आगरा में कोरोना वायरस का प्रकोप : 40 दिन में होम आइसोलेशन में गए 569 मरीज
- बिना लक्षण वाले या हल्के लक्षणों वाले संक्रमितों के लिए है ये सुविधा
विस्तार
औसतन रोजाना 15 मरीज घर में रहकर इलाज करा रहे हैं। इसमें बिना लक्षण वाले मरीज और हल्का बुखार-खांसी वाले मरीज हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि कोरोना वायरस से जांच कराने में डरे नहीं, अब घर में रहकर इलाज की सुविधा है।
केस एक
दयालबाग में 27 साल की युवती संक्रमित है। उसको अलग कमरे में होम आइसोलेशन में रखा गया है। उसके मां-पिता को अन्य कमरे में क्वारंटीन किया है। उसके भाई को देखरेख के लिए तय किया है। इनके परिचितों ने बताया कि कंट्रोल रूम से रोजाना सेहत की जानकारी ली जाती है।
केस दो
ट्रांस यमुना कॉलोनी में 38 साल की महिला संक्रमित होने के बाद होम आइसोलेशन में है। बुखार, खांसी की दवा पहले ही चिकित्सक दे जाते हैं। रोजाना कंट्रोल रूम से सेहत की जानकारी की जाती है। बताया कि हल्का बुखार होने पर चिकित्सक की बताई दवा ले ली, जिससे आराम हुआ।
आईएमए के 600 रुपये के प्लान में एक भी पंजीकरण नहीं
होम आइसोलेशन की सुविधा शुरू होने पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने 600 रुपये प्रतिदिन चिकित्सकीय सेवाएं देने की सुविधा शुरू की थी, लेकिन किसी भी मरीज ने आईएमए की सुविधा लेने के लिए रुचि नहीं दिखाई। आईएमए के सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी ने बताया कि आईएमए के 600 रुपये प्रतिदिन की चिकित्सकीय सुविधा पर किसी मरीज ने पंजीकरण नहीं कराया है।
नमूना देते वक्त फोन नंबर, पता गलत बता रहे मरीज
कोरोना वायरस की जांच कराने में कई लोग जानकारी गलत दर्ज करा रहे हैं। इसमें पता और फोन नंबर गलत होने की संख्या अधिक है। इससे मरीज की जानकारी और मॉनीटरिंग में दिक्कत आ रही है। कंट्रोल रूम के नोडल प्रभारी डॉ. ध्रुव गोपाल ने बताया कि फोन नंबर और पता गलत देने से मरीज को ही असुविधा हो रही है। नंबर गलत होने से मरीज की सेहत की मॉनीटरिंग में परेशानी होती है। मरीज सही जानकारी ही दर्ज कराएं।