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आगरा की डॉ. शशि तिवारी को मिला साहित्य भूषण सम्मान, अशोक रावत को दुष्यंत कुमार पुरस्कार
Tue, 31 Dec 2019 12:21 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 31 Dec 2019 12:21 AM IST
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डॉ. शशि तिवारी को साहित्य भूषण सम्मान
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के 43वें स्थापना दिवस समारोह में सोमवार को हिंदी साहित्य से जुड़ी विभूतियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर विधान सभा अध्यक्ष डॉ. हृदय नारायण दीक्षित ने आगरा की साहित्यकार डॉ. शशि तिवारी को साहित्य भूषण सम्मान दिया। डॉ. शशि तिवारी को यह 130 वां सम्मान मिला है।
इससे पूर्व वो देश में 102 और विदेश में 27 सम्मान पा चुकी हैं। काव्य, संगीत, लेखन से जुड़ीं डॉ. शशि कई हिंदी गीत संग्रह, गजल संग्रह के अलावा संगीत शास्त्र और नाट्यशास्त्र की पुस्तकें लिख चुकी हैं।
वो 2009 से 2015 तक सार्क की साहित्यिक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा ले चुकी हैं। संस्थान के यशपाल सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने साहित्य भूषण सम्मान पाने वाले साहित्य सेवकों को दो-दो लाख रुपये और ताम्रपत्र प्रदान किया गया।
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इससे पूर्व वो देश में 102 और विदेश में 27 सम्मान पा चुकी हैं। काव्य, संगीत, लेखन से जुड़ीं डॉ. शशि कई हिंदी गीत संग्रह, गजल संग्रह के अलावा संगीत शास्त्र और नाट्यशास्त्र की पुस्तकें लिख चुकी हैं।
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वो 2009 से 2015 तक सार्क की साहित्यिक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा ले चुकी हैं। संस्थान के यशपाल सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने साहित्य भूषण सम्मान पाने वाले साहित्य सेवकों को दो-दो लाख रुपये और ताम्रपत्र प्रदान किया गया।
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26 किताबें हो चुकीं प्रकाशित
डॉ. शशि तिवारी आगरा कॉलेज में संस्कृत की विभागाध्यक्ष रही हैं। उनकी हिंदी और संस्कृत में 26 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वह देश की प्रमुख कवियत्रियों में शामिल हैं। देश के बाहर विदेश में भी काव्यपाठ करती रही हैं।
अशोक रावत को मिला दुष्यंत कुमार पुरस्कार
उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के कार्यक्रम में विधान सभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित और संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष सदानंद गुप्त ने आगरा के गजलकार अशोक रावत को दुष्यंत कुमार सम्मान प्रदान किया। उन्हें यह पुरस्कार उनकी पुस्तक कोई पत्थर नहीं है हम के लिए प्रदान किया गया।
मानस नगर, शाहगंज निवासी अशोक रावत एफसीआई में सिविल इंजीनियर पद से सेवानिवृत्त्त हैं। वो लंबे समय से गजल लिख रहे हैं। उनकी गजल का एक शेर है, हम क्या सूखे पत्ते हैं जो शाखों से झर जाएंगे, तूफां शायद समझे होंगे, हम उनसे डर जाएंगे।
अशोक रावत को मिला दुष्यंत कुमार पुरस्कार
उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के कार्यक्रम में विधान सभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित और संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष सदानंद गुप्त ने आगरा के गजलकार अशोक रावत को दुष्यंत कुमार सम्मान प्रदान किया। उन्हें यह पुरस्कार उनकी पुस्तक कोई पत्थर नहीं है हम के लिए प्रदान किया गया।
मानस नगर, शाहगंज निवासी अशोक रावत एफसीआई में सिविल इंजीनियर पद से सेवानिवृत्त्त हैं। वो लंबे समय से गजल लिख रहे हैं। उनकी गजल का एक शेर है, हम क्या सूखे पत्ते हैं जो शाखों से झर जाएंगे, तूफां शायद समझे होंगे, हम उनसे डर जाएंगे।