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खुशखबरीः 2022 में कर सकेंगे बुलेट ट्रेन की सवारी
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 27 May 2017 09:47 PM IST
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bullet train
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रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल ने कहा कि 2022 तक भारतीय ट्रैक पर बुलेट ट्रेन भी नजर आ जाएगी। जापान के सहयोग से बुलेट ट्रेन के संचालन का प्रस्ताव है। इस पर तेजी से काम चल रहा है।
आगरा में शनिवार को प्रेसवार्ता में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने भारतीय रेलवे के नवीनीकरण के लिए हो रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी तक रेल पटरियों पर फ्रेक्चर की जांच करने का तरीका मैनुअल था। कर्मचारी कुछ उपकरणों की मदद से पटरियों की जांच करते हैं।
ऐसे में एक कर्मचारी पूरे दिन में आठ दस किलोमीटर लंबी पटरियां जांच पाता है। अब अल्ट्रासोनिक डिटेक्शन मोबाइल वैन ट्रैक को चेक करेगी। ये वैन एक घंटे में 50 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक को चेक करेगी।
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इस मशीन में अत्याधुनिक उपकरण लगे हुए हैं, जोकि पटरी टूटी मिलने पर वैन में बैठे संरक्षा कर्मचारी को संकेत देंगे। इसके बाद पटरियों की मरम्मत कराई जाएगी। वहीं उन्हों ने बुलेट ट्रेन के बारे में भी बताया।
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि बुलेट ट्रेन के संचालन के लिए कार्य किए जा रहे हैं। इसके लिए जापान से सहयोग लिया जा रहा है। रेलवे तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में 2022 तक आपको भारत के रेलवे ट्रैक पर बुलेट ट्रेन दौड़ती नजर आएगी।
उन्होंने डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर 2019 तक पूरा होने की बता कही। चेयरमैन एके मित्तल बोले कि मालगाड़ियों के संचालन के लिए बनाए जा रहे डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर का काम तेजी से चल रहा है। डीएफसी का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है। अगले दो साल में देशभर में काम पूरा होने की संभावना है। इससे यात्री ट्रेनों की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी।
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आगरा में शनिवार को प्रेसवार्ता में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने भारतीय रेलवे के नवीनीकरण के लिए हो रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी तक रेल पटरियों पर फ्रेक्चर की जांच करने का तरीका मैनुअल था। कर्मचारी कुछ उपकरणों की मदद से पटरियों की जांच करते हैं।
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ऐसे में एक कर्मचारी पूरे दिन में आठ दस किलोमीटर लंबी पटरियां जांच पाता है। अब अल्ट्रासोनिक डिटेक्शन मोबाइल वैन ट्रैक को चेक करेगी। ये वैन एक घंटे में 50 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक को चेक करेगी।
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इस मशीन में अत्याधुनिक उपकरण लगे हुए हैं, जोकि पटरी टूटी मिलने पर वैन में बैठे संरक्षा कर्मचारी को संकेत देंगे। इसके बाद पटरियों की मरम्मत कराई जाएगी। वहीं उन्हों ने बुलेट ट्रेन के बारे में भी बताया।
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि बुलेट ट्रेन के संचालन के लिए कार्य किए जा रहे हैं। इसके लिए जापान से सहयोग लिया जा रहा है। रेलवे तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में 2022 तक आपको भारत के रेलवे ट्रैक पर बुलेट ट्रेन दौड़ती नजर आएगी।
उन्होंने डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर 2019 तक पूरा होने की बता कही। चेयरमैन एके मित्तल बोले कि मालगाड़ियों के संचालन के लिए बनाए जा रहे डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर का काम तेजी से चल रहा है। डीएफसी का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है। अगले दो साल में देशभर में काम पूरा होने की संभावना है। इससे यात्री ट्रेनों की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी।