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ताज पर पोत दी डामर की कालिख
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Sep 2016 12:12 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी ताजगंज में पूरे दिन जलाया बिटुमिन
- फोटो : अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण ताजमहल की 500 मीटर परिधि में दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों के डीजल-पेट्रोल के वाहन प्रदूषण के चलते भले ही रोक दिए जाते हों, लेकिन नगर निगम के अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को धता बताते हुए ताजमहल पर डामर की कालिख पोत गए।
मंगलवार को पूरे दिन ताजमहल के 500 मीटर दायरे के अंदर ताजगंज दक्षिणी गेट पर बिटुमिन (डामर) जलाकर सड़क के गड्ढे भरे जाते रहे। इससे निकले काले धुंए ने ताज पर कालिख पोत दी, जबकि पूर्व में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ताज खेमा आने पर डामर जलाने के मामले में एफआईआर तक दर्ज करा दी गई थी।
ताजमहल से महज सौ मीटर दूर यलो जोन के ताजगंज दक्षिणी गेट पर गुरुद्वारा वाली गली में गड्ढों को भरने के लिए सुबह डामर पिघलाने का काम शुरू किया गया। डामर के ड्रम को आग पर रखा गया तो काला धुआं पूरे ताजगंज में फैलने लगा। कई लोगों ने इस पर आपत्ति की, लेकिन ठेकेदार नहीं माना।
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हैरतअंगेज पहलू ये है कि एक साल पहले ही प्रशासन ने ताज पूर्वी गेट पर सड़क बनाने के दौरान इसी तरह डामर पिघलाने पर मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन मंगलवार को पूरे दिन प्रदूषण फैलाने की इस घटना में किसी पर कोई कार्यवाही नहीं की गई।
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मंगलवार को पूरे दिन ताजमहल के 500 मीटर दायरे के अंदर ताजगंज दक्षिणी गेट पर बिटुमिन (डामर) जलाकर सड़क के गड्ढे भरे जाते रहे। इससे निकले काले धुंए ने ताज पर कालिख पोत दी, जबकि पूर्व में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ताज खेमा आने पर डामर जलाने के मामले में एफआईआर तक दर्ज करा दी गई थी।
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ताजमहल से महज सौ मीटर दूर यलो जोन के ताजगंज दक्षिणी गेट पर गुरुद्वारा वाली गली में गड्ढों को भरने के लिए सुबह डामर पिघलाने का काम शुरू किया गया। डामर के ड्रम को आग पर रखा गया तो काला धुआं पूरे ताजगंज में फैलने लगा। कई लोगों ने इस पर आपत्ति की, लेकिन ठेकेदार नहीं माना।
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हैरतअंगेज पहलू ये है कि एक साल पहले ही प्रशासन ने ताज पूर्वी गेट पर सड़क बनाने के दौरान इसी तरह डामर पिघलाने पर मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन मंगलवार को पूरे दिन प्रदूषण फैलाने की इस घटना में किसी पर कोई कार्यवाही नहीं की गई।