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गजब कर डाला: फर्जी तरीके से निपटा दीं शिकायतें, अंतिम 10 में पहुंचा आगरा; डीएम बोले- ऐसा नहीं चलेगा
Tue, 05 Nov 2024 09:13 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 05 Nov 2024 09:13 AM IST
सार
आगरा में फरियादियों की शिकायतें फर्जी तरीके से निपटा दी गईं। शासन से लिए फीडबैक में ज्यादातर शिकायतकर्ता असंतुष्ट मिले। जिलाधिकारी ने कहा किलापरवाही बरतने पर कार्रवाई होगी।
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आगरा जिलाधिकारी कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा की शिकायतों के निस्तारण में स्थिति बदतर पाई गई है। शासन से एक से 31 अक्तूबर तक विभिन्न विभागों में आईं शिकायतों का फीडबैक लिया तो हालात खराब मिले। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में बैठक कर भौतिक निरीक्षण करके ही मुख्यमंत्री पोर्टल पर आख्या देने के निर्देश दिए हैं। कहा कि लापरवाही बरतने पर कार्रवाई होगी।
एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पोर्टल, मुख्यमंत्री पोर्टल, तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण फर्जी तरीके से किए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हैं। एडीएम प्रोटोकॉल ने बताया कि शासन से शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता का फीडबैक लिया गया। इसमें अधिशासी अभियंता विद्युत के 117 में से 62 असंतुष्ट फीडबैक मिले।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी के 39 के सापेक्ष 22, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के 30 के सापेक्ष 24, सहायक श्रमायुक्त के 23 के सापेक्ष 20, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता के 10 के सापेक्ष 9 असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हुए हैं।
डीएम ने निर्देश दिए कि विभाग व जनपद के शीर्ष अधिकारी शिकायतकर्ता के साथ स्थलीय निरीक्षण करते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण आख्या अपलोड करें। शासन से निर्देश प्राप्त हुए हैं कि ‘सी‘ श्रेणी के नेगेटिव फीडबैक अथवा असंतुष्ट फीडबैक जो शासन को मिले हैं। उन्हें पुन: खोले जाने पर इनका निस्तारण विभागाध्यक्ष स्वयं करके आख्या अपलोड करेंगे।
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जनपद को मिला डीओ लेटर
डीएम ने बताया कि शासन की ओर से अंतिम 10 में जनपद का स्थान आने पर डीओ लेटर दिया गया है। समीक्षा में पाया गया है कि अधिकारी शिकायतकर्ता से बगैर बात किए और बिना निरीक्षण किए ही आख्या अपलोड कर रहे हैं। उन्होंने सभी शिकायतों को समय सीमा के भीतर निस्तारित करने के लिए कहा है। अन्यथा जनपद स्तरीय अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
बाहरी व्यक्तियों से नहीं कराएं काम
डीएम ने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी कार्यालय में अनधिकृत व्यक्ति विभागीय कार्यों का संपादन करते मिला तो संबंधित विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी तय करते हुए उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सभी जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पोर्टल, मुख्यमंत्री पोर्टल, तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण फर्जी तरीके से किए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हैं। एडीएम प्रोटोकॉल ने बताया कि शासन से शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता का फीडबैक लिया गया। इसमें अधिशासी अभियंता विद्युत के 117 में से 62 असंतुष्ट फीडबैक मिले।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी के 39 के सापेक्ष 22, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के 30 के सापेक्ष 24, सहायक श्रमायुक्त के 23 के सापेक्ष 20, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता के 10 के सापेक्ष 9 असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हुए हैं।
डीएम ने निर्देश दिए कि विभाग व जनपद के शीर्ष अधिकारी शिकायतकर्ता के साथ स्थलीय निरीक्षण करते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण आख्या अपलोड करें। शासन से निर्देश प्राप्त हुए हैं कि ‘सी‘ श्रेणी के नेगेटिव फीडबैक अथवा असंतुष्ट फीडबैक जो शासन को मिले हैं। उन्हें पुन: खोले जाने पर इनका निस्तारण विभागाध्यक्ष स्वयं करके आख्या अपलोड करेंगे।
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जनपद को मिला डीओ लेटर
डीएम ने बताया कि शासन की ओर से अंतिम 10 में जनपद का स्थान आने पर डीओ लेटर दिया गया है। समीक्षा में पाया गया है कि अधिकारी शिकायतकर्ता से बगैर बात किए और बिना निरीक्षण किए ही आख्या अपलोड कर रहे हैं। उन्होंने सभी शिकायतों को समय सीमा के भीतर निस्तारित करने के लिए कहा है। अन्यथा जनपद स्तरीय अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
बाहरी व्यक्तियों से नहीं कराएं काम
डीएम ने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी कार्यालय में अनधिकृत व्यक्ति विभागीय कार्यों का संपादन करते मिला तो संबंधित विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी तय करते हुए उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सभी जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।