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चेक बाउंस होने पर कोर्ट ने सुनाई ये सजा, जुर्माना भी लगाया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 09 May 2018 01:57 PM IST
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अपर जिला जज (जू. डि.) शांतनु त्यागी ने चेक बाउंस होने के मामले में दोषी कंचन अहलुवालिया को पांच साल कारावास की सजा सुनाई है। उसे 12 लाख जुर्माना भी देना होगा।
इसमें से 10 लाख 50 हजार रुपये प्रतिकर के रूप में पीड़ित को अदा किए जाएंगे। जगदीशपुरा के प्रताप नगर केशवकुंज स्थित पुष्पांजलि अपार्टमेंट के मनोज कांत तिवारी ने कोर्ट में परिवाद दायर किया था।
इसमें कहा गया था कि उनके कई सालों से जवाहर बाग दयालबाग निवासी कंचन अहलुवालिया से अच्छे संबंध हैं। तिवारी से कंचन ने कारोबार के लिए 15 लाख रुपये उधार मांगे थे।
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इसमें से 10 लाख 50 हजार रुपये प्रतिकर के रूप में पीड़ित को अदा किए जाएंगे। जगदीशपुरा के प्रताप नगर केशवकुंज स्थित पुष्पांजलि अपार्टमेंट के मनोज कांत तिवारी ने कोर्ट में परिवाद दायर किया था।
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इसमें कहा गया था कि उनके कई सालों से जवाहर बाग दयालबाग निवासी कंचन अहलुवालिया से अच्छे संबंध हैं। तिवारी से कंचन ने कारोबार के लिए 15 लाख रुपये उधार मांगे थे।
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उन्होंने 2014 में जनवरी से अगस्त के बीच चार बार में 15 लाख रुपये दे दिए। इसे चुकाने के लिए अहलुवालिया ने 10 लाख रुपये का एक चेक दिया। यह दो जनवरी, 2015 को बाउंस हो गया। उन्होंने इसकी सूचना अहलुवालिया को दी।
उन्होंने भुगतान की व्यवस्था नहीं की। न ही पैसा देने के लिए राजी हुए। इस पर उनके खिलाफ कोर्ट में परिवाद दायर किया गया। साक्ष्य और गवाह के आधार पर उन पर चेक बाउंस का दोष सिद्ध पाया गया।
उन्होंने भुगतान की व्यवस्था नहीं की। न ही पैसा देने के लिए राजी हुए। इस पर उनके खिलाफ कोर्ट में परिवाद दायर किया गया। साक्ष्य और गवाह के आधार पर उन पर चेक बाउंस का दोष सिद्ध पाया गया।