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एडीए कर्मचारी की मुखबिरी पर हुई थी सराफ की हत्या
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Tue, 19 Jan 2016 01:47 AM IST
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पृथ्वीनाथ पुलिस चौकी के पास सराफ संजय वर्मा से लूट का विरोध होने पर उनकी हत्या कर दिए जाने की वारदात में पुलिस ने माखन नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर मुखबिरी करने का आरोप है। उसका रिश्तेदार और घटना का मास्टरमाइंड गोला बघेल अभी तक फरार है।
सदर वन के रहने वाले माखन ने ही बताया था कि संजय वर्मा दुकान बंद करने के बाद जेवरात से भरा बैग लेकर घर जाते हैं। वह चार दिन तक मुखबिरी के लिए उनकी दुकान के आस पास टहलता रहा था। वह बल्देव (मथुरा) के बाइक चोर गोला का ममेरा भाई है। गोला ने ही पूरा प्लान तैयार किया था। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
उसके दो साथी वीरेंद्र उर्फ वीरू और प्रमोद पब्लिक ने पकड़ लिए थे। पुलिस ने बताया कि माखन एडीए में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। उसके पिता भी एडीए में कर्मचारी थे। उनकी मृत्यु के बाद माखन को मृतक आश्रित के रूप में नौकरी मिली थी। उसने बताया कि गोला के प्लान के मुताबिक, लूट की रकम चार हिस्सों में बंटनी थी। इसमें उसे भी एक छोटा सा हिस्सा मिलना था। इसी लालच में उसने गोला की मदद की। उससे कहा गया था कि सराफ के साथ लूट करनी है, लेकिन उन्होंने हत्या कर दी। घटना के बाद फरार हुए गोला ने उसे फोन करके बता दिया था कि वीरू और प्रमोद पकड़ लिए गए हैं। इसलिए वह भी भाग गया था।
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गैंगस्टर एक्ट लगाएगी पुलिस
घटना की गंभीरता देखते हुए पुलिस गोला के गैंग पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है। गोला की हिस्ट्रीशीट भी खोली जाएगी। इस गिरोह का वीरू पहले से हिस्ट्रीशीटर है। प्रमोद के खिलाफ पहले से तीन केस दर्ज हैं।
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सदर वन के रहने वाले माखन ने ही बताया था कि संजय वर्मा दुकान बंद करने के बाद जेवरात से भरा बैग लेकर घर जाते हैं। वह चार दिन तक मुखबिरी के लिए उनकी दुकान के आस पास टहलता रहा था। वह बल्देव (मथुरा) के बाइक चोर गोला का ममेरा भाई है। गोला ने ही पूरा प्लान तैयार किया था। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
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उसके दो साथी वीरेंद्र उर्फ वीरू और प्रमोद पब्लिक ने पकड़ लिए थे। पुलिस ने बताया कि माखन एडीए में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। उसके पिता भी एडीए में कर्मचारी थे। उनकी मृत्यु के बाद माखन को मृतक आश्रित के रूप में नौकरी मिली थी। उसने बताया कि गोला के प्लान के मुताबिक, लूट की रकम चार हिस्सों में बंटनी थी। इसमें उसे भी एक छोटा सा हिस्सा मिलना था। इसी लालच में उसने गोला की मदद की। उससे कहा गया था कि सराफ के साथ लूट करनी है, लेकिन उन्होंने हत्या कर दी। घटना के बाद फरार हुए गोला ने उसे फोन करके बता दिया था कि वीरू और प्रमोद पकड़ लिए गए हैं। इसलिए वह भी भाग गया था।
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गैंगस्टर एक्ट लगाएगी पुलिस
घटना की गंभीरता देखते हुए पुलिस गोला के गैंग पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है। गोला की हिस्ट्रीशीट भी खोली जाएगी। इस गिरोह का वीरू पहले से हिस्ट्रीशीटर है। प्रमोद के खिलाफ पहले से तीन केस दर्ज हैं।