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बैंक घोटाला: पीड़ित उपभोक्ताओं में आक्रोश, बनाई संघर्ष समिति
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कासगंज। एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र पर हुए घोटाले के पीड़ित उपभोक्ताओं को भुगतान नहीं मिल पा रहा। आक्रोशित उपभोक्ताओं ने संघर्ष समिति बनाते हुए आंदोलन की रूपरेखा बनाई है।
ग्राहक सेवा केंद्र गोरहा पर बड़ा घोटाला हुआ। किसानों के लाखों रुपये का घोटाला कर केंद्र संचालक अर्जुन फरार है। मामले ने जब तूल पकड़ा तो प्रशासन ने जांच के लिए समिति बनाई। उपभोक्ताओं की तहरीर पर सोरों कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज हो गया। जांच शुरू हो गई, लेकिन उपभोक्ताओं के भुगतान की कोई भी योजना तैयार नहीं की गई। प्रशासनिक समिति ने तो जांच रिपोर्ट भी सौंप दी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि भुगतान किस तरह होगा। अब उपभोक्ता भुगतान के लिए दर दर भटक रहे हैं। भुगतान के लिए जांच समिति के अध्यक्ष लीड बैंक मैनेजर महेश चंद्र से संपर्क किया तो उन्होंने उपभोक्ताओं को बैंक में संपर्क करने को कह दिया। स्टेट बैंक के अफसर यह कहकर पल्ला झाड़ रहे कि उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी है और ओरियल कंपनी से भुगतान की संस्तुति की है। गोरहा, नगला हीरा, लुहर्रा के किसानों ने संघर्ष समिति बनाई है। महेश चंद्र, सुरेश पाल सिंह, रामचंद्र, दिनेश ने संघर्ष समिति का मोर्चा संभाला है। यह समिति आंदोलन करेगी।
आंकड़े की नजर से-
- 4000 किसानों के साथ हुई धोखाधड़ी।
- 43 लाख रुपये से अधिक का घोटाला अब तक आया सामने।
- हमने जांच आख्या तैयार कर रिपोर्ट दिल्ली और मुंबई मुख्यालय को भेज दी है। अब मुख्यालय स्तर से ही कोई कार्रवाई होगी। अभी कोई दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। अमित कुमार, रीजनल मैनेजर, एसबीआई।
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- हमारा काम जांच करने का था। जांच रिपोर्ट हमने प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दी है। अब प्रशासनिक अफसर और स्टेट बैंक के अधिकारी ही अगला कदम उठाएंगे। महेश चंद्र, लीड बैंक मैनेजर।
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ग्राहक सेवा केंद्र गोरहा पर बड़ा घोटाला हुआ। किसानों के लाखों रुपये का घोटाला कर केंद्र संचालक अर्जुन फरार है। मामले ने जब तूल पकड़ा तो प्रशासन ने जांच के लिए समिति बनाई। उपभोक्ताओं की तहरीर पर सोरों कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज हो गया। जांच शुरू हो गई, लेकिन उपभोक्ताओं के भुगतान की कोई भी योजना तैयार नहीं की गई। प्रशासनिक समिति ने तो जांच रिपोर्ट भी सौंप दी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि भुगतान किस तरह होगा। अब उपभोक्ता भुगतान के लिए दर दर भटक रहे हैं। भुगतान के लिए जांच समिति के अध्यक्ष लीड बैंक मैनेजर महेश चंद्र से संपर्क किया तो उन्होंने उपभोक्ताओं को बैंक में संपर्क करने को कह दिया। स्टेट बैंक के अफसर यह कहकर पल्ला झाड़ रहे कि उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी है और ओरियल कंपनी से भुगतान की संस्तुति की है। गोरहा, नगला हीरा, लुहर्रा के किसानों ने संघर्ष समिति बनाई है। महेश चंद्र, सुरेश पाल सिंह, रामचंद्र, दिनेश ने संघर्ष समिति का मोर्चा संभाला है। यह समिति आंदोलन करेगी।
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आंकड़े की नजर से-
- 4000 किसानों के साथ हुई धोखाधड़ी।
- 43 लाख रुपये से अधिक का घोटाला अब तक आया सामने।
- हमने जांच आख्या तैयार कर रिपोर्ट दिल्ली और मुंबई मुख्यालय को भेज दी है। अब मुख्यालय स्तर से ही कोई कार्रवाई होगी। अभी कोई दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। अमित कुमार, रीजनल मैनेजर, एसबीआई।
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- हमारा काम जांच करने का था। जांच रिपोर्ट हमने प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दी है। अब प्रशासनिक अफसर और स्टेट बैंक के अधिकारी ही अगला कदम उठाएंगे। महेश चंद्र, लीड बैंक मैनेजर।