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कालेजों की गलती 2.30 लाख छात्रों पर भारी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 06 Sep 2016 01:48 AM IST
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170 कालेजों ने यूनीवर्सिटी नहीं भेजे प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक
- फोटो : अमर उजाला
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रिजल्ट का इंतजार कर रहे 2.30 छात्रों को झटका लगा है। इस बार गलती संबंधित कालेजों की है। इन्होंने डा. बीआर अंबेडकर यूनीवर्सिटी को प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक उपलब्ध नहीं कराए। रिजल्ट तैयार करने वाली एजेंसी ने इन सभी के छात्रों का परिणाम रोक लिया है। ऐसे कालेजों की संख्या 170 के करीब है। सभी प्राइवेट कालेज हैं। इनको विश्वविद्यालय ने नोटिस जारी कर दिया है।
दरअसल, विश्वविद्यालय ने हाल ही में बीए, बीएससी, बीकाम के तीनों सालों का रिजल्ट जारी किया है। इसमें 3.50 लाख छात्र हैं। इनमें से 2.30 लाख छात्रों के प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक प्राप्त नहीं हुए। ऐसे में इनकी मार्कशीट भी प्रिंट नहीं होगी। कुलसचिव केएन सिंह का कहना है कि रिजल्ट कालेजों की कमी से रुका है, ऐसे कालेजों को कई बार प्रैक्टीकल अंक भेजने को रिमांडर भी भेजा गया।
शिकायतों के ढेर, मार्कशीट दूर
मार्कशीट में गलतियों के सुधार के लिए छात्र परेशान हैं। 2012 से 2015 सेशन के लिए बनी हेल्प डेस्क पर 50 हजार से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं। समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बृजेश शर्मा का कहना है कि मार्कशीट की छपाई बंद है, प्रार%E
दरअसल, विश्वविद्यालय ने हाल ही में बीए, बीएससी, बीकाम के तीनों सालों का रिजल्ट जारी किया है। इसमें 3.50 लाख छात्र हैं। इनमें से 2.30 लाख छात्रों के प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक प्राप्त नहीं हुए। ऐसे में इनकी मार्कशीट भी प्रिंट नहीं होगी। कुलसचिव केएन सिंह का कहना है कि रिजल्ट कालेजों की कमी से रुका है, ऐसे कालेजों को कई बार प्रैक्टीकल अंक भेजने को रिमांडर भी भेजा गया।
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शिकायतों के ढेर, मार्कशीट दूर
मार्कशीट में गलतियों के सुधार के लिए छात्र परेशान हैं। 2012 से 2015 सेशन के लिए बनी हेल्प डेस्क पर 50 हजार से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं। समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बृजेश शर्मा का कहना है कि मार्कशीट की छपाई बंद है, प्रार%E
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