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ताजमहल: 370 साल बाद पहली बार होगा ये काम, राजस्थान के पत्थरों से चमकेगा चमेली फर्श
Mon, 02 Dec 2019 12:46 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 02 Dec 2019 12:46 AM IST
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
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दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारतों में शुमार ताजमहल के चमेली फर्श के 400 जर्जर पत्थर बदलने का काम सोमवार से शुरू होगा। स्मारक के तामीर होने के 370 साल बाद ये पत्थर बदले जाएंगे। इसके लिए राजस्थान के बंशीपहाड़पुर से लाल पत्थर और मकराना से मार्बल मंगाया गया है।
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ताजमहल में चमेली फर्श
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल के मूर्त रूप लेने के बाद चमेली फर्श के पत्थर पहली बार बदले जाएंगे। 400 पत्थर पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने इन पत्थरों को चिह्नित कर बदले जाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। पत्थर भी मंगा लिए गए हैं। अब इनको तराशने का काम शुरू होगा।
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ताजमहल में चमेली फर्श
- फोटो : अमर उजाला
स्मारक को पत्थरों की कटिंग से निकलने वाले कणों से बचाने के लिए इनको स्मारक के बाहरी क्षेत्र में तराशा जाएगा। ताकि स्मारक को नुकसान न पहुंचे। दरअसल, फर्श के पत्थरों को लगाने से पहले मशीनों के माध्यम से इनकी कटिंग की जाएगी। छैनी और हथौड़े से इनको तराशा जाएगा। इस दौरान पत्थर के काफी बारीक कण फर्श पर हवा के साथ बिखर जाते हैं।
ताजमहल पर बिना शू-कवर पहने भारतीय सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
पर्यटकों के पैरों से रगड़ने पर स्मारक के दूसरे पत्थरों को खराब कर सकते हैं। इसलिए लाल पत्थरों को तराशने का काम दशहरा घाट की तरफ स्थित कार्यशाला और मार्बल (सफेद पत्थर) को तराशने का काम गोशाला में होगा। बता दें कि ताजमहल का निर्माण वर्ष 1648 में पूरा हुआ था। तब से चमेली फर्श के पत्थर नहीं बदले गए हैं।
ताजमहल की उत्तर-पश्चिम मीनार
- फोटो : अमर उजाला
चमेशी फर्श पर जो पत्थर लगे हैं, उनमें फूल-पत्तियों की आकृति बनी हुई है। नये पत्थरों पर भी ऐसी ही आकृतियां उकेरी जाएंगी। ताकि पर्यटक इन बदले गए पत्थर और पहले से फर्श में लगे पत्थरों के बीच अंतर महसूस न कर पाएं।
ताजमहल पर पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
चमेली फर्श में तांतपुर के लाल पत्थरों का प्रयोग हुआ है। इस बार संरक्षण कार्य के दौरान राजस्थान के बंशी पहाड़पुर से पत्थर मंगाया गया है। दोनों जगह के लाल पत्थरों में मामूली सा अंतर है। वर्तमान में जो पत्थर लगे हैं, उनमें सफेद स्पॉट ज्यादा हैं। नये लाल पत्थरों में कम होंगे।
tajmahal
- फोटो : social media
चमेशी फर्श के जर्जर पत्थर बदले जाएंगे। इसके लिए सोमवार से काम शुरू होगा। पहले पत्थरों को तराशा जाएगा। इसके बाद उन्हें फर्श के खराब पत्थरों को निकालकर बदला जाएगा। - एके गुप्ता, वरिष्ठा संरक्षण सहायक, एएसआई