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नागरी प्रचारिणी में देसी बमों की सनसनी
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Wed, 18 Mar 2015 01:34 AM IST
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नागरी प्रचारिणी की लाइब्रेरी के गेट पर मंगलवार को दर्जनभर से अधिक देसी बम मिलने से सनसनी फैल गई। इसके बाद गोकुलपुरा चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों ने लापरवाही दिखाई। उच्च अफसरों को जानकारी नहीं दी। दरोगा ने पानी से भरी बाल्टी में बमों को डाल दिया। बम पर पत्थर भी मारा। गनीमत थी कि वह नहीं फटा।
नागरी प्रचारिणी सभा के प्रांगण स्थित पब्लिक लाइब्रेरी मंगलवार को बंद थी। गेट पर पेड़ के नीचे 15 देसी बम पड़े थे। दोपहर ढाई बजे कुछ लोगों ने जानकारी थाना लोहामंडी इंस्पेक्टर को दी। आधा घंटे बाद गोकुलपुरा चौकी इंचार्ज सन्नू लाल और चीता मोबाइल के दो सिपाही आ गए। दोनों सिपाही बाल्टी में पानी ले लाए। दरोगा ने बमों को उसमें डाल दिया। भीगे बमों को डिफ्यूज करने लगे। लाइब्रेरी के सामने स्थित पार्क में एक बम पर पत्थर से जोरदार प्रहार किया। इसके बाद बमों के ऊपर की सुतली काटने के लिए चाकू मंगवाया लेकिन सिपाहियों ने ऐसा करने से रोक दिया। सिपाही बमों को लेकर पुलिस चौकी आए। यहां बीडीएस सदस्यों ने पड़ताल की तो इनके अंदर बालू भरी थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि ये किसी की शरारत है। जांच की जा रही है।
अगर बम में बारूद होता तो....
नागरी प्रचारिणी परिसर में प्राइमरी स्कूल भी है। स्कूल की छुट्टी होने के बाद भी पुलिसकर्मियों ने बच्चों को वहां से गुजरने से नहीं रोका। पत्थर से बम पर प्रहार करते वक्त अगर विस्फोट हो जाता तो कई लोगों की जान पर बन सकती थी।
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नागरी प्रचारिणी सभा के प्रांगण स्थित पब्लिक लाइब्रेरी मंगलवार को बंद थी। गेट पर पेड़ के नीचे 15 देसी बम पड़े थे। दोपहर ढाई बजे कुछ लोगों ने जानकारी थाना लोहामंडी इंस्पेक्टर को दी। आधा घंटे बाद गोकुलपुरा चौकी इंचार्ज सन्नू लाल और चीता मोबाइल के दो सिपाही आ गए। दोनों सिपाही बाल्टी में पानी ले लाए। दरोगा ने बमों को उसमें डाल दिया। भीगे बमों को डिफ्यूज करने लगे। लाइब्रेरी के सामने स्थित पार्क में एक बम पर पत्थर से जोरदार प्रहार किया। इसके बाद बमों के ऊपर की सुतली काटने के लिए चाकू मंगवाया लेकिन सिपाहियों ने ऐसा करने से रोक दिया। सिपाही बमों को लेकर पुलिस चौकी आए। यहां बीडीएस सदस्यों ने पड़ताल की तो इनके अंदर बालू भरी थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि ये किसी की शरारत है। जांच की जा रही है।
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अगर बम में बारूद होता तो....
नागरी प्रचारिणी परिसर में प्राइमरी स्कूल भी है। स्कूल की छुट्टी होने के बाद भी पुलिसकर्मियों ने बच्चों को वहां से गुजरने से नहीं रोका। पत्थर से बम पर प्रहार करते वक्त अगर विस्फोट हो जाता तो कई लोगों की जान पर बन सकती थी।
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