राहत: कोविड संक्रमण से ठीक हुए लोगों में नहीं मिला डेंगू, चिकित्सक तैयार कर रहे केस हिस्ट्री
बाल रोग विभाग के डेंगू वार्ड प्रभारी डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि भर्ती वाले सभी मरीजों की कोविड जांच कराने पर निगेटिव मिले। अभिभावकों ने अपने बच्चे के पहले कोरोना से संक्रमित होने की जानकारी नहीं दी है।
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कोरोना वायरस से संक्रमित होकर ठीक हुए लोग अभी डेंगू की चपेट में आने से बचे हुए हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों को मेडिसिन विभाग में भर्ती रहे 59 मरीजों की रिपोर्ट में यह जानकारी मिली है। इसकी वैज्ञानिक वजह क्या है, चिकित्सक इस पर स्टडी कर रहे हैं।
मेडिसिन विभाग के डेंगू वार्ड में 14 अगस्त से 15 सितंबर तक 59 मरीज भर्ती हुए। इनमें फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी और आगरा के मरीज रहे। इनमें से 44 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। भर्ती के वक्त डॉक्टरों ने कोेरोना वायरस की पहली-दूसरी लहर में कोविड से संक्रमित हुए हैं कि नहीं, टीकाकरण कराया है कि नहीं, बुखार कब से है, पहले इलाज कहां कराया। इन तमाम जानकारी पर रिपोर्ट बनाई है। इनमें एक भी मरीज ऐसा नहीं मिला, जो पहले कोरोना से संक्रमित हुआ हो। 30 फीसदी ने टीकाकरण की बात बताई है।
भर्ती से पहले बनाई रिपोर्ट
मेडिसिन विभाग के डेंगू वार्ड प्रभारी डॉ. मृदुल चतुर्वेदी ने बताया कि डेंगू वार्ड में 59 मरीजों में का इलाज किया। भर्ती होने से पहले इनकी रिपोर्ट तैयार की, जिसमें किसी ने भी पहली-दूसरी लहर में कोविड से संक्रमित नहीं हुआ है।
वायरस की एंटीबॉडी का हो सकता है प्रभाव
माइक्रो बायलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुर गोयल ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद शरीर में बनी एंटीबॉडी के प्रभाव से यह स्थिति बन सकती हैं, लेकिन सही जानकारी शोध करने के बाद ही सामने आएगी।
डेंगू मरीजों की कोविड जांच भी करा रहे
बाल रोग विभाग के डेंगू वार्ड प्रभारी डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि भर्ती वाले सभी मरीजों की कोविड जांच कराने पर निगेटिव मिले। अभिभावकों ने अपने बच्चे के पहले कोरोना से संक्रमित होने की जानकारी नहीं दी है।
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