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पत्नी की हत्या में पति को साढ़े चार वर्ष की सजा
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कासगंज। जिला सत्र न्यायाधीश ज्योत्सना शर्मा के न्यायालय ने पत्नी की हत्या के मामले में पति को चार वर्ष छह माह सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह के अतरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।
मालती पुत्री रामपाल निवासी मदनपुर, नारखी, फिरोजाबाद की शादी जितेंद्र पुत्र सुघड़ सिंह निवासी नगला अवदाल के साथ हुई थी। 22 अक्तूबर 2016 को पति और पत्नी में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद जितेंद्र ने अपनी पत्नी को डंडा मार दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके पुत्र इसेंद्र ने मामले की जानकारी अपनी ननिहाल दी।
सूचना पर उसका मामा सज्जनपाल अन्य परिजनों के साथ पहुंच गया। उसने मामला दर्ज करा दिया। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने के बाद मामले की जांच की। जांच के बाद पत्रावली को कोर्ट में पेश कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव यदुवंशी ने मामले की पैरवी की। कोर्ट ने गवाहों के बयान, पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य के आधार पर जितेंद्र को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए अपना फैसला सुनाया। जेल में बितायी गई अवधि को सजा में शामिल किया गया है।
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मालती पुत्री रामपाल निवासी मदनपुर, नारखी, फिरोजाबाद की शादी जितेंद्र पुत्र सुघड़ सिंह निवासी नगला अवदाल के साथ हुई थी। 22 अक्तूबर 2016 को पति और पत्नी में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद जितेंद्र ने अपनी पत्नी को डंडा मार दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके पुत्र इसेंद्र ने मामले की जानकारी अपनी ननिहाल दी।
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सूचना पर उसका मामा सज्जनपाल अन्य परिजनों के साथ पहुंच गया। उसने मामला दर्ज करा दिया। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने के बाद मामले की जांच की। जांच के बाद पत्रावली को कोर्ट में पेश कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव यदुवंशी ने मामले की पैरवी की। कोर्ट ने गवाहों के बयान, पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य के आधार पर जितेंद्र को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए अपना फैसला सुनाया। जेल में बितायी गई अवधि को सजा में शामिल किया गया है।
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