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उन्होंने अपने पापा का बदला लेने के लिए मेरे मामा की हत्या की है
उन्होंने अपने पापा का बदला लेने के लिए मेरे मामा की हत्या की है
Updated Mon, 27 Feb 2017 12:55 AM IST
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उन्होंने अपने पापा का बदला लेने के लिए मेरे मामा की हत्या की है
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुंशीदास के भांजे सोनू ने डौकी थाना में केस दर्ज कराया है। इसमें गांव नरि के मुरारी, उनका बेटा शिवराम, जीजा जतन और जयराम के बेटे अशोक तथा राकेश को नामजद कराया गया है।
बताया गया है कि दो बाईकों पर छह लोग आए थे। नामजद पांच हैं। एक अज्ञात है। इनमें राकेश और शिवराम पूठा गांव के हैं। उनके पिता जयराम की हत्या में ही बाबा मुंशीदास जेल गए थे। अन्य तीन आरोपी नरि गांव के हैं। सोनू का कहना है कि लोग मुंशीदास को बचाने के लिए भागे तो हमलावरों ने उन पर भी फायर कर दिया। पुलिस ने हत्या और जानलेवा हमला की धाराओं में केस दर्ज किया है।
बकौल सोनू, आरोपी जोर जोर से कह रहे थे कि पिता की हत्या का बदला लेना है। यह कहते हुए ही गोली चलाई। उनकी बातें पास खड़े लोगों ने सुनी थी। वे भागते समय भी यही दोहरा रहे थे कि आज पिता की हत्या का बदला ले लिया। सोनू ने तहरीर में लिखा है कि वह , बीरी सिंह, हरिओम, तुलाराम, पप्पू, डोरे लाल उनकी ओर भागे। सभी लोग उन्हें पकड़ना चाहते थे लेकिन उन्होंने तमंचे ले रखे। लोगों को अपनी ओर आता देख हमलावरों ने गोली चला दी।
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इसमें वह और आश्रम के अन्य लोग बाल बाल बचे। पुलिस ने इसी हमले के चलते धारा 307 लगाई है। पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है। इसकी जांच की जा रही है। मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है। उनसे पूछताछ की जाएगी। इसके बाद ही साफ होगा कि आगे की कार्रवाई क्या होगी।
अनुयायियों ने किया हंगामा
फतेहाबाद। मुंशीदास की हत्या से उनके अनुयायी गुस्से में हैं। उन्होंने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उनका कहना था कि इसमें देरी नहीं होनी चाहिए।
हमलावरों की पहचान में लगी पुलिस
फतेहाबाद। पुलिस केपास हमलावरों का कोई सुराग नहीं है। सिर्फ हुलिया मालूम है। कुछ लोगों ने उन्हें देखा है। पुलिस की कोशिश हमलावरों का सुराग लगाने की है। उनके पकड़े जाने पर भी हत्या की वजह सामने आ पाएगी। फिलहाल पुलिस यह मानकर चल रही है कि मुंशीदास की कई लोगों से रंजिश थी। इनमें से वे लोग भी हैं जिनके परिवारीजनों की हत्या का बाबा पर आरोप था। दूसरे वे हैं जिन्होंने बाबा के खिलाफ जमीन कब्जाने की शिकायत की। दोनों बिन्दुओं पर पुलिस की जांच चल रही है।
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बताया गया है कि दो बाईकों पर छह लोग आए थे। नामजद पांच हैं। एक अज्ञात है। इनमें राकेश और शिवराम पूठा गांव के हैं। उनके पिता जयराम की हत्या में ही बाबा मुंशीदास जेल गए थे। अन्य तीन आरोपी नरि गांव के हैं। सोनू का कहना है कि लोग मुंशीदास को बचाने के लिए भागे तो हमलावरों ने उन पर भी फायर कर दिया। पुलिस ने हत्या और जानलेवा हमला की धाराओं में केस दर्ज किया है।
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बकौल सोनू, आरोपी जोर जोर से कह रहे थे कि पिता की हत्या का बदला लेना है। यह कहते हुए ही गोली चलाई। उनकी बातें पास खड़े लोगों ने सुनी थी। वे भागते समय भी यही दोहरा रहे थे कि आज पिता की हत्या का बदला ले लिया। सोनू ने तहरीर में लिखा है कि वह , बीरी सिंह, हरिओम, तुलाराम, पप्पू, डोरे लाल उनकी ओर भागे। सभी लोग उन्हें पकड़ना चाहते थे लेकिन उन्होंने तमंचे ले रखे। लोगों को अपनी ओर आता देख हमलावरों ने गोली चला दी।
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इसमें वह और आश्रम के अन्य लोग बाल बाल बचे। पुलिस ने इसी हमले के चलते धारा 307 लगाई है। पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है। इसकी जांच की जा रही है। मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है। उनसे पूछताछ की जाएगी। इसके बाद ही साफ होगा कि आगे की कार्रवाई क्या होगी।
अनुयायियों ने किया हंगामा
फतेहाबाद। मुंशीदास की हत्या से उनके अनुयायी गुस्से में हैं। उन्होंने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उनका कहना था कि इसमें देरी नहीं होनी चाहिए।
हमलावरों की पहचान में लगी पुलिस
फतेहाबाद। पुलिस केपास हमलावरों का कोई सुराग नहीं है। सिर्फ हुलिया मालूम है। कुछ लोगों ने उन्हें देखा है। पुलिस की कोशिश हमलावरों का सुराग लगाने की है। उनके पकड़े जाने पर भी हत्या की वजह सामने आ पाएगी। फिलहाल पुलिस यह मानकर चल रही है कि मुंशीदास की कई लोगों से रंजिश थी। इनमें से वे लोग भी हैं जिनके परिवारीजनों की हत्या का बाबा पर आरोप था। दूसरे वे हैं जिन्होंने बाबा के खिलाफ जमीन कब्जाने की शिकायत की। दोनों बिन्दुओं पर पुलिस की जांच चल रही है।