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आगरा विविः बीएड फर्जीवाड़े में जेल गए चारों कर्मचारी निलंबित
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 28 Oct 2017 09:22 PM IST
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अागरा विवि
- फोटो : अमर उजाला
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बीएड के फर्जी अंकपत्र को असली बताकर उनका सत्यापन करने के आरोप में जेल में बंद डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के चारों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। कुलसचिव आरपी सिंह की रिपोर्ट पर कुलपति डा. अरविंद कुमार दीक्षित ने निलंबन आदेश जारी किया।
बता दें कि विश्वविद्यालय के डिग्री सेक्शन के कार्यालय अधीक्षक स्वामी शरण, चार्ट रूम में तैनात सतेंद्र पाल सिंह, बीए प्रथम वर्ष का काम देखने वाले लक्ष्मण सिंह और डिस्पैच में तैनात साकेत प्रसाद को 24 अक्तूबर को एसआईटी ने लखनऊ में गिरफ्तार किया था।
उसी दिन चारों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया था। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डा. गिरजाशंकर शर्मा के मुताबिक निर्धारित अवधि के बाद तक जेल में बंद होने के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने चारों कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
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बता दें कि विश्वविद्यालय के डिग्री सेक्शन के कार्यालय अधीक्षक स्वामी शरण, चार्ट रूम में तैनात सतेंद्र पाल सिंह, बीए प्रथम वर्ष का काम देखने वाले लक्ष्मण सिंह और डिस्पैच में तैनात साकेत प्रसाद को 24 अक्तूबर को एसआईटी ने लखनऊ में गिरफ्तार किया था।
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उसी दिन चारों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया था। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डा. गिरजाशंकर शर्मा के मुताबिक निर्धारित अवधि के बाद तक जेल में बंद होने के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने चारों कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
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ये आरोपी अब तक फरार
इस मामले में भौतिक विज्ञान विभाग में तैनात हरीश कसाना भी आरोपी है। उसको न तो अभी तक पकड़ा गया और न ही विश्वविद्यालय स्तर से कोई कदम उठाया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन खुद कोई कदम उठाने से बच रहा है।
हाईकोर्ट के आदेश पर एसआईटी फर्जीवाड़े की जांच कर रही है। कर्मचारियों की गिरफ्तारी से विश्वविद्यालय में डर का माहौल बना हुआ है। अभी 2004-05 के बीएड फर्जी मार्कशीट प्रकरण में फंसे कर्मचारियों को एसआईटी आरोपी बनाने की तैयारी में है।
हाईकोर्ट के आदेश पर एसआईटी फर्जीवाड़े की जांच कर रही है। कर्मचारियों की गिरफ्तारी से विश्वविद्यालय में डर का माहौल बना हुआ है। अभी 2004-05 के बीएड फर्जी मार्कशीट प्रकरण में फंसे कर्मचारियों को एसआईटी आरोपी बनाने की तैयारी में है।