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Agra: खबर का हुआ असर, केंद्रीय पुस्तकालय की दशा सुधारने के लिए बनाई कमेटी
Fri, 14 Oct 2022 01:08 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 14 Oct 2022 01:08 PM IST
सार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में केंद्रीय पुस्तकालय के रिकॉर्ड 1927 से सत्यापन नहीं हुआ है। इसी साल पुस्तकालय शुरू हुआ था। अलमारी-रैक, स्टाफ की कमी से नुकसान हो रहा था। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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केंद्रीय पुस्तकालय में गल-फट रहीं पुस्तकें
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर स्थित केंद्रीय पुस्तकालय की दशा सुधारने के लिए कमेटी बनाई गई है। यह पुस्तकालय के भवन और पुस्तकों के रखरखाव आदि के बारे में अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद विस्तृत प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा जाएगा।
अमर उजाला की ओर से विश्वविद्यालय के सर्वाधिक पुराने भवन में से एक केंद्रीय पुस्तकालय के भवन की दुर्दशा व पुस्तकों के रखरखाव की खराब स्थिति को उजागर किया गया। कुलपति प्रो. आशु रानी ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने पुस्तकालय की दशा सुधारने के लिए बृहस्पतिवार को अधिकारियों के साथ चर्चा भी की।
कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि कुलपति के निर्देश पर कमेटी बना दी गई है। इसमें केएमआई के प्रो. प्रदीप श्रीधर, आईटीएचएम के निदेशक प्रो. यूएन शुक्ला के साथ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के लोगों को रखा गया है। केंद्रीय पुस्तकालय का भवन पुराना है, इसलिए एएसआई के लोगों को रखा गया है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा जाएगा।
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अमर उजाला की ओर से विश्वविद्यालय के सर्वाधिक पुराने भवन में से एक केंद्रीय पुस्तकालय के भवन की दुर्दशा व पुस्तकों के रखरखाव की खराब स्थिति को उजागर किया गया। कुलपति प्रो. आशु रानी ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने पुस्तकालय की दशा सुधारने के लिए बृहस्पतिवार को अधिकारियों के साथ चर्चा भी की।
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कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि कुलपति के निर्देश पर कमेटी बना दी गई है। इसमें केएमआई के प्रो. प्रदीप श्रीधर, आईटीएचएम के निदेशक प्रो. यूएन शुक्ला के साथ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के लोगों को रखा गया है। केंद्रीय पुस्तकालय का भवन पुराना है, इसलिए एएसआई के लोगों को रखा गया है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा जाएगा।
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