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भाजपाइयों पर बगैर गिरफ्तारी चार्जशीट की तैयारी
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 01 Mar 2016 02:17 AM IST
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विहिप नेता अरुण माहौर की हत्या के बाद हुए बवाल में पुलिस ने भाजपाइयों पर न केवल केस दर्ज किए बल्कि उनके नाम मालूम करने के लिए वीडियो फुटेज की पड़ताल भी की जा रही है। लेकिन अफसरों का रवैय्या आरोपियों की गिरफ्तारी कराने का नहीं लग रहा है। पुलिस सूत्रों की मानें तो केस डायरी में नाम खोलने के बाद गिरफ्तारी किए बगैर कोर्ट में सीधे चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि केस दर्ज होने के बाद तीन दिन से इसी पर विचार विमर्श चल रहा है कि कार्रवाई किस तरह की जानी है? एक एफआईआर में छह नेताओं के नाम खोले गए हैं लेकिन उन्हें भी पकड़ने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। पुलिस को लग रहा है कि अगर भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी की तो बवाल हो सकता है। इस डर से कार्रवाई गुपचुप तरीके से करने की योजना बनाई जा रही है।
इन मुकदमों में 600-700 अज्ञात आरोपी हैं। पुलिस की तैयारी 50-60 नाम खोलकर इनके खिलाफ सीधे चार्जशीट की है। हालांकि अधिकारी अधिकारिक तौर पर यही कह रहे हैं कि इन मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुकदमों में जाम लगाने, तोड़फोड़ करने, सरकारी काम में बाधा, सेवन क्रिमिनल लॉ एक्ट और धार्मिक भावनाओं को ठोस पहुंचाने की धाराएं हैं। बवाल की वीडियो फुटेज पुलिस के पास है। इसे जांच में शामिल कर लिया गया है। इसलिए इन मामलों में फाइनल रिपोर्ट की संभावना फिलहाल नहीं लग रही।
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श्रद्धांजलि सभा के भाषणों से हड़कंप
आगरा। विहिप नेता अरुण माहौर की शोकसभा में दिए गए भड़काऊ और संप्रदायिक भाषणों ने हड़कंप मचा दिया है। एलआईयू और आईबी इन भाषणों के साक्ष्य जुटाने में लग गई है। खासतौर से केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया, सांसद चौधरी बाबूलाल, विहिप के केंद्रीय संयुक्त मंत्री डा. सुरेंद्र जैन और साध्वी प्राची के भाषणों का विश्लेषण किया जा रहा है। वहीं प्रशासन ने अपने स्तर से पूरे कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग पहले ही कराकर सुरक्षित रख ली है।
बता दें कि जयपुर हाउस स्थित रामलीला पार्क में रविवार को हुई श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न समाजों के अलावा भाजपा, विहिप, बजरंग दल और संघ से जुड़े लोगों ने तीखे भाषण दिए थे। इसमें सांसद बाबूलाल ने एक समुदाय विशेष पर सीधा निशाना साधा था। सुरेंद्र जैन ने भी खूब हमले किए थे। सूत्रों की मानें तो इन भाषणों से शहर की फजां पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि एलआईयू और आईबी अलर्ट हो गई है। इधर, विपक्षी दलों के कुछ नेता कठेरिया के भाषण के सहारे केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गए हैं।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि केस दर्ज होने के बाद तीन दिन से इसी पर विचार विमर्श चल रहा है कि कार्रवाई किस तरह की जानी है? एक एफआईआर में छह नेताओं के नाम खोले गए हैं लेकिन उन्हें भी पकड़ने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। पुलिस को लग रहा है कि अगर भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी की तो बवाल हो सकता है। इस डर से कार्रवाई गुपचुप तरीके से करने की योजना बनाई जा रही है।
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इन मुकदमों में 600-700 अज्ञात आरोपी हैं। पुलिस की तैयारी 50-60 नाम खोलकर इनके खिलाफ सीधे चार्जशीट की है। हालांकि अधिकारी अधिकारिक तौर पर यही कह रहे हैं कि इन मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुकदमों में जाम लगाने, तोड़फोड़ करने, सरकारी काम में बाधा, सेवन क्रिमिनल लॉ एक्ट और धार्मिक भावनाओं को ठोस पहुंचाने की धाराएं हैं। बवाल की वीडियो फुटेज पुलिस के पास है। इसे जांच में शामिल कर लिया गया है। इसलिए इन मामलों में फाइनल रिपोर्ट की संभावना फिलहाल नहीं लग रही।
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श्रद्धांजलि सभा के भाषणों से हड़कंप
आगरा। विहिप नेता अरुण माहौर की शोकसभा में दिए गए भड़काऊ और संप्रदायिक भाषणों ने हड़कंप मचा दिया है। एलआईयू और आईबी इन भाषणों के साक्ष्य जुटाने में लग गई है। खासतौर से केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया, सांसद चौधरी बाबूलाल, विहिप के केंद्रीय संयुक्त मंत्री डा. सुरेंद्र जैन और साध्वी प्राची के भाषणों का विश्लेषण किया जा रहा है। वहीं प्रशासन ने अपने स्तर से पूरे कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग पहले ही कराकर सुरक्षित रख ली है।
बता दें कि जयपुर हाउस स्थित रामलीला पार्क में रविवार को हुई श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न समाजों के अलावा भाजपा, विहिप, बजरंग दल और संघ से जुड़े लोगों ने तीखे भाषण दिए थे। इसमें सांसद बाबूलाल ने एक समुदाय विशेष पर सीधा निशाना साधा था। सुरेंद्र जैन ने भी खूब हमले किए थे। सूत्रों की मानें तो इन भाषणों से शहर की फजां पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि एलआईयू और आईबी अलर्ट हो गई है। इधर, विपक्षी दलों के कुछ नेता कठेरिया के भाषण के सहारे केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गए हैं।