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आगरा में चलना मुश्किल: एक घंटे में पांच मिनट का सफर, पुलिस के पास भी नहीं कोई विकल्प; जाम से जूझ रहे लोग

Fri, 23 Oct 2026 09:48 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Fri, 23 Oct 2026 09:48 AM IST
सार

आगरा में मेट्रो निर्माण, सड़कों की खुदाई, डायवर्जन और अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे पांच मिनट का सफर तय करने में एक घंटे तक का समय लग रहा है। व्यापारियों, चिकित्सकों और अधिवक्ताओं ने विभागों के बीच समन्वय की कमी पर सवाल उठाते हुए एंबुलेंस, स्कूल बसों और आम लोगों को राहत देने के लिए प्रभावी ट्रैफिक प्लान की मांग की है।

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Agra Traffic Nightmare: Five-Minute Journeys Taking an Hour Amid Metro Construction and Road Diversions
आगरा का जाम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

 सड़कों की खुदाई, मेट्रो का निर्माण और बिना सोचे-समझे डायवर्जन लोगों के लिए समस्या बढ़ा रहा है। पांच मिनट का रास्ता पार करने में एक घंटे तक लग रहा है। सुबह और शाम रोजमर्रा के काम के लिए निकलने वालों दोपहर में एंबुलेंस में मरीज और स्कूली वाहनों में विद्यार्थियों को भी जाम से जूझना पड़ रहा है। एसी कमरों में बैठकर बनने वाले प्लान कभी धरातल पर नहीं उतर पाते हैं। अमर उजाला के अभियान ऑपरेशन ट्रैफिक पर शहर के व्यापारियों, चिकित्सक और अधिवक्ताओं ने बेबाकी से यह बात रखी।
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एमजी रोड और हाईवे दो प्रमुख मार्ग हैं। इन दोनों पर ही रोजाना लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। इसकी प्रमुख वजह मेट्रो का निर्माण कार्य है। दिन के साथ ही रात में भी वाहनों की लंबी लाइन लग रही है। रही-सही कसर सीएम ग्रिड के कार्य पूरे कर रहे हैं। अन्य रास्तों पर भी लोगों को फंसना पड़ रहा है। पुलिसकर्मियों की तैनाती के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इससे हर वर्ग का व्यक्ति परेशान हैं। अधिकारियों के आदेश और निरीक्षण के बाद भी निजात नहीं मिल पा रही है।
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आईएमए अध्यक्ष डॉ. हरेंद्र गुप्ता ने बताया कि निर्माण कार्यों और त्योहारों के दौरान रास्ते बंद कर दिए जाते हैं या डायवर्जन लागू कर दिया जाता है, लेकिन लोगों के लिए केवल कामचलाऊ वैकल्पिक मार्ग बनाए जाते हैं। इससे सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों को होती है। जाम में एंबुलेंस फंसने से मरीजों की जान पर बन आती है।
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उत्तर प्रदेश होम्योपैथिक कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. कैलाश चंद सारस्वत ने बताया कि चौराहों पर ऑटो बेतरतीब खड़े होने से जाम लग रहा है। ऑटो के लिए स्टैंड तय किए जाने चाहिए और जाम लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। चौराहों पर बार-बार होने वाले अतिक्रमण को रोकने के लिए हदबंदी की जाए और पुलिस की सतर्कता भी बढ़ाई जाए।

मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य डॉ. संजय चतुर्वेदी ने बताया कि शहर में एक साथ कई निर्माण कार्य बेतरतीब ढंग से किए जा रहे हैं। इनके लिए कोई कार्ययोजना नहीं बनाई गई है और न ही विभिन्न विभागों के बीच सामंजस्य है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। त्योहार के दौरान स्थिति और भयावह हो सकती है। पूरा शहर जाम से जूझ रहा है, लेकिन अफसर बेखबर हैं।

जयपुर हाउस निवासी मोहित गोयल ने बताया कि जाम की समस्या रोजाना की हो गई है। वैन से स्कूल जाने वाले बच्चे औसतन एक घंटे की देरी से घर पहुंचते हैं। गर्मी में बच्चों का बुरा हाल हो जाता है और कई बार उनकी तबीयत भी खराब हो जाती है। पुलिस और प्रशासन को स्कूलों की छुट्टी के समय जाम से बचाव के लिए विशेष प्लानिंग करनी चाहिए।

लोहार गली व्यापार समिति के अध्यक्ष संदीप गुप्ता ने बताया कि घने बाजार में पहले से ही जगह सीमित है, लेकिन दुकानदार चार से पांच फीट तक सड़क पर अतिक्रमण कर लेते हैं। इससे वाहन फंस जाते हैं। जाम के कारण खरीदारों की संख्या भी कम हो रही है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। सड़क पर सामान रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

आगरा इलेक्ट्रिकल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता ने बताया कि पूरा शहर जाम से जूझ रहा है। व्यापारियों को अपने प्रतिष्ठानों तक पहुंचने में मुश्किल हो रही है। त्योहार नजदीक है और जाम के कारण दुकानदारी प्रभावित हो रही है। लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। पुलिस और प्रशासन को त्योहार को देखते हुए विशेष कार्ययोजना बनाकर जाम की समस्या दूर करनी चाहिए।

अधिवक्ता उर्वशी वर्मा ने बताया कि धनौली से दीवानी पहुंचने में पहले एक घंटे का समय लगता था, लेकिन अब दो से तीन घंटे लग रहे हैं। पिछले छह महीने से एमजी रोड पर रावली, हरीपर्वत और खेरिया मोड़ पर जाम की समस्या बनी हुई है। 18 अक्तूबर से खेरिया ओवरब्रिज भी बंद कर दिया गया है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

अधिवक्ता सूरज सिंह ने बताया कि पथौली से दीवानी जाते समय सबसे पहले शाहगंज में जाम का सामना करना पड़ता है। अब एमजी रोड पर भी हालात खराब हैं। चौराहों पर पुलिसकर्मी तैनात तो रहते हैं, लेकिन वे पुलिस बूथ पर दिखाई देते हैं। होमगार्ड वाहनों को रोक-रोककर निकालते हैं, लेकिन उनकी बात कोई नहीं सुनता।

अधिवक्ता विशाल चौधरी ने बताया कि घर से निकलते ही सिकंदरा चौराहे पर जाम का सामना करना पड़ता है। हाईवे पर मेट्रो के निर्माण कार्य के कारण गुरुद्वारा गुरु का ताल तक जाम लगा रहता है। पहले दीवानी पहुंचने में 15 मिनट लगते थे, लेकिन अब एक घंटे से अधिक समय लग जाता है।

व्यापारी वेद पाल धर ने बताया कि शहरभर में जाम से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। घर से निकलने से पहले सोचना पड़ता है कि किस रास्ते से जाएं, लेकिन जिस मार्ग से भी निकलते हैं, वहां जाम में फंसना पड़ता है।

व्यापारी सचिन मल्होत्रा ने बताया कि जाम की समस्या इतनी बढ़ गई है कि लोगों को पैदल निकलने तक की जगह नहीं मिलती। हालात ऐसे हो जाते हैं कि दुकानों पर ग्राहकों का आना बंद हो जाता है, जिससे व्यापार प्रभावित होता है।

व्यापारी आदित्य माहेश्वरी ने बताया कि जाम के कारण ग्राहकों का दुकानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। घर जाने के लिए भी घंटों जाम में जूझना पड़ता है। किसी जरूरी काम से घर जाना भी मुश्किल हो गया है।


राजा मंडी निवासी व्यापारी संजय जैसवानी ने बताया कि स्कूलों और दफ्तरों की छुट्टी के समय जाम विकराल हो जाता है। एंबुलेंस और स्कूल बसों का जाम में फंसना आम हो गया है, जबकि यातायात पुलिस इस समस्या को लेकर बेपरवाह बनी हुई है।
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