इसे कहते हैं, जान हथेली पर रखना

ब्यूरो, अमर उजाला Updated Sat, 17 Oct 2015 01:43 AM IST
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जीत सिंह स्टेडियम में शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का मोटरसाइकिल दस्ते ‘जांबाज’ के विश्वस्तरीय करतब देखने जनसमूह उमड़ पड़ा। टीम लीडर इंस्पेक्टर अवधेश सिंह ने बार्डर मैन सेल्यूट से शुरू हुए करतबों की शृंखला को लोग दम साधे देखते रहे। एक बाइक पर आठ राइडर्स का कमल दल और उस पर मंडराता भंवरे का प्रदर्शन हो या अशोक दीक्षित की ‘बैक राइडिंग’ रोमांचित हाथ तालियां बजाते न थके। लोगों ने जाना, यह मात्र स्टंट नहीं। जान हथेली पर रखने के इसी जज्बे के बूते ये जवान देश की सीमाओं के निगहबान हैं। इसके पूर्व प्रशिक्षित डॉग्स के करतब भी दर्शक लंबे समय तक याद रखेंगे।
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बीएसएफ की स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित शो की शुरुआत सुबह नौ बजे हुई। राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण केंद्र, टेकनपुर (ग्वालियर) में प्रशिक्षित डॉग्स ने अपने ट्रेनरों के साथ देश की सीमाओं पर दुश्मनों से निपटने से लेकर आग के गोले से निकलने तक के करतब दिखाए। सीमा पार से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने में भी इन डॉग्स की मदद ली जाती है। इनमें से एक टैंडी ने कई बक्सों में से उस बाक्स को खोज निकाला, जिसमें मादक पदार्थ थे। डाग ट्रेनरों की इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह ने किया। इसके बाद ‘जांबाज’ के आरक्षक पी बालगन ने लेग गार्ड पर करतब दिखाए। मुख्य आरक्षक रणवीर सिंह के नेतृत्व में एक बाइक पर आठ जवानों ने कमल और उस पर मंडराता भंवरा प्रदर्शित किया। टीम लीडर अवधेश सिंह ने दो जवानों के ऊपर से और फिर यू बाल जंप में कांच के फ्रेम को तोड़ते हुए बाइक निकालने का करतब दिखाया। सबसे खतरनाक प्रदर्शन म्यूजिकल राइड था जिसमें 16 जवानों ने मैदान में संतुलन, एकाग्रता और कौशल की मिसाल पेश की। इसके अलावा एयरो पोजीशन, 3 मैन बैलेंस, नैक राइडिंग, फिश राइडिंग, हार्स राइडिंग, मंकी राइडिंग, लैडर डबल, योगासन ने भी दर्शकों को दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर कर दिया। शाम चार बजे के शो में भी भारी भीड़ रही। इंस्पेक्टर उमेश यादव की कमेंटरी से लोगों को राइडर्स की खूबियों समझने में आसानी हुई। शो के दौरान बीएसएफ के कमांडेंट मुकेश त्यागी, सेकेंड इन कमांड मुकुंद ओझा व अन्य अधिकारी मौैजूद रहे।
आज आखिरी दिन
होगा खास करतब
प्रदर्शन का आज अंतिम दिन है। 1990 में गठित जांबाज दस्ते के जवान शनिवार की सुबह नौ और शाम चार बजे के दोनों शो में एक विशेष करतब (बार्डर लायंस ड्रिल्स या बोल्ड्स) का भी प्रदर्शन करेंगे। चलती बाइक पर हथियारों के संचालन का यह रोमांकारी प्रदर्शन जांबाज भी बहुत खास मौके पर ही करते हैं।

आज एडीजी शैलेंद्र
भी देखेंगे प्रदर्शन
जीत सिंह स्टेडियम में कार्यक्रम के अंतिम दिन बीएसएफ अकादमी (टेकनपुर) के डायरेक्टर एवं एडीजी शैलेंद्र सिंह तोमर मुख्य अतिथि होंगे। डीएम पंकज कुमार और एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह को भी आमंत्रित किया गया है।
 
दूसरे देशों के डॉग्स को
भी दी जाती है ट्रेनिंग
टेकनपुर के राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण अकादमी में भारत के सैन्य और पुलिस बलों के ही बल्कि दूसरे देशों के सुरक्षा बलों के डॉग्स को भी प्रशिक्षित किया जाता है। इस अकादमी के डॉग्स को कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल भी मिल चुके हैं।
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