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साइबर अपराधियों के नए हथकंडे से बचें: बैंक के नाम से मोबाइल पर भेजा लिंक, क्लिक करते ही खाते से रकम गायब

Tue, 22 Feb 2022 09:52 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 22 Feb 2022 09:52 AM IST
सार

साइबर अपराध के मामले थम नहीं रहे हैं। शातिर अपराधी कभी रिश्तेदार बनकर तो कभी नौकरी का झांसा देकर वारदात कर रहे हैं। आगरा में इस बार नया मामला सामने आया है। यहां एक युवती को बैंक के नाम से फर्जी वेब पेज का लिंक भेजकर उसके खाते से रकम निकाल ली गई। 

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cash withdrawn from the account by creating a fake web page in the name of the bank in Agra
साइबर अपराध (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साइबर अपराधी लोगों के खातों में सेंध लगाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इस बार भारतीय स्टेट बैंक के योनो एप के नाम से फर्जी वेब पेज बना लिया। इसके बाद लीगल एडवाइजर युवती के मोबाइल पर लिंक भेज दिया। लिंक पर क्लिक करने पर जानकारी भरवा ली। इसके बाद खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़िता ने सोमवार को एसएसपी सुधीर कुमार सिंह से शिकायत की।   

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पीड़ित युवती माल रोड की रहने वाली हैं। उसने बताया कि उसका खाता भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में है। पिछले दिनों उन्होंने अपना पेन कार्ड बैंक में लगाया था। 19 फरवरी को उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। यह मैसेज बैंक की तरह था। इसमें लिखा था कि अपना पेन कार्ड खाते से लिंक करने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें। उन्हें लगा कि बैंक से आया है। इस पर युवती ने लिंक पर क्लिक कर दिया।
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उनके मोबाइल पर एक वेब पेज खुल गया। यह बैंक के योनो एप के नाम से था। इसमें उनका नाम और मोबाइल नंबर पहले से लिखा था। इसके बाद खाते से संबंधित अन्य जानकारी भरने के लिए कॉलम दिए थे। इस पर उन्होंने जानकारी भर दी। दस मिनट बाद उनके खाते से 50 हजार रुपये निकल गए। इसका मैसेज आने पर उन्हें जानकारी हुई। उन्होंने बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर दिया। अपना खाता बंद कराया। ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई। वह सोमवार को एसएसपी के पास पहुंची।

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अंजान लिंक पर नहीं करें क्लिक 

एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच साइबर सेल से कराई जाएगी। योनो एप जैसे वेब पेज तैयार करके साइबर अपराधियों ने खाते से रुपये निकाले हैं। इसके लिए लिंक भी भेजा गया। साइबर अपराधियों से बचने के लिए जागरूक रहें। 

मोबाइल पर आने वाले किसी भी मैसेज में लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। कॉल करके कोई खाते की जानकारी लेता है तो नहीं देनी चाहिए। लाटरी, बीमा धनराशि दिलाने के नाम पर ठगी करने वालों से सावधान रहें। साइबर ठगी होने पर पुलिस की मदद लें। साइबर क्राइम सेल आपकी मदद के लिए सदैव तत्पर है।

इस मामले में 20 महीने बाद मुकदमा

शाहगंज की रामस्वरूप कॉलोनी निवासी किशनपाल शर्मा के खाते से साइबर अपराधियों ने 40 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने बैंक से लेकर पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस कारण पीड़ित को केंद्रीय गृहमंत्री तक को प्रार्थनापत्र भेजना पड़ा। 20 महीने बाद उनका मुकदमा दर्ज किया गया।

किशनपाल शर्मा सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारी हैं। उनका खाता भारतीय स्टेट बैंक की जयपुर हाउस शाखा में है। उन्होंने मुकदमे में लिखा कि 24 फरवरी 2020 को उनका बेटा बीमार हो गया था। वह आईसीयू में भर्ती रहा। नौ मार्च 2020 को उसे जयपुर के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। वो 10 अप्रैल तक आईसीयू में रहा। लॉकडाउन होने की वजह से उन्हें तीन जून 2020 तक जयपुर में ही रहना पड़ा। 

इसी बीच आठ और नौ मई 2020 को उनके खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। इस मामले की शिकायत उन्होंने बैक अधिकारियों से लेकर पुलिस से भी की। मगर, कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में गृहमंत्री को शिकायती पत्र भेजा। रविवार को थाना शाहगंज में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसमें पेटीएम का खाताधारक अशोक और निजी बैंक का खाताधारक सचेन राम को आरोपी बनाया गया है। पुलिस विवेचना कर रही है।

नौकरी का झांसा देकर दस्तावेज पर ले लिया लोन

एत्मादपुर के युवक को साइबर अपराधियों ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी का शिकार बनाया। फोन पर साक्षात्कार के बाद आधार कार्ड सहित अन्य कागजात ले लिए। इसके बाद एक कंपनी से 15 हजार का लोन ले लिया। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की है।

एत्मादपुर निवासी धर्मवीर ने एक महीने पहले आनलाइन एक कंपनी का विज्ञापन देखा। इसमें नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए कहा गया था। इसमेें एक मोबाइल नंबर लिखा था। उन्होंने कॉल कर दिया। धर्मवीर का आनलाइन ही साक्षात्कार लिया गया। इसके बाद कागजात मांगे गए। नौकरी लगने की कहने की वजह से धर्मवीर ने कागजात व्हाट्सएप पर भेज दिए।

एक सप्ताह पहले उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। इसमें ऋण किस्त चुकाने के लिए कहा गया था। यह देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने जानकारी की तो पता चला कि उनके कागजात पर एक बार पांच तो दूसरी बार दस हजार का लोन लिया गया है। पीड़ित ने थाने में शिकायत की है।

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