{"_id":"5d69f3e88ebc3e01506ed0cd","slug":"child-home-superintendent-suspend-after-death-of-two-children-in-mathura","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: दो मासूमों की मौत के बाद बड़ी कार्रवाई, शिशु सदन के अधीक्षक सस्पेंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: दो मासूमों की मौत के बाद बड़ी कार्रवाई, शिशु सदन के अधीक्षक सस्पेंड
Sat, 31 Aug 2019 09:43 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 31 Aug 2019 09:43 AM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल में भर्ती राजकीय शिशु सदन के बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा के राजकीय शिशु सदन में डायरिया से दो बच्चों की मौत के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। शासन ने शुक्रवार को शिशु सदन के अधीक्षक भुवनेश कुमार को सस्पेंड कर दिया है। निलंबन अवधि में वो उपमुख्य परिवीक्षा अधिकारी कानपुर कार्यालय से संबद्ध रहेंगे।
मथुरा शिशु सदन का चार्ज फिलहाल बीना देवी को दिया गया है। वहीं, लखनऊ से पहुंचे बाल कल्याण विभाग के डिप्टी डायरेक्टर पुनीत मिश्रा ने शिशु सदन का निरीक्षण किया और स्टाफ से जानकारी ली। डिप्टी डायरेक्टर अपनी रिपोर्ट शासन को देंगे।
राजकीय शिशु सदन में फैले डायरिया से 10 से भी ज्यादा बच्चे बीमार हो गए हैं। इनमें कुछ को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी का इलाज मथुरा के जिला अस्पताल में चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मथुरा शिशु सदन का चार्ज फिलहाल बीना देवी को दिया गया है। वहीं, लखनऊ से पहुंचे बाल कल्याण विभाग के डिप्टी डायरेक्टर पुनीत मिश्रा ने शिशु सदन का निरीक्षण किया और स्टाफ से जानकारी ली। डिप्टी डायरेक्टर अपनी रिपोर्ट शासन को देंगे।
विज्ञापन
राजकीय शिशु सदन में फैले डायरिया से 10 से भी ज्यादा बच्चे बीमार हो गए हैं। इनमें कुछ को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी का इलाज मथुरा के जिला अस्पताल में चल रहा है।
विज्ञापन
आगरा में इलाज के दौरान हुई दो बच्चों की मौत
आगरा में इलाज के दौरान इन्हीं बच्चों में से डेढ़ साल के गोपाल और छह माह की वंशिका की मौत हो गई थी। डिप्टी डायरेक्टर ने शुक्रवार को शिशु सदन पहुंचकर पिछले दो दिनों से बच्चों को दिए जा रहे भोजन के बारे में पूछा।
शिशु सदन में यह स्थिति यकायक उत्पन्न नहीं हुई, बल्कि स्थानीय स्तर पर लंबे समय से बरती जा रही लापरवाही इसका कारण बनी हैं। 27 अगस्त को ही यहां डिप्टी कलक्टर राजीव उपाध्याय खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को लेकर अचानक पहुंचे थे।
इस दौरान जब निरीक्षण किया तो स्थितियां भयावह मिलीं। शिशु सदन के स्टोर में रखे पोहा और सेवई के पैकेटों में कीड़े लग चुके थे। यह खराब हो चुके थे। टीम ने इन्हें तत्काल ही मौके पर ही नष्ट कराया।
इसके अलावा स्टोर में रखीं खाद्य सामग्री में से बेसन, अरहर की दाल, तेल की स्थिति भी ठीक नजर नहीं आई। इसके लिए इनके नमूने लिए गए। साथ ही सुधार करने के लिए खाद्य विभाग ने राजकीय शिशु सदन को नोटिस भी जारी किया।
शिशु सदन में यह स्थिति यकायक उत्पन्न नहीं हुई, बल्कि स्थानीय स्तर पर लंबे समय से बरती जा रही लापरवाही इसका कारण बनी हैं। 27 अगस्त को ही यहां डिप्टी कलक्टर राजीव उपाध्याय खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को लेकर अचानक पहुंचे थे।
इस दौरान जब निरीक्षण किया तो स्थितियां भयावह मिलीं। शिशु सदन के स्टोर में रखे पोहा और सेवई के पैकेटों में कीड़े लग चुके थे। यह खराब हो चुके थे। टीम ने इन्हें तत्काल ही मौके पर ही नष्ट कराया।
इसके अलावा स्टोर में रखीं खाद्य सामग्री में से बेसन, अरहर की दाल, तेल की स्थिति भी ठीक नजर नहीं आई। इसके लिए इनके नमूने लिए गए। साथ ही सुधार करने के लिए खाद्य विभाग ने राजकीय शिशु सदन को नोटिस भी जारी किया।