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UP: एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने गर्भाशय निकाले बिना रसौली का ऑपरेशन, मरीज बन सकेगी मां
Fri, 05 Dec 2025 09:44 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 05 Dec 2025 09:44 AM IST
सार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में महिला मरीज की रसौली का ऑपरेशन गर्भाशय निकाले बिना किया गया।
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एसएन मेडिकल कॉलेज में मरीज के रसौली का ऑपरेशन करती चिकित्सकीय टीम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में गर्भाशय निकाले बिना ही रसौली का ऑपरेशन किया गया। मरीज की हालत ठीक है और उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। अब मरीज के गर्भधारण की रुकावट भी दूर हो गई। रसौली के कारण मरीज को गर्भधारण में दिक्कत आ रही थी।
स्त्री रोग विभाग की प्रो. निधि गुप्ता ने बताया कि फिरोजाबाद निवासी 25 साल की महिला स्त्री रोग विभाग की ओपीडी में दिखाने आई। जांच कराने पर गर्भाशय में 20×18 सेंटीमीटर की रसौली मिली। पूछताछ में मरीज ने बताया कि शादी को ढाई साल से अधिक समय हो गया है। रसौली के कारण मासिक धर्म की समस्याएं, पेट दर्द और गर्भधारण में भी दिक्कत आ रही है।
कई निजी अस्पतालों में दिखाने पर डॉक्टरों ने गर्भाशय निकालने की बात कही। एसएन में आने पर बिना गर्भाशय निकाले डेढ़ किलो की रसौली निकाल दी गई। अब महिला गर्भधारण कर सकेगी। ऑपरेशन में प्रो. आशा, डॉ. नीलम और डॉ. आकृष्टि गुप्ता रहीं। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एसएन में गंभीर रोगों के इलाज और सर्जरी की सुविधा है।
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स्त्री रोग विभाग की प्रो. निधि गुप्ता ने बताया कि फिरोजाबाद निवासी 25 साल की महिला स्त्री रोग विभाग की ओपीडी में दिखाने आई। जांच कराने पर गर्भाशय में 20×18 सेंटीमीटर की रसौली मिली। पूछताछ में मरीज ने बताया कि शादी को ढाई साल से अधिक समय हो गया है। रसौली के कारण मासिक धर्म की समस्याएं, पेट दर्द और गर्भधारण में भी दिक्कत आ रही है।
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कई निजी अस्पतालों में दिखाने पर डॉक्टरों ने गर्भाशय निकालने की बात कही। एसएन में आने पर बिना गर्भाशय निकाले डेढ़ किलो की रसौली निकाल दी गई। अब महिला गर्भधारण कर सकेगी। ऑपरेशन में प्रो. आशा, डॉ. नीलम और डॉ. आकृष्टि गुप्ता रहीं। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एसएन में गंभीर रोगों के इलाज और सर्जरी की सुविधा है।
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