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एक्सक्लूसिव: आगरा में 317 गांवों में पांच महीने से लोग ‘अमर’, पढ़िए ये खास रिपोर्ट
Sun, 15 Aug 2021 11:24 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 15 Aug 2021 11:24 AM IST
सार
अमर उजाला के पास मौजूद इस रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2020 से अप्रैल 2021 तक 5479 लोगों की मौत हुई। जिनमें करीब चार हजार लोगों ने मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाए। वहीं अप्रैल 2021 में कोरोना की दूसरी लहर आई।
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प्रमाण पत्र के लिए दफ्तर आए लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में 317 गांवों में पांच महीने से लोग ‘अमर’ हैं। इन गांव में कोई मृत्यु नहीं हुई। न किसी मृतक की सूचना दर्ज की गई। ये हम नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) की मृत्यु प्रगति रिपोर्ट कह रही है। जबकि इस बीच अप्रैल से जून तक संक्रमण की दूसरी लहर चरम पर रही। 500 से अधिक गांव में संक्रमण फैला। लेकिन ये हकीकत सरकारी रिकार्ड में दर्ज नहीं हो सकी है।
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जिला पंचायत राज विभाग ने 15 ब्लॉक के 690 गांव में मृत्यु एवं जन्म पंजीकरण की प्रगति रिपोर्ट जारी की है। अमर उजाला के पास मौजूद इस रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2020 से अप्रैल 2021 तक 5479 लोगों की मौत हुई। जिनमें करीब चार हजार लोगों ने मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाए। वहीं अप्रैल 2021 में कोरोना की दूसरी लहर आई। अप्रैल, मई और जून में हालात भयावह रहे, परंतु इन तीन महीनों में हुई मौतों का कोई आंकड़ा पंचायत विभाग के पास मौजूद नहीं है। पिछले पांच महीने में अप्रैल से अगस्त तक 317 गांव ऐसे हैं जहां एक भी व्यक्ति की मृत्यु का पंजीकरण नहीं हुआ। जबकि 100 फीसद मृत्यु का पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकरण की जिम्मेदारी पंचायत सचिव व एडीओ के पास है। जिन्हें ब्लॉक स्तर पर पंजीकरण के लिए डोंगल उपलब्ध हैं। पंजीकरण के बाद ही मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होता है।
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कोविड, नॉन-कोविड दोनों शामिल
- रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण ने दस्तक दी। मार्च से अप्रैल 2021 तक 5479 लोगों की मृत्यु का पंजीकरण हुआ। जिनमें 3801 पुरुष और 1678 महिलाओं ने दम तोड़ा। जिनमें कोविड व नॉन कोविड दोनों शामिल हैं।
गर्भ में मर गए 710 नवजात
- वर्ष 2020 में 710 नवजात मां के गर्भ में मर गए। इनकी मृत्यु कैसे हुई ये अभी स्पष्ट नहीं है। इनके अलावा 100 ऐसे बच्चे हैं जिनकी मृत्यु जन्म के एक साल की समय अवधि में हो गई। ये वह संख्या है जिनका पंजीकरण हुआ। वास्तविक स्थिति की जांच के लिए प्रशासन ने ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, आंगनबाड़ी, आशा व एएनएम कर्मियों को सूचनाएं संकलित करने के निर्देश दिए हैं।
7230 बच्चों का हुआ जन्म
- मार्च 2020 से अप्रैल 2021 तक जिले में 15 ब्लॉक की 690 ग्राम पंचायतों में 7230 बच्चों का जन्म पंजीकरण हुआ है। जिनमें 3837 बालक शिशु और 3393 बालिका शिशु शामिल हैं। 7230 बच्चों के पंजीकरण के सापेक्ष जिले में 5320 बच्चों के ही जन्म प्रमाण पत्र जारी हुए हैं।
कहां हुई गड़बड़ी, करवा रहे हैं जांच
- 690 ग्राम पंचायत हैं। जिनमें 858 गांव में पंजीकरण की सुविधा है। 317 गांव में पिछले पांच महीने से कोई मृत्यु पंजीकृत नहीं की गई है। कहां गड़बड़ी हुई है। इसकी जांच करवा रहे हैं। सभी जन्म व मृत्यु की घटनाओं का सत्यापन कराया जा रहा है। - नीतेश भोंडेले, जिला पंचायत राज अधिकारी
सौ प्रतिशत पंजीकरण अनिवार्य
जन्म एवं मृत्यु की घटनाओं का 100% पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकरण के बाद ही प्रमाण पत्र जारी हो सकता है। मृत्यु पंजीकरण की खराब स्थिति को लेकर जांच के निर्देश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
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- रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण ने दस्तक दी। मार्च से अप्रैल 2021 तक 5479 लोगों की मृत्यु का पंजीकरण हुआ। जिनमें 3801 पुरुष और 1678 महिलाओं ने दम तोड़ा। जिनमें कोविड व नॉन कोविड दोनों शामिल हैं।
गर्भ में मर गए 710 नवजात
- वर्ष 2020 में 710 नवजात मां के गर्भ में मर गए। इनकी मृत्यु कैसे हुई ये अभी स्पष्ट नहीं है। इनके अलावा 100 ऐसे बच्चे हैं जिनकी मृत्यु जन्म के एक साल की समय अवधि में हो गई। ये वह संख्या है जिनका पंजीकरण हुआ। वास्तविक स्थिति की जांच के लिए प्रशासन ने ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, आंगनबाड़ी, आशा व एएनएम कर्मियों को सूचनाएं संकलित करने के निर्देश दिए हैं।
7230 बच्चों का हुआ जन्म
- मार्च 2020 से अप्रैल 2021 तक जिले में 15 ब्लॉक की 690 ग्राम पंचायतों में 7230 बच्चों का जन्म पंजीकरण हुआ है। जिनमें 3837 बालक शिशु और 3393 बालिका शिशु शामिल हैं। 7230 बच्चों के पंजीकरण के सापेक्ष जिले में 5320 बच्चों के ही जन्म प्रमाण पत्र जारी हुए हैं।
कहां हुई गड़बड़ी, करवा रहे हैं जांच
- 690 ग्राम पंचायत हैं। जिनमें 858 गांव में पंजीकरण की सुविधा है। 317 गांव में पिछले पांच महीने से कोई मृत्यु पंजीकृत नहीं की गई है। कहां गड़बड़ी हुई है। इसकी जांच करवा रहे हैं। सभी जन्म व मृत्यु की घटनाओं का सत्यापन कराया जा रहा है। - नीतेश भोंडेले, जिला पंचायत राज अधिकारी
सौ प्रतिशत पंजीकरण अनिवार्य
जन्म एवं मृत्यु की घटनाओं का 100% पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकरण के बाद ही प्रमाण पत्र जारी हो सकता है। मृत्यु पंजीकरण की खराब स्थिति को लेकर जांच के निर्देश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
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