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अक्षय तृतीया पर होंगे भगवान बांके बिहारी के चरण दर्शन, भक्तों पर बरसेगी विशेष कृपा
Sun, 05 May 2019 02:44 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 05 May 2019 02:44 PM IST
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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अक्षय तृतीया पर्व पर वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी जी के चरण दर्शन सात मई को होंगे। इस शुभ अवसर पर बिहारी जी के शृंगार के लिए सेवायत चंदन घिसाई में लगे हुए हैं। चरण में पाजेब पहने बिहारी जी के दर्शन वर्ष में एक बार अक्षय तृतीया को ही होते हैं।
इस बार सात मई को अक्षय तृतीया पर्व मनाया जाएगा। इस दिन बांके बिहारी मंदिर में भक्त सुबह 7:45 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 5:30 बजे से 9:30 बजे तक अपने आराध्य के चरण दर्शन कर सकेंगे। इस दिन भक्त फूल बंगले के दर्शन नहीं कर सकेंगे।
राजभोग सेवा अधिकारी निकुंजवर्धन गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर जी के समीप चंदन के गोले रखे जाएंगे, वहीं आराध्य को सुबह धोती व शाम को जामा पहनाया जाएगा। चरण में पाजेब पहने बिहारी जी के दर्शन वर्ष में सिर्फ एक ही बार होते हैं।
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इस बार सात मई को अक्षय तृतीया पर्व मनाया जाएगा। इस दिन बांके बिहारी मंदिर में भक्त सुबह 7:45 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 5:30 बजे से 9:30 बजे तक अपने आराध्य के चरण दर्शन कर सकेंगे। इस दिन भक्त फूल बंगले के दर्शन नहीं कर सकेंगे।
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राजभोग सेवा अधिकारी निकुंजवर्धन गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर जी के समीप चंदन के गोले रखे जाएंगे, वहीं आराध्य को सुबह धोती व शाम को जामा पहनाया जाएगा। चरण में पाजेब पहने बिहारी जी के दर्शन वर्ष में सिर्फ एक ही बार होते हैं।
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सेवायत घिस रहे चंदन
अक्षय तृतीया पर ठाकुर जी के विशेष शृंगार के लिए चंदन घिसाई का कार्य करीब एक माह पूर्व ही शुरू हो जाता है। चंदन को महीन कर उसमें कपूर केसर, गुलाब जल, इत्र, यमुना जल आदि मिलाकर इसका लेप तैयार किया जाता है।
अक्षय तृतीया पर श्रृंगार से पूर्व इस लेप से बिहारी जी का उबटन किया जाता है। इसके बाद भगवान के चरण दर्शन होते हैं। मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन बांके बिहारी के चरण दर्शन करने से भक्तों पर प्रभु की विशेष कृपा बरसती है।
राधाबल्लभ, शाहजी, राधा रमण, श्यामसुंदर समेत अन्य मंदिरों में अक्षय तृतीया से फूल बंगले बनने भी प्रारंभ होंगे। वहीं ठाकुर जी को शीतलता प्रदान करने के लिए मंदिर प्रांगण में फव्वारे भी चालू करा दिए जाएंगे।
अक्षय तृतीया पर श्रृंगार से पूर्व इस लेप से बिहारी जी का उबटन किया जाता है। इसके बाद भगवान के चरण दर्शन होते हैं। मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन बांके बिहारी के चरण दर्शन करने से भक्तों पर प्रभु की विशेष कृपा बरसती है।
राधाबल्लभ, शाहजी, राधा रमण, श्यामसुंदर समेत अन्य मंदिरों में अक्षय तृतीया से फूल बंगले बनने भी प्रारंभ होंगे। वहीं ठाकुर जी को शीतलता प्रदान करने के लिए मंदिर प्रांगण में फव्वारे भी चालू करा दिए जाएंगे।