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‘छठ मइया के दिहल ललनवा, अंगनवा डोले’ इस बार घरों और कॉलोनी में दिया जाएगा अर्घ्य

Thu, 19 Nov 2020 02:33 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 19 Nov 2020 02:33 PM IST
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Chhath Puja 2020 Celebration Starts In Agra
छठ पूजा के लिए तैयारी करती महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
सूर्य उपासना का महापर्व छठ बुधवार को नहाय खाय के साथ शुरू हो गया। घरों में छठ मैया के गीत ‘छठ मइया के दिहल ललनवा, अंगनवा डोले...’व ‘कोपी-कोपी बोलेली ये छठि माई...’ आदि गूंजने लगे हैं। इस वर्ष यमुना के घाटों के बजाय घरों और कॉलोनी में ही अस्ताचलगामी और उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य की तैयारी चल रही है। 
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छठ पर्व के पहले दिन तन और मन के शुद्धीकरण का विधान किया गया। घर में साफ-सफाई की गई। व्रत रहने वालों ने लौकी की सब्जी, चने की दाल और चावल बनाकर खाया। इसी के साथ षष्ठी पूजन की तैयारी शुरू कर दी गई। पूर्वांचल सांस्कृतिक सेवा समिति के अध्यक्ष शंभूनाथ चौबे ने बताया कि नहाय खाय के दिन सुपाच्य भोजन किया जाता है। इसके पीछे उद्देश्य शरीर को हल्का रखना होता है। 
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संतान की रक्षा के लिए रखते है व्रत
छठ पूजा बहुत ही पवित्र पर्व है। यह आरोग्यदाता, दीर्घायु के साथ संतान प्रदाता है। संतान की रक्षा के लिए इस व्रत को किया जाता है। - अनुराधा तिवारी दुबे, नामनेर  
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- छठ मैया का व्रत रोगों से मुक्ति पाने और संतान की सुख समृद्धि के लिए रखा जाता है। सच्चे मन से व्रत रखने से मनोकामना पूरी होती है। - चुनमुन मिश्रा, शास्त्रीपुरम

- छठ पर्व का वर्ष भर इंतजार रहता है। छठ मैया का व्रत रखकर मन को शांति मिलती है। कठिन व्रत भी आसान लगता है। - सरोज पाठक, लोहामंडी 

आज सूर्योदय से सूर्यास्त तक व्रत
आचार्य गोविंद दुबे ने बताया कि छठ पर्व के दूसरे दिन खरना व्रत होता है। इस दिन व्रती सूर्योदय से सूर्यास्त तक व्रत का पालन करेंगी। सूर्यास्त के बाद खीर के साथ रोटी या पूड़ी बनाकर सूर्य देव को भोग लगाएंगी और उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करेंगी। 20 नवंबर को षष्ठी तिथि को बिना अन्न-जल के व्रत रखा जाएगा। डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाएगा। 21 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजन किया जाएगा। 

घरों में व कॉलोनी में अर्घ्य देने की व्यवस्था
पूर्वांचल सांस्कृतिक सेवा समिति के संरक्षक अशोक चौबे ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार श्रद्धालुओं से घरों में रहकर छठ मैया की पूजा करने की अपील की गई है। बुधवार को मधुसूदन सिटी पार्ट-टू, शमसाबाद रोड कॉलोनी में पूर्वांचल रेल परिवार के लोगों ने मिलकर कुंड बनाए। अरुण कुमार ने बताया कि यहां करीब 20 परिवार सूर्य देव को अर्घ्य देने के साथ पूजन करेंगे। कुंड बनाने में प्रदीप कुमार सिंह, राहुल चौरसिया, अजीत कुमार, श्याम सुंदर शर्मा, सुधीर कुमार गुप्ता आदि ने सहयोग दिया।
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