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Agra News: निर्माणाधीन पक्के पुल पर लगाई जाएगी वैकल्पिक सीढ़ी
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पिनाहट। चंबल नदी के पिनाहट घाट पर निर्माणाधीन पक्के पुल का काम करीब 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। मध्य प्रदेश की ओर एप्रोच मार्ग का निर्माण पूरा हो गया है, जबकि उत्तर प्रदेश की सीमा में एप्रोच मार्ग का निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ है। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अब मध्य प्रदेश प्रशासन ने सेतु निगम को पिनाहट घाट पर भी वैकल्पिक सीढ़ी बनाने के निर्देश जारी किए हैं।
पिनाहट घाट पर पुल का काम पूरा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को मोटरबोट के सहारे चंबल नदी पार करनी पड़ रही है। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर हादसे का खतरा और बढ़ जाता है। तीन दिन पूर्व मध्य प्रदेश के नगरा घाट से सवारियों से भरी मोटरबोट नदी में बह गई थी। प्रशासन ने सुरक्षा मानकों और अनुमति के बिना मोटरबोट चलाने के आरोप में ठेकेदार समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद पिनाहट चंबल घाट पर भी मोटरबोट का संचालन बंद करा दिया गया था।
वहीं, चंबल घाट पर वैकल्पिक सीढ़ी लगाने की ग्रामीणों की मांग को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद मध्य प्रदेश प्रशासन ने सेतु निर्माण विभाग को पिनाहट घाट पर एप्रोच मार्ग बनने तक अस्थायी सीढ़ी लगाने के लिए कहा है। इससे बाढ़ के दौरान ग्रामीणों को दोनों राज्यों के बीच आवागमन में सुविधा मिल सकेगी।
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सेतु निर्माण विभाग के इंजीनियर मुकेश कुमार ने बताया कि जिला अधिकारी मुरैना की ओर विभाग से पिनाहट घाट पर सीढ़ी लगाने के लिए कहा गया है। हालांकि, सीढ़ी लगाए जाने से एप्रोच मार्ग के निर्माण कार्य में बाधा आने की संभावना है। इसके बावजूद अधिकारियों के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पिनाहट घाट पर पुल का काम पूरा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को मोटरबोट के सहारे चंबल नदी पार करनी पड़ रही है। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर हादसे का खतरा और बढ़ जाता है। तीन दिन पूर्व मध्य प्रदेश के नगरा घाट से सवारियों से भरी मोटरबोट नदी में बह गई थी। प्रशासन ने सुरक्षा मानकों और अनुमति के बिना मोटरबोट चलाने के आरोप में ठेकेदार समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद पिनाहट चंबल घाट पर भी मोटरबोट का संचालन बंद करा दिया गया था।
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वहीं, चंबल घाट पर वैकल्पिक सीढ़ी लगाने की ग्रामीणों की मांग को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद मध्य प्रदेश प्रशासन ने सेतु निर्माण विभाग को पिनाहट घाट पर एप्रोच मार्ग बनने तक अस्थायी सीढ़ी लगाने के लिए कहा है। इससे बाढ़ के दौरान ग्रामीणों को दोनों राज्यों के बीच आवागमन में सुविधा मिल सकेगी।
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सेतु निर्माण विभाग के इंजीनियर मुकेश कुमार ने बताया कि जिला अधिकारी मुरैना की ओर विभाग से पिनाहट घाट पर सीढ़ी लगाने के लिए कहा गया है। हालांकि, सीढ़ी लगाए जाने से एप्रोच मार्ग के निर्माण कार्य में बाधा आने की संभावना है। इसके बावजूद अधिकारियों के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।