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Agra News: घर में घुसकर पिटाई करने के आरोपी पिता-पुत्र सहित तीन कोर्ट से बरी
Fri, 15 Dec 2023 12:54 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 15 Dec 2023 12:54 AM IST
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मैनपुरी। भोगांव थाना क्षेत्र के कल्यानपुर गांव में 17 साल पहले अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति को उसके घर में घुसकर पीटने के मामले में आरोपी बने पिता-पुत्र सहित तीन लोगों को स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट चंपत सिंह ने सुनवाई करने के बाद बाइज्जत बरी कर दिया।
कल्यानपुर निवासी रामसनेही के घर में घुसकर गांव के ग्याप्रसाद मिश्रा ने अपने पुत्र संतोष, राकेश, पौत्र चंदन की मदद से 15 मार्च 2006 की शाम चार बजे रामसनेही, उनके पुत्र अजयपाल, लज्जाराम की पिटाई की थी। इस घटना में सभी को चोटें आईं। रामसनेही ने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने घायलों का मेडिकल कराया। जांच करने के बाद चारों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट चंपत सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने गवाही दी। गवाही देने वाले गवाह न्यायालय में घटना को साबित नहीं कर सके। बचाव पक्ष के वकील सुबोध कुमार पाठक ने गवाही के आधार पर आरेाप साबित नहीं होनेे पर बरी करने की दलील दी। स्पेशल जज चंपत सिंह ने राकेश को उनके पुत्र चंदन तथा भाई संतोष के साथ बरी कर दिया है।
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एक आरोपित की हो चुकी है मौत
घर में घुसकर अनुसूचित जाति के परिवार को पीटने के आरोपी ग्याप्रसाद मिश्रा की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत होने पर उनकी सुनवाई बंद कर दी गई। रिपोर्ट लिखाने वाले रामसनेही की भी गवाही पूरी होने के बाद मौत हो गई। मुकदमे की सुनवाई के बाद पिता पुत्र सहित तीन लोगों को आरोप साबित न होने पर बरी कर दिया गया।
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कल्यानपुर निवासी रामसनेही के घर में घुसकर गांव के ग्याप्रसाद मिश्रा ने अपने पुत्र संतोष, राकेश, पौत्र चंदन की मदद से 15 मार्च 2006 की शाम चार बजे रामसनेही, उनके पुत्र अजयपाल, लज्जाराम की पिटाई की थी। इस घटना में सभी को चोटें आईं। रामसनेही ने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने घायलों का मेडिकल कराया। जांच करने के बाद चारों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
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मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट चंपत सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने गवाही दी। गवाही देने वाले गवाह न्यायालय में घटना को साबित नहीं कर सके। बचाव पक्ष के वकील सुबोध कुमार पाठक ने गवाही के आधार पर आरेाप साबित नहीं होनेे पर बरी करने की दलील दी। स्पेशल जज चंपत सिंह ने राकेश को उनके पुत्र चंदन तथा भाई संतोष के साथ बरी कर दिया है।
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एक आरोपित की हो चुकी है मौत
घर में घुसकर अनुसूचित जाति के परिवार को पीटने के आरोपी ग्याप्रसाद मिश्रा की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत होने पर उनकी सुनवाई बंद कर दी गई। रिपोर्ट लिखाने वाले रामसनेही की भी गवाही पूरी होने के बाद मौत हो गई। मुकदमे की सुनवाई के बाद पिता पुत्र सहित तीन लोगों को आरोप साबित न होने पर बरी कर दिया गया।