{"_id":"6581f7e8a432ba31ca0258a6","slug":"case-going-on-in-cjm-court-regarding-cough-syrup-containing-codeine-kasganj-news-c-175-1-sagr1031-8758-2023-12-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: कोडीनयुक्त कफ सीरप मामले में चल रहा सीजेएम न्यायालय में केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: कोडीनयुक्त कफ सीरप मामले में चल रहा सीजेएम न्यायालय में केस
Wed, 20 Dec 2023 01:37 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Wed, 20 Dec 2023 01:37 AM IST
विज्ञापन
कासगंज। कोडीनयुक्त कफ सीरप के मामले में जिले की चार फार्मा फर्मों के खिलाफ सीजेएम न्यायालय में एक माह पूर्व परिवाद दायर किया जा चुका है। औषधि विभाग इस मामले में निरंतर जांच पड़ताल कर रहा है। फर्म संचालकों पर आरोप है कि उनके द्वारा बिक्री का कोई सेल रिकॉर्ड नहीं रखा गया है। जब सेल रिकॉर्ड मांगा गया तो सेल रिकॉर्ड गलत दिया गया। जिसका वेरिफिकेशन नहीं हो सका।
औषधि विभाग के निरीक्षक रमेश चंद्र ने बताया कि सितंबर माह में कोडीनयुक्त खांसी कफ सीरप की अत्यधिक मात्रा में स्टॉक की जानकारी पर यह कार्रवाई सुनिश्चित की गई। यह भी बताया गया कि कोडीनयुक्त कफ सीरप खांसी के दवा है, लेकिन नशे के लिए भी इसका प्रयोग होता है। कोडीन के प्रयोग का लाइसेंस नारकोटिक्स विभाग के द्वारा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जिले के आरुषि मेडिकल, डौली मेडिकल और शिव फार्मा के विरुद्ध सीजेएम न्यायालय में परिवाद दायर किया गया है। जबकि मानस फार्मास्युटिकल्स के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। बताया गया कि सभी लाइसेंस पूर्व में ही निरस्त किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
औषधि विभाग के निरीक्षक रमेश चंद्र ने बताया कि सितंबर माह में कोडीनयुक्त खांसी कफ सीरप की अत्यधिक मात्रा में स्टॉक की जानकारी पर यह कार्रवाई सुनिश्चित की गई। यह भी बताया गया कि कोडीनयुक्त कफ सीरप खांसी के दवा है, लेकिन नशे के लिए भी इसका प्रयोग होता है। कोडीन के प्रयोग का लाइसेंस नारकोटिक्स विभाग के द्वारा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जिले के आरुषि मेडिकल, डौली मेडिकल और शिव फार्मा के विरुद्ध सीजेएम न्यायालय में परिवाद दायर किया गया है। जबकि मानस फार्मास्युटिकल्स के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। बताया गया कि सभी लाइसेंस पूर्व में ही निरस्त किए जा चुके हैं।
विज्ञापन