{"_id":"5fa770008ebc3e9ba3266499","slug":"bribe-audio-goes-viral-of-tehsildar-kiraoli","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"शर्मनाक : तहसीलदार ने मांगी तीन लाख रुपये की रिश्वत, ऑडियो हुआ वायरल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शर्मनाक : तहसीलदार ने मांगी तीन लाख रुपये की रिश्वत, ऑडियो हुआ वायरल
Mon, 09 Nov 2020 01:02 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 09 Nov 2020 01:02 AM IST
सार
सेवानिवृत्त रजिस्टर कानूनगो अर्जुन सिंह मीडिएटर थे। अर्जुन सिंह के जरिए पक्षकार ने तहसीलदार से बात की तो उन्होंने डेढ़-डेढ़ लाख रुपये (कुल तीन लाख) की रिश्वत मांगी।
विज्ञापन
ऑडियो वायरल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा जनपद में किरावली के तहसीलदार राजू कुमार दाखिला खारिज करने के नाम पर तीन लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में फंस गए हैं। बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद एसडीएम सुमित कुमार सिंह ने 48 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है, दूसरी तरफ जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने मामला सही मिलने पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
किरावली तहसील में खसरा-खतौनी में नामांतरण (दाखिला खारिज) के लिए एक पक्षकार ने दो फाइल तहसीलदार राजू कुमार के न्यायालय में प्रस्तुत कीं। कई दिनों तक फाइल दबी रहीं। दाखिल खारिज नहीं किया। सेवानिवृत्त रजिस्टर कानूनगो अर्जुन सिंह मीडिएटर थे। अर्जुन सिंह के जरिए पक्षकार ने तहसीलदार से बात की तो उन्होंने डेढ़-डेढ़ लाख रुपये (कुल तीन लाख) की रिश्वत मांगी।
तहसीलदार और पक्षकार की बातचीत का ऑडियो वायरल हो गया। हालांकि ऑडियो पुराना बताया जा रहा है लेकिन वायरल होने के बाद शुक्रवार को एसडीएम सुमित सिंह ने इस मामले में तहसीलदार राजू कुमार से 48 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
किरावली तहसील में खसरा-खतौनी में नामांतरण (दाखिला खारिज) के लिए एक पक्षकार ने दो फाइल तहसीलदार राजू कुमार के न्यायालय में प्रस्तुत कीं। कई दिनों तक फाइल दबी रहीं। दाखिल खारिज नहीं किया। सेवानिवृत्त रजिस्टर कानूनगो अर्जुन सिंह मीडिएटर थे। अर्जुन सिंह के जरिए पक्षकार ने तहसीलदार से बात की तो उन्होंने डेढ़-डेढ़ लाख रुपये (कुल तीन लाख) की रिश्वत मांगी।
विज्ञापन
तहसीलदार और पक्षकार की बातचीत का ऑडियो वायरल हो गया। हालांकि ऑडियो पुराना बताया जा रहा है लेकिन वायरल होने के बाद शुक्रवार को एसडीएम सुमित सिंह ने इस मामले में तहसीलदार राजू कुमार से 48 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
जेल जा चुका है अर्जुन सिंह
ऑडियो में तहसीलदार अर्जुन सिंह को नाम लेकर कह रहे हैं ‘हमने अपनी इच्छा बता दी है बाकी बात अर्जुन सिंह से कर लीजिएगा।’ प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि अर्जुन सिंह राजस्व से सेवानिवृत्त हो चुका है। फिर भी आरोपी तहसीलदार के मुंह लगे होने के कारण अक्सर उनके चेंबर आता-जाता रहता था। 2004 में सदर तहसील में तैनाती के दौरान दाखिला खारिज के नाम पर तीन हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने अर्जुन सिंह को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उसे जेल जाना पड़ा। 2018 में सेवानिवृत्त हो गया। मुकदमा अब तक चल रहा है।
वायरल ऑडियो के मुख्य अंश
तहसीलदार : ये बताओ फोन रिकॉर्ड पर तो नहीं है।
पक्षकार : नहीं सर... कभी नहीं कर सकता ऐसा.. मैं आपसे व्यक्तिगत मिल सकता हूं।
तहसीलदार : तो आप व्यक्तिगत रूप से घर आ जाइए।
पक्षकार : सर.. मैं कहा आ जाऊं फिर।
तहसीलदार : आप जाएं तो हम बता दें... तो आप घर आ जाएं, हम जज कपाउंड बी-17 में रहते हैं।
पक्षकार : जी सर...
तहसीलदार : या तो कहिए... हम फोन पर कह दें... आप परेशानी से बच जाएंगे...
पक्षकार : जी सर... बता दीजिए... मेहरबानी होगी
तहसीलदार : देखिए वो दो फाइल हैं।
पक्षकार : जी सर... दो फाइल हैं लेकिन उनमें नाम एक ही आना है।
तहसीलदार : हां... फाइल तो दो हैं न... दोनों के हिसाब से बात कर लीजिए।
पक्षकार : जी सर... बताइए
तहसीलदार : अर्जुन सिंह से मेरी बात हो गई है, डेढ़-डेढ़ करके हमको चाहिए... मतलब तीन लाख।
पक्षकार : ये तो बहुत ज्यादा हो जाएगा... सर।
तहसीलदार : अब आपको हम बता दिए हैं अर्जुन सिंह से बात कर लीजिए, यही बात वो भी आपको बताएंगे।
पक्षकार : देख लीजिए सर... मै इतना बड़ा आदमी नहीं हूं।
तहसीलदार : इसके बाद आरके का अलग से करना होगा.. आप देख लीजिए आगे-पीछे हो जाएगा।
पक्षकार : ये तो सर बहुत हो जाएगा... मेरे बस में नहीं है।
तहसीलदार : अरे... तो यार काम भी तो टिपिकल है आपका, ये काम होने लायक भी तो नहीं है।
पक्षकार : इसलिए मैं व्यक्ति रूप से आपसे मिलकर थोड़ा डिस्कस करना चाह रहा था।
तहसीलदार : अब मैंने आपको हिंट दे दिया है... कि मेरी ये इच्छा है। और आप अर्जुन सिंह से बात कर लीजिए।
पक्षकार : जी सर।
ऑडियो में तहसीलदार अर्जुन सिंह को नाम लेकर कह रहे हैं ‘हमने अपनी इच्छा बता दी है बाकी बात अर्जुन सिंह से कर लीजिएगा।’ प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि अर्जुन सिंह राजस्व से सेवानिवृत्त हो चुका है। फिर भी आरोपी तहसीलदार के मुंह लगे होने के कारण अक्सर उनके चेंबर आता-जाता रहता था। 2004 में सदर तहसील में तैनाती के दौरान दाखिला खारिज के नाम पर तीन हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने अर्जुन सिंह को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उसे जेल जाना पड़ा। 2018 में सेवानिवृत्त हो गया। मुकदमा अब तक चल रहा है।
वायरल ऑडियो के मुख्य अंश
तहसीलदार : ये बताओ फोन रिकॉर्ड पर तो नहीं है।
पक्षकार : नहीं सर... कभी नहीं कर सकता ऐसा.. मैं आपसे व्यक्तिगत मिल सकता हूं।
तहसीलदार : तो आप व्यक्तिगत रूप से घर आ जाइए।
पक्षकार : सर.. मैं कहा आ जाऊं फिर।
तहसीलदार : आप जाएं तो हम बता दें... तो आप घर आ जाएं, हम जज कपाउंड बी-17 में रहते हैं।
पक्षकार : जी सर...
तहसीलदार : या तो कहिए... हम फोन पर कह दें... आप परेशानी से बच जाएंगे...
पक्षकार : जी सर... बता दीजिए... मेहरबानी होगी
तहसीलदार : देखिए वो दो फाइल हैं।
पक्षकार : जी सर... दो फाइल हैं लेकिन उनमें नाम एक ही आना है।
तहसीलदार : हां... फाइल तो दो हैं न... दोनों के हिसाब से बात कर लीजिए।
पक्षकार : जी सर... बताइए
तहसीलदार : अर्जुन सिंह से मेरी बात हो गई है, डेढ़-डेढ़ करके हमको चाहिए... मतलब तीन लाख।
पक्षकार : ये तो बहुत ज्यादा हो जाएगा... सर।
तहसीलदार : अब आपको हम बता दिए हैं अर्जुन सिंह से बात कर लीजिए, यही बात वो भी आपको बताएंगे।
पक्षकार : देख लीजिए सर... मै इतना बड़ा आदमी नहीं हूं।
तहसीलदार : इसके बाद आरके का अलग से करना होगा.. आप देख लीजिए आगे-पीछे हो जाएगा।
पक्षकार : ये तो सर बहुत हो जाएगा... मेरे बस में नहीं है।
तहसीलदार : अरे... तो यार काम भी तो टिपिकल है आपका, ये काम होने लायक भी तो नहीं है।
पक्षकार : इसलिए मैं व्यक्ति रूप से आपसे मिलकर थोड़ा डिस्कस करना चाह रहा था।
तहसीलदार : अब मैंने आपको हिंट दे दिया है... कि मेरी ये इच्छा है। और आप अर्जुन सिंह से बात कर लीजिए।
पक्षकार : जी सर।
रिंग बजी पर नहीं उठाया फोन
इस संबंध में तहसीलदार किरावली राजू कुमार से उनका पक्ष जानने के लिए कई बार उनके निजी मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया। कई बार रिंग बजी लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
ऑडियो मिला है, स्पष्टीकरण मांगा है
मुझे ऑडियो मिला है। स्पष्टीकरण मांगा है। उनका जवाब आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी ने शिकायत नहीं की है लेकिन विभागीय स्तर पर कार्रवाई होगी। - सुमित कुमार सिंह, एसडीएम
तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई होगी
ऑडियो कई दिन पुराना है। लेकिन इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। तहसीलदार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। मैंने एसडीएम से रिपोर्ट मांगी है। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
इस संबंध में तहसीलदार किरावली राजू कुमार से उनका पक्ष जानने के लिए कई बार उनके निजी मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया। कई बार रिंग बजी लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
ऑडियो मिला है, स्पष्टीकरण मांगा है
मुझे ऑडियो मिला है। स्पष्टीकरण मांगा है। उनका जवाब आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी ने शिकायत नहीं की है लेकिन विभागीय स्तर पर कार्रवाई होगी। - सुमित कुमार सिंह, एसडीएम
तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई होगी
ऑडियो कई दिन पुराना है। लेकिन इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। तहसीलदार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। मैंने एसडीएम से रिपोर्ट मांगी है। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी