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फर्जी नोटरी: जिन नोटरीकर्ता की हो चुकी है मृत्यु, उनकी मुहर लगाकर कर दिया एग्रीमेंट, दर्ज हुआ केस
Thu, 22 Jan 2026 09:33 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 22 Jan 2026 09:33 AM IST
सार
दिवंगत नोटरीकर्ता की फर्जी मोहर लगाकर एग्रीमेंट कर दिया गया। मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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FIR Demo
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के थाना शमसाबाद में फर्जी नोटरी के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि दिवंगत नोटरीकर्ता की फर्जी मोहर का इस्तेमाल कर कोल्ड स्टोरेज का एग्रीमेंट किया गया। इसके बाद कुछ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज करा दी गई। जांच में यह खुलासा हुआ। पुलिस साक्ष्य संकलन कर रही है।
थाना शमसाबाद के चितौरा गांव निवासी ब्रजेश सिंह ने अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह को प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप लगाया कि मेघ सिंह, लोकेंद्र सिंह, रवि, राहुल व अन्य ने पिता भगवान सिंह से कोल्ड स्टोर में साझेदारी का एग्रीमेंट 30 अप्रैल 2019 का दर्शाया था, जिसे नोटरीकर्ता सुनील कुमार कुलश्रेष्ठ ने नोटराइज बताया था।
सुनील कुमार कुलश्रेष्ठ सदर तहसील में नोटरी कर्ता थे, उनकी मृत्यु 4 जुलाई 2018 को हो चुकी थी। ऐसे में मृत व्यक्ति की ओर से दस्तावेज सत्यापित किया जाना असंभव है। उनके फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी नोटरी के माध्यम से एग्रीमेंट तैयार किया गया, जिसके आधार पर थाना शमसाबाद में 2021 में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
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इसके अलावा जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया गया, जिसमें 24 फरवरी 2023 को एकतरफा आदेश प्राप्त कर लिया गया। पीड़ित बृजेश ने बताया कि इन कार्रवाइयों से उन्हें आर्थिक नुकसान और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। अपर पुलिस आयुक्त ने शिकायत के बाद जांच कराई। इसमें साक्ष्य मिल गए। इसके बाद रिपोर्ट भेजी गई। थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस ने जांच के बाद निवासी मेघ सिंह, लोकेंद्र सिंह, राहुल और प्रदीप पर धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी।
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थाना शमसाबाद के चितौरा गांव निवासी ब्रजेश सिंह ने अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह को प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप लगाया कि मेघ सिंह, लोकेंद्र सिंह, रवि, राहुल व अन्य ने पिता भगवान सिंह से कोल्ड स्टोर में साझेदारी का एग्रीमेंट 30 अप्रैल 2019 का दर्शाया था, जिसे नोटरीकर्ता सुनील कुमार कुलश्रेष्ठ ने नोटराइज बताया था।
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सुनील कुमार कुलश्रेष्ठ सदर तहसील में नोटरी कर्ता थे, उनकी मृत्यु 4 जुलाई 2018 को हो चुकी थी। ऐसे में मृत व्यक्ति की ओर से दस्तावेज सत्यापित किया जाना असंभव है। उनके फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी नोटरी के माध्यम से एग्रीमेंट तैयार किया गया, जिसके आधार पर थाना शमसाबाद में 2021 में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
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इसके अलावा जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया गया, जिसमें 24 फरवरी 2023 को एकतरफा आदेश प्राप्त कर लिया गया। पीड़ित बृजेश ने बताया कि इन कार्रवाइयों से उन्हें आर्थिक नुकसान और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। अपर पुलिस आयुक्त ने शिकायत के बाद जांच कराई। इसमें साक्ष्य मिल गए। इसके बाद रिपोर्ट भेजी गई। थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस ने जांच के बाद निवासी मेघ सिंह, लोकेंद्र सिंह, राहुल और प्रदीप पर धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी।