Mathura: आम लोगों की तरह बांकेबिहारी मंदिर पहुंचे पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह, गोपनीय तरीके से की जांच
वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की मंगला आरती के समय हुए हादसे को लेकर खुफिया विभाग सक्रिय है तो वहीं हादसे से संबंधित सभी तथ्यों को जुटाने के लिए मंगलवार को आम लोगों की तरह पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह बांकेबिहारी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने मंदिर में मौजूद लोगों से पूछताछ की। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज भी देखे।
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वृंदावन में जन्माष्टमी पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती के दौरान भगदड़ में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। करीब 70 लोग घायल हो गए थे, जिनमें सात श्रद्धालुओं की हालत गंभीर होने पर अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा गठित की गई जांच टीम के अध्यक्ष पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने मंगलवार को वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर आकर जांच की। दुकानदारों व अन्य लोगों से भी उन्होंने घटना के बारे में जानकारी की। गोपनीय तरीके से बांकेबिहारी मंदिर पहुंचे पूर्व डीजीपी ने अपनी जांच करने के बाद गाड़ी में बैठे और चले गए। इस दौरान किसी को उनके मंदिर के आसपास होने की भनक तक नहीं लगी।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में हुए हादसे को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह की अध्यक्षता में जांच टीम का गठन किया था। इस टीम में अलीगढ़ के कमिश्नर गौरव दयाल भी शामिल हैं। मंगलवार को दोपहर लगभग 12 बजे जांच टीम के अध्यक्ष सुलखान सिंह अपने साथ एक अन्य सज्जन को लेकर वृंदावन पहुंचे। दोनों ने पहले सनेह बिहारी मंदिर से लेकर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के गेट नंबर पांच और चार तक निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने आसपास के दुकानदारों से मंदिर की गलियों और मंदिर के अंदर होने वाली भीड़ के बारे में जानकारी ली। इसी दौरान वहां से गुजर रहे कुछ श्रद्धालुओं से भी उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं और भीड़ के बारे में पूछा। इसके बाद पूर्व डीजीपी गेट नंबर चार से परिक्रमा मार्ग होते हुए वीआईपी रोड पर चल दिए। पूर्व डीजीपी का निरीक्षण इतना गोपनीय रहा कि न पुलिस के अधिकारियों को उनके आने की भनक लगी और न मंदिर प्रबंधन ही उन्हें पहचान सका। आम श्रद्धालु की तरह कंधे में बैग लटकाए लोगों से बात करते हुए अपनी जांच की उन्होंने शुरूआत की।
अधिकारियों को पता था कि मंगलवार को आएंगे
मथुरा जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को इस बात की जानकारी थी कि जांच टीम के मुखिया सुलखान सिंह मंगलवार को जांच करने आएंगे। अधिकारियों की टीम बांकेबिहारी मंदिर के आसपास थी लेकिन जिस तरह से वे पहुंचे, किसी को इसकी भनक नहीं लगी। उनके साथ जो गाड़ियां व सुरक्षा की टीम थी वो काफी दूर खड़ी थी। वापसी के दौरान वह टहलते हुए गाड़ियों तक पहुंचे। हालांकि जिस वक्त वह निरीक्षण कर रहे थे, सादे कपड़ों में उनकी सिक्योरिटी में तैनात पुलिस आसपास ही रही।
सुलखान सिंह सादगी की मिसाल हैं
1983 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे सुलखान सिंह की सादगी, ईमानदारी व शालीनता की मिसाल दी जाती है। बांदा जिले के गांव जौहरपुर निवासी सुलखान ने आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग करने के बाद दिल्ली से एमटैक भी किया। बताते हैं कि पूर्व डीजीपी का घर अभी भी पुराना है। वह कई बार ऑटो में आते जाते दिखे। इतना ही नहीं बांदा के मेडिकल कॉलेज के बाहर वह एक पेड़ के नीचे पालथी मारकर बैठे थे और मूंगफली खा रहे थे। यह तस्वीर उनकी खूब वायरल हुई थी। उन्होंने नौकरी के दौरान कई भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी।