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पत्नी ने ही कराई थी बीडीओ की हत्या
Updated Mon, 24 Jul 2017 11:46 PM IST
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पकड़ी गई आरोपी महिला
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
करहल (मैनपुरी)। मीठेपुर निवासी बीडीओ की हत्या उसकी पत्नी ने भाई तथा उसके अपराधी छवि वाले दोस्त के साथ मिलकर कराई थी। पहले गला घोंटकर हत्या की गई फिर लाश को सबूत मिटाने के लिए इटावा के बलरई क्षेत्र की नहर में फेंक दिया। इटावा क्षेत्र के इकदिल में नहर से शव बरामद होने पर राज खुल गया। पुलिस ने बीडीओ की पत्नी को हिरासत में ले लिया है। उसके साथियों की पुलिस तलाश कर रही है।
थाना क्षेत्र के मीठेपुर निवासी रवीश कुमार बीडीओ के पद पर सीतापुर में तैनात थे। उनकी पहली शादी प्रतापगढ़ में टीचर के रूप में तैनात कनिका से हुई थी जिससे दो बच्चे भी हैं। शादी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी और दोनों का आपसी सहमति से तलाक हो गया। रवीश ने हरदोई जिले के ब्लाक बिलग्राम में तैनाती के दौरान 11 जुलाई 2016 को फिरोजाबाद के थाना जसराना क्षेत्र की रहने वाली रेनू से कर ली। उससे रवीश की ज्यादा पटी नहीं। शादी के केवल दो महीने तक ही रेनू उसके साथ रही और बाद में मायके जाकर रहने लगी। दोनों मेें विवाद हो गया। बीडीओ रवीश का ट्रांसफर बिलग्राम से सीतापुर हो गया।
16 जुलाई को वह घर आए और रेनू को मीठेपुर बुलवा लिया लेकिन वह शादी वाले जेवर आदि पहनकर मायके से नहीं आई। दोनों में फिर अनबन हो गई। रवीश ने उसे खरी खोटी सुनाईं। रेनू ने गांव से अपने ताऊ के पुत्र आशीष को बुला लिया। धमकी दी कि अगर रवीश को ठिकाने नहीं लगाया तो वह जान दे देगी।
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रेनू ने पुलिस को बताया कि आशीष का दोस्त बाबी जेल से छूटकर आया है। वह सुपारी लेकर हत्या करता है। बाबी ने सात लाख रुपये में रवीश की हत्या की सुपारी दी। रवीश को रेनू ने 19 जुलाई को फिर से घर मीठेपुर बुला लिया। योजना के तहत आशीष घर पर ही था। बाबी भी अपने तीन साथियों सहित वहां आ गया। रात में रेनू, आशीष, बाबी व उसके साथियों ने मिलकर रवीश की अंगोछे से गला घोंटकर हत्या कर दी।
रात में दो मोटर साइकिलों पर शव को बलरई थाना क्षेत्र में नहर में फेंक दिया। रवीश के चचेरे भाई चकरनगर में तैनात तहसीलदार सुभाष चंद्र ने उसकी गुमशुदगी की सूचना दर्ज करा दी। इकदिल क्षेत्र में नहर से शव बरामद होने पर रेनू ने उसकी पहचान रवीश कुमार के रूप में कर ली। रेनू ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है। आशीष, बाबी तथा उसके साथियों की पुलिस तलाश कर रही है।
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थाना क्षेत्र के मीठेपुर निवासी रवीश कुमार बीडीओ के पद पर सीतापुर में तैनात थे। उनकी पहली शादी प्रतापगढ़ में टीचर के रूप में तैनात कनिका से हुई थी जिससे दो बच्चे भी हैं। शादी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी और दोनों का आपसी सहमति से तलाक हो गया। रवीश ने हरदोई जिले के ब्लाक बिलग्राम में तैनाती के दौरान 11 जुलाई 2016 को फिरोजाबाद के थाना जसराना क्षेत्र की रहने वाली रेनू से कर ली। उससे रवीश की ज्यादा पटी नहीं। शादी के केवल दो महीने तक ही रेनू उसके साथ रही और बाद में मायके जाकर रहने लगी। दोनों मेें विवाद हो गया। बीडीओ रवीश का ट्रांसफर बिलग्राम से सीतापुर हो गया।
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16 जुलाई को वह घर आए और रेनू को मीठेपुर बुलवा लिया लेकिन वह शादी वाले जेवर आदि पहनकर मायके से नहीं आई। दोनों में फिर अनबन हो गई। रवीश ने उसे खरी खोटी सुनाईं। रेनू ने गांव से अपने ताऊ के पुत्र आशीष को बुला लिया। धमकी दी कि अगर रवीश को ठिकाने नहीं लगाया तो वह जान दे देगी।
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रेनू ने पुलिस को बताया कि आशीष का दोस्त बाबी जेल से छूटकर आया है। वह सुपारी लेकर हत्या करता है। बाबी ने सात लाख रुपये में रवीश की हत्या की सुपारी दी। रवीश को रेनू ने 19 जुलाई को फिर से घर मीठेपुर बुला लिया। योजना के तहत आशीष घर पर ही था। बाबी भी अपने तीन साथियों सहित वहां आ गया। रात में रेनू, आशीष, बाबी व उसके साथियों ने मिलकर रवीश की अंगोछे से गला घोंटकर हत्या कर दी।
रात में दो मोटर साइकिलों पर शव को बलरई थाना क्षेत्र में नहर में फेंक दिया। रवीश के चचेरे भाई चकरनगर में तैनात तहसीलदार सुभाष चंद्र ने उसकी गुमशुदगी की सूचना दर्ज करा दी। इकदिल क्षेत्र में नहर से शव बरामद होने पर रेनू ने उसकी पहचान रवीश कुमार के रूप में कर ली। रेनू ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है। आशीष, बाबी तथा उसके साथियों की पुलिस तलाश कर रही है।