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UP: मांस खिलाकर क्यों पिलाते थे खून...धर्म परिवर्तन की ऐसी प्रक्रिया, कांप उठेगा कलेजा; कौन कर रहा फंडिंग?
Sat, 06 Sep 2025 03:23 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 06 Sep 2025 03:23 PM IST
सार
Up News today in Hind: धर्म परिवर्तन कराने के लिए बेहद कठिन प्रक्रिया की जाती थी, जिसके बारे में जानकर हैरान रह जाएंगे। पुलिस मुख्य आरोपी को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
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कुछ इस तरह कराया जाता था धर्मांतरण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के थाना शाहगंज में पकड़े गए धर्मांतरण गिरोह के मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी को रिमांड पर लेने के लिए शनिवार को पुलिस कोर्ट में प्रार्थनापत्र दे सकती है। उसके बैंक खातों की भी जानकारी की जा रही है। उसके खाते में कब-कब, कहां से कितनी रकम आई? इस सबके बारे में बैंक से जानकारी मांगी गई है।
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मंगलवार को थाना शाहगंज पुलिस ने केदार नगर स्थित एक घर में चल रहे धर्मांतरण कराने वाले गिरोह को पकड़ा था। आरोप लगाया गया कि लोगों को बीमारी और कष्ट दूर करने के बहाने गिरोह अपने पास बुलाता था। इसके बाद हिंदू से ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था। जब लोग तैयार हो जाते थे, तब वो आगे की प्रक्रिया शुरू करता था।
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मांस खिलाकर पिलाते थे खून
पुलिस के मुताबिक, हिंदू से ईसाई बनने वालों को कभी भी कलावा नहीं पहनने दिया जाता था। तिलक भी नहीं लगाने देते थे। हर सभा में कलावा काटने और तिलक मिटाने की बात कहते थे। धर्म परिवर्तन करने वाले घर में मूर्ति नहीं रखते थे। इसके लिए मना कर दिया जाता था। जो लोग कीर्तन सभा में मांस खाकर खून पीते हैं, वह ईसाई बन जाते हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें किसी तरह का प्रमाणपत्र नहीं दिया जाता था। कई बार लोगों के कष्ट दूर करने के नाम पर रकम भी ली जाती थी। इससे जो फायदा होता था, उसे आरोपी आपस में बांट लिया करते थे।
पुलिस के मुताबिक, हिंदू से ईसाई बनने वालों को कभी भी कलावा नहीं पहनने दिया जाता था। तिलक भी नहीं लगाने देते थे। हर सभा में कलावा काटने और तिलक मिटाने की बात कहते थे। धर्म परिवर्तन करने वाले घर में मूर्ति नहीं रखते थे। इसके लिए मना कर दिया जाता था। जो लोग कीर्तन सभा में मांस खाकर खून पीते हैं, वह ईसाई बन जाते हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें किसी तरह का प्रमाणपत्र नहीं दिया जाता था। कई बार लोगों के कष्ट दूर करने के नाम पर रकम भी ली जाती थी। इससे जो फायदा होता था, उसे आरोपी आपस में बांट लिया करते थे।
पूछताछ में मिली अहम जानकारी
मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी से पूछताछ में पुलिस को कई जानकारी मिली थी। उसे महाराष्ट्र और हरियाणा के कुछ लोग फंडिंग कर रहे थे। रकम काैन भेज रहा था? किसके खाते से आ रही थी? इसकी जानकारी के लिए पुलिस छानबीन में लगी है। कई बार लोग उसकी बेटी के खाते में भी रकम भेजा करते थे।
मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी से पूछताछ में पुलिस को कई जानकारी मिली थी। उसे महाराष्ट्र और हरियाणा के कुछ लोग फंडिंग कर रहे थे। रकम काैन भेज रहा था? किसके खाते से आ रही थी? इसकी जानकारी के लिए पुलिस छानबीन में लगी है। कई बार लोग उसकी बेटी के खाते में भी रकम भेजा करते थे।
रिमांड पर लेने की तैयारी
एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि पड़ताल की जा रही है। गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी के लिए राजकुमार को रिमांड पर लेकर पूछताछ होगी। जल्द ही कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया जाएगा। वहीं खातों में हुए लेने-देन की भी जानकारी निकलवाई जा रही है।
एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि पड़ताल की जा रही है। गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी के लिए राजकुमार को रिमांड पर लेकर पूछताछ होगी। जल्द ही कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया जाएगा। वहीं खातों में हुए लेने-देन की भी जानकारी निकलवाई जा रही है।
गूगल मीट पर प्रार्थनासभा
धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार आरोपी राजकुमार यूं ही धर्मांतरण नहीं करा रहा था। कई लोग रुपयों के लिए उसका साथ दे रहे थे। यह सभी अन्य लोगों को सभा में आने के लिए तैयार करते थे। गूगल मीट के माध्यम प्रार्थनासभा में जोड़ते थे। यूट्यूब चैनल पर वीडियो अपलोड करके ईसाई धर्म का प्रचार किया करते थे। सभा में कई शहरों के साथ ही स्पेन और दुबई के लोग भी जुड़ जाते थे। पुलिस ने आरोपी राजकुमार के पास से डायरी और रजिस्टर बरामद किए हैं। इनमें कई लोगों के नाम और नंबर की जानकारी मिली है। उसकी पड़ताल की जा रही है।
धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार आरोपी राजकुमार यूं ही धर्मांतरण नहीं करा रहा था। कई लोग रुपयों के लिए उसका साथ दे रहे थे। यह सभी अन्य लोगों को सभा में आने के लिए तैयार करते थे। गूगल मीट के माध्यम प्रार्थनासभा में जोड़ते थे। यूट्यूब चैनल पर वीडियो अपलोड करके ईसाई धर्म का प्रचार किया करते थे। सभा में कई शहरों के साथ ही स्पेन और दुबई के लोग भी जुड़ जाते थे। पुलिस ने आरोपी राजकुमार के पास से डायरी और रजिस्टर बरामद किए हैं। इनमें कई लोगों के नाम और नंबर की जानकारी मिली है। उसकी पड़ताल की जा रही है।