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Agra News: एंबुलेंस ने रास्ते में तोड़ा दम, 700 मीटर कीचड़ पारकर कंधे पर ले गए शव
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फोटो।फतेहाबाद की ग्राम पंचायत खंडेर की ठार रामदास में खराब रास्ते के कारण पानी और कीचड़ से होकर
फतेहाबाद। विकासखंड फतेहाबाद की ग्राम पंचायत खंडेर के ठार रामदास में शुक्रवार सुबह सड़क की बदहाली का दर्द उस समय सामने आया, जब बीमारी से स्याही राम की मौत के बाद परिजन को उनका शव कंधे पर रखकर करीब 700 मीटर कीचड़ और पानी से भरे रास्ते से घर तक ले जाना पड़ा। आगरा से शव लेकर पहुंची एंबुलेंस गांव की पक्की सड़क से आगे खराब रास्ते के कारण नहीं जा सकी।
ठार रामदास गांव पक्की सड़क से करीब 700 मीटर दूर बसा है। ग्रामीणों के अनुसार, पक्की सड़क से ठार तक पहुंचने के लिए आज भी कच्चे रास्ते का सहारा लेना पड़ता है। रास्ते में जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। शुक्रवार को बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी भर गया था और पूरा रास्ता कीचड़ व दलदल में तब्दील हो गया था। ऐसे में एंबुलेंस के गांव तक पहुंचने की उम्मीद भी बेकार साबित हुई।
हर बार होती है परेशानी
परिजन के अनुसार, स्याहीराम का इलाज आगरा में चल रहा था। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे बीमारी के चलते उनकी मौत हो गई। परिजन एंबुलेंस से शव लेकर गांव पहुंचे। एंबुलेंस गांव की पक्की सड़क तक तो पहुंच गई, लेकिन इसके बाद करीब 700 मीटर का कच्चा रास्ता होने के कारण आगे बढ़ना मुश्किल हो गया। रास्ते में गहरे गड्ढे और पानी भरा होने के चलते एंबुलेंस को आगे ले जाने का जोखिम नहीं उठाया जा सका। ग्रामीणों का कहना है कि किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने या शव को गांव तक लाने के लिए हर बार इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण रामनिवास, देवदत्त और शंकरलाल के मुताबिक, सामान्य दिनों में भी कच्चा रास्ता परेशानी का कारण बना हुआ है, लेकिन बरसात में स्थिति बेहद खराब हो जाती है। दोपहिया वाहन तो दूर, चार पहिया वाहन भी कई बार फंस जाते हैं। धर्मवीर गौरव ने बताया कि जब भी किसी बीमार या प्रसूता महिला को अस्पताल ले जाना होता है तो चारपाई पर रखकर पक्की सड़क तक ले जाना पड़ता है।
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आजादी के बाद से सड़क का इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से अब तक ठार रामदास तक पक्की सड़क नहीं बन सकी है। क्षेत्रीय विधायक और सांसद से भी शिकायत की गई है। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास और सड़क निर्माण के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद उनकी समस्या जस की तस रह जाती है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
सड़क की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही ठार रामदास तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो आगामी चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक सड़क नहीं बनती, तब तक किसी भी जनप्रतिनिधि को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कराकर जल्द सड़क निर्माण की कार्रवाई शुरू कराई जाए।
मामला संज्ञान में आया है। खंड विकास अधिकारी को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने और समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को समस्या से निजात मिल सके।
स्वाति शर्मा, एसडीएम फतेहाबाद
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ठार रामदास गांव पक्की सड़क से करीब 700 मीटर दूर बसा है। ग्रामीणों के अनुसार, पक्की सड़क से ठार तक पहुंचने के लिए आज भी कच्चे रास्ते का सहारा लेना पड़ता है। रास्ते में जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। शुक्रवार को बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी भर गया था और पूरा रास्ता कीचड़ व दलदल में तब्दील हो गया था। ऐसे में एंबुलेंस के गांव तक पहुंचने की उम्मीद भी बेकार साबित हुई।
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हर बार होती है परेशानी
परिजन के अनुसार, स्याहीराम का इलाज आगरा में चल रहा था। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे बीमारी के चलते उनकी मौत हो गई। परिजन एंबुलेंस से शव लेकर गांव पहुंचे। एंबुलेंस गांव की पक्की सड़क तक तो पहुंच गई, लेकिन इसके बाद करीब 700 मीटर का कच्चा रास्ता होने के कारण आगे बढ़ना मुश्किल हो गया। रास्ते में गहरे गड्ढे और पानी भरा होने के चलते एंबुलेंस को आगे ले जाने का जोखिम नहीं उठाया जा सका। ग्रामीणों का कहना है कि किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने या शव को गांव तक लाने के लिए हर बार इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण रामनिवास, देवदत्त और शंकरलाल के मुताबिक, सामान्य दिनों में भी कच्चा रास्ता परेशानी का कारण बना हुआ है, लेकिन बरसात में स्थिति बेहद खराब हो जाती है। दोपहिया वाहन तो दूर, चार पहिया वाहन भी कई बार फंस जाते हैं। धर्मवीर गौरव ने बताया कि जब भी किसी बीमार या प्रसूता महिला को अस्पताल ले जाना होता है तो चारपाई पर रखकर पक्की सड़क तक ले जाना पड़ता है।
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आजादी के बाद से सड़क का इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से अब तक ठार रामदास तक पक्की सड़क नहीं बन सकी है। क्षेत्रीय विधायक और सांसद से भी शिकायत की गई है। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास और सड़क निर्माण के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद उनकी समस्या जस की तस रह जाती है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
सड़क की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही ठार रामदास तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो आगामी चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक सड़क नहीं बनती, तब तक किसी भी जनप्रतिनिधि को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कराकर जल्द सड़क निर्माण की कार्रवाई शुरू कराई जाए।
मामला संज्ञान में आया है। खंड विकास अधिकारी को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने और समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को समस्या से निजात मिल सके।
स्वाति शर्मा, एसडीएम फतेहाबाद