उन्हें पुन: बंद करने में माहिर है। सीओ ने बताया कि कंपनी के आगरा, जयपुर, पुणे जैसे शहरों में वेयरहाउस में माल की डिलीवरी के वक्त मोबाइल चोरी करते थे। गाड़ी चालक की साठगांठ से गैंग के सदस्य चलती गाड़ी में ही सवार होते थे। 

इसके बाद इलेक्ट्रोनिक लॉक तोड़ने के बाद मोबाइल के डिब्बे चोरी करने के बाद दोबारा उसी तरह लॉक कर देते थे। यह कार्य कई साल से चल रहा था। ग्राहकों के पास मोबाइल के स्थान पर खाली डिब्बे ही पहुंचते थे। कंपनी के अधिकारी भी काफी समय से इन चोरों की तलाश में लगे थे।

जीपीएस से होती है गाड़ियों की निगरानी

वेयरहाउस जाने वाली गाड़ियों में जीपीएस लगा होता है। इसके चलते मूवमेंट पर निगरानी रहती है। गाड़ी के रोके जाने पर चालक से रिपोर्ट मांगी जाती है। शातिर चलती गाड़ी में ही वारदात करते थे। जितेंद्र गिरोह का सरगना है, इसलिए वह चोरी के मोबाइलों की 50 फीसदी रकम खुद रखता है। बाकी रकम अन्य सदस्यों के हिस्से में जाती है।

यह हुआ बरामद

चोरों के पास से 14 नये डिब्बाबंद मोबाइल और 13 पुराने मोबाइल बरामद किए गए हैं। ये सभी फोन काफी महंगे बताए जा रहे हैं। 

गिरोह के सदस्यों की तलाश

एसपी जीआरपी अभिषेक यादव ने बताया कि गिरोह के तार अन्य राज्यों में भी फैले हुए हैं। कई राज्यों में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
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