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डाक्टर की गोली हो या वैद्यजी की बूटी, देश में अब एक ही जगह मिलेंगे सारे उपचार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 06 Jan 2018 03:48 PM IST
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भारत में अब चिकित्सा की सभी पद्धतियों का उपचार एक ही छत के नीचे मिलेगा। आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी पद्धति के सभी चिकित्सालयों को ग्रामीण अंचल में प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया जाएगा।
केंद्र सरकार का आयुष मंत्रालय आयुष पद्धति को अब बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई नए प्रयोग करने जा रही है। इसमें जनपद स्तर पर आयुष चिकित्सालयों की स्थापना भी शामिल है। मथुरा के फरह स्थित नगला चंद्रभान में इसके लिए जगह चिंहित कर ली गई है।
इसके साथ ही केंद्र सरकार ने सभी आयुष पद्धति के चिकित्सालयों को एक ही स्थान पर स्थापित करने की भी पहल की है। इसके तहत ग्रामीण अंचल में स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष चिकित्सा भी उपलब्ध होगी।
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केंद्र सरकार का आयुष मंत्रालय आयुष पद्धति को अब बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई नए प्रयोग करने जा रही है। इसमें जनपद स्तर पर आयुष चिकित्सालयों की स्थापना भी शामिल है। मथुरा के फरह स्थित नगला चंद्रभान में इसके लिए जगह चिंहित कर ली गई है।
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इसके साथ ही केंद्र सरकार ने सभी आयुष पद्धति के चिकित्सालयों को एक ही स्थान पर स्थापित करने की भी पहल की है। इसके तहत ग्रामीण अंचल में स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष चिकित्सा भी उपलब्ध होगी।
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इसके लिए ग्रामीण अंचल में किराए या फिर सरकारी भवनों में संचालित हो रहे होम्योपैथिक चिकित्सालय तथा डिस्पेंसरी तथा आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सालयों को भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित किया जाएगा।
मथुरा जनपद में आयुर्वेदिक के 34 चिकित्सालय हैं, जबकि होम्योपैथिक के चिकित्सालयों की संख्या 16 है। इनमें से अधिकांश की स्थिति बदहाल है।
संसाधन के साथ चिकित्सकों की भी कमी है। राज्य सरकार ने केंद्र की इस पहल पर अमल के आदेश जारी कर दिए हैं, जिनका क्रियान्वयन डीएम और सीएमओ के स्तर से किया जाना है।
मथुरा जनपद में आयुर्वेदिक के 34 चिकित्सालय हैं, जबकि होम्योपैथिक के चिकित्सालयों की संख्या 16 है। इनमें से अधिकांश की स्थिति बदहाल है।
संसाधन के साथ चिकित्सकों की भी कमी है। राज्य सरकार ने केंद्र की इस पहल पर अमल के आदेश जारी कर दिए हैं, जिनका क्रियान्वयन डीएम और सीएमओ के स्तर से किया जाना है।