{"_id":"5bc49908bdec2269612abdb7","slug":"case-filed-against-six-accused-of-swindle-from-youth","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर 19 लाख की ठगी, जालसाजों ने ऐसे बनाया शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर 19 लाख की ठगी, जालसाजों ने ऐसे बनाया शिकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 15 Oct 2018 07:11 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के एक युवक और उसके परिजनों से नौकरी लगवाने के नाम पर 19 लाख रुपये ठग लिए गए। उसकी शिकायत पर कोर्ट ने छह आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश शाहगंज थाना पुलिस को दिए हैं।
ठगी का शिकार बोदला के रामनगर नई आबादी निवासी मयंक दिवाकर और उनका परिवार हुआ है। आरोपियों में जितेंद्र को मास्टरमाइंड बताया गया है। वो मयंक से रिश्तेदार के यहां मिला था। उसने नौकरी लगवाने का झांसा दिया।
मयंक उसके जाल में फंस गया। उसने कहा कि वो बैंक में नौकरी लगवा देगा। उसके पिता और बहन प्रीति से 19 लाख रुपये अलग अलग तारीखों में ले लिए। बहन को आयकर विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
ठगी का शिकार बोदला के रामनगर नई आबादी निवासी मयंक दिवाकर और उनका परिवार हुआ है। आरोपियों में जितेंद्र को मास्टरमाइंड बताया गया है। वो मयंक से रिश्तेदार के यहां मिला था। उसने नौकरी लगवाने का झांसा दिया।
विज्ञापन
मयंक उसके जाल में फंस गया। उसने कहा कि वो बैंक में नौकरी लगवा देगा। उसके पिता और बहन प्रीति से 19 लाख रुपये अलग अलग तारीखों में ले लिए। बहन को आयकर विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा दिया था।
विज्ञापन
थमा दिया था फर्जी नियुक्ति पत्र
मयंक का कहना है कि उसने कहा था कि एसबीआई में नौकरी लगवाएगा। अधिवक्ता सुरेश चंद सोनी ने बताया कि इस मामले का प्रार्थना पत्र एसीजेएम नितिन पांडेय की कोर्ट में दिया गया था। उन्होंने एफआईआर के लिए आदेश दिया।
आरोप है कि जितेंद्र ने मयंक को बैंक में लिपिक पद पर नियुक्ति का फर्जी पत्र थमा दिया था। उसे लखनऊ में ग्राहक सेवा केंद्र में अस्थाई तौर पर रखवा दिया। नौ महीने वह वहां रहा। इसके बाद उसे पता चला कि उसके साथ धोखा हुआ है।
सभी आरोपी कानपुर के पटेलनगर, सिकंदरा के रहने वाले हैं। आरोपियों में जितेंद्र कुमार सैनी, उसकी पत्नी रेखा सैनी, नारायण सिंह सैनी, उसकी पत्नी सेववती सैनी, बेटा चंदन सैनी, पुत्रवधू आरती सैनी शामिल हैं।
आरोप है कि जितेंद्र ने मयंक को बैंक में लिपिक पद पर नियुक्ति का फर्जी पत्र थमा दिया था। उसे लखनऊ में ग्राहक सेवा केंद्र में अस्थाई तौर पर रखवा दिया। नौ महीने वह वहां रहा। इसके बाद उसे पता चला कि उसके साथ धोखा हुआ है।
सभी आरोपी कानपुर के पटेलनगर, सिकंदरा के रहने वाले हैं। आरोपियों में जितेंद्र कुमार सैनी, उसकी पत्नी रेखा सैनी, नारायण सिंह सैनी, उसकी पत्नी सेववती सैनी, बेटा चंदन सैनी, पुत्रवधू आरती सैनी शामिल हैं।