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विश्वविद्यालय की बड़ी कार्रवाईः एसआईटी के नाम से फर्जी पत्र भेजने के मामले में 60 अभ्यर्थियों पर केस
Sun, 09 Feb 2020 09:46 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 09 Feb 2020 09:46 AM IST
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार ने शनिवार को उन 60 अभ्यर्थियों के खिलाफ केस दर्ज कराया जिन्होंने कार्रवाई से बचने के लिए एसआईटी दफ्तर के नाम से पत्र भेजे थे। इन सभी के बीएड-2005 के अंकपत्र एसआईटी जांच में फर्जी पाए गए थे।
कुलसचिव कार्यालय में तीन पत्र 21 जनवरी को मिले थे। इन्हें दस जनवरी को भेजा गया था। इनमें लिखा था कि इन साठ अभ्यर्थियों का नाम गलती से उस सूची में आ गया जिनके अंकपत्र फर्जी पाए गए थे। प्रत्येक पत्र में 20-20 नाम और रोल नंबर थे।
शक होने पर कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित ने इसकी जांच कराई। एसआईटी के अफसरों ने साफ कर दिया कि ऐसा कोई पत्र नहीं भेजा गया है। एसआईटी के डीएसपी जे रविंद्र गौड़ ने सात फरवरी को कुलसचिव को पत्र भेजकर इस मामले में जालसाजी का केस दर्ज कराने के लिए कहा।
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इस पर शनिवार को हरीपर्वत थाना में तहरीर दे दी गई। थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि पत्र में जिन साठ अभ्यर्थियों के नाम और रोल नंबर दिए गए हैं, सभी को आरोपी बनाया गया है। विवि ने शुक्रवार को बीएड-2005 के 2824 अंक पत्र फर्जी करार दे दिए थे। एसआईटी ने 4766 की सूची दी थी। अन्य पर फैसला होना
शेष है।
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कुलसचिव कार्यालय में तीन पत्र 21 जनवरी को मिले थे। इन्हें दस जनवरी को भेजा गया था। इनमें लिखा था कि इन साठ अभ्यर्थियों का नाम गलती से उस सूची में आ गया जिनके अंकपत्र फर्जी पाए गए थे। प्रत्येक पत्र में 20-20 नाम और रोल नंबर थे।
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शक होने पर कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित ने इसकी जांच कराई। एसआईटी के अफसरों ने साफ कर दिया कि ऐसा कोई पत्र नहीं भेजा गया है। एसआईटी के डीएसपी जे रविंद्र गौड़ ने सात फरवरी को कुलसचिव को पत्र भेजकर इस मामले में जालसाजी का केस दर्ज कराने के लिए कहा।
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इस पर शनिवार को हरीपर्वत थाना में तहरीर दे दी गई। थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि पत्र में जिन साठ अभ्यर्थियों के नाम और रोल नंबर दिए गए हैं, सभी को आरोपी बनाया गया है। विवि ने शुक्रवार को बीएड-2005 के 2824 अंक पत्र फर्जी करार दे दिए थे। एसआईटी ने 4766 की सूची दी थी। अन्य पर फैसला होना
शेष है।
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एसआईटी के फर्जी पत्र में नाम वालों की हो सकती है गिरफ्तारी
एसआईटी की सूची से 60 अभ्यर्थियों को बाहर निकालने का दांव उल्टा पड़ गया है। नाम तो निकला नहीं, सभी के खिलाफ थाने में मुकदमा और दर्ज हो गया। इन सभी की गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस इन्हें नोटिस जारी कर पहले इनका बयान दर्ज करेगी।
इनसे पूछा जाएगा कि पत्र में इनका नाम और रोल नंबर कैसे आ गया? पुलिस का कहना है कि साक्ष्य मिलते ही इन्हें पकड़ लिया जाएगा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन 2824 फर्जी अंकपत्रों पर निर्णय ले चुका है।
सूची में शामिल बाकी अंकपत्रों पर जल्द निर्णय लिया जाना है। एसआईटी का फर्जी पत्र भेजने से अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की कार्रवाई से नहीं बच पाए। उन्हें धोखाधड़ी का केस और झेलना पड़ेगा।
एसआईटी की सूची से 60 अभ्यर्थियों को बाहर निकालने का दांव उल्टा पड़ गया है। नाम तो निकला नहीं, सभी के खिलाफ थाने में मुकदमा और दर्ज हो गया। इन सभी की गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस इन्हें नोटिस जारी कर पहले इनका बयान दर्ज करेगी।
इनसे पूछा जाएगा कि पत्र में इनका नाम और रोल नंबर कैसे आ गया? पुलिस का कहना है कि साक्ष्य मिलते ही इन्हें पकड़ लिया जाएगा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन 2824 फर्जी अंकपत्रों पर निर्णय ले चुका है।
सूची में शामिल बाकी अंकपत्रों पर जल्द निर्णय लिया जाना है। एसआईटी का फर्जी पत्र भेजने से अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की कार्रवाई से नहीं बच पाए। उन्हें धोखाधड़ी का केस और झेलना पड़ेगा।