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कब बनेगी सड़क: बरात में भी आने लगे बराती कम, गड्ढों ने घटा दी वाहनों की उम्र
Fri, 20 Dec 2019 01:16 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 20 Dec 2019 01:16 PM IST
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रोहता-दिगनेर रोड
- फोटो : अमर उजाला
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रोहता-दिगनेर रोड पर आठ किमी. में एक हजार से ज्यादा बड़े गड्ढे होने के कारण वाहनों की उम्र घट रही है। बाइकों के इंजन फेल हो रहे हैं। हर महीने सर्विस करानी पड़ रही है। इसमें खर्च भी ज्यादा आ रहा है। लगभग दो साल से परेशानी झेल रहे लोग अब धरना प्रदर्शन की तैयारी में हैं।
इस मार्ग पर रोहता, पंचगाई, ठाकुरदास की गढ़ी, देवरी, हरकन्ना की गढ़ी, गंगरुआ, भैंटा, बजेरा, दिगनेर गांव हैं। इनकी लगभग 1.5 लाख आबादी यह परेशानी झेल रही है। लोगों का कहना है कि बाइकों के शॉकर खराब हो रहे हैं, गड्ढों में चलने के कारण तेल ज्यादा खर्च हो रहा है, इंजन पर लोड ज्यादा पड़ता है, कार्बोटर में खराबी आ रही है।
रिम टेड़े, टायर जल्दी घिस रहे
बाइक मेकेनिक सोनू खान ने बताया कि गहरे गड्ढों में बाइक केलगातार चलने के कारण रिम टेढ़े होने, टायर जल्दी घिस जाने की शिकायतें भी आ रही हैं। पंक्चर ज्यादा हो रहे हैं, इसलिए ट्यूब बदलवानी पड़ रही है।
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इस मार्ग पर रोहता, पंचगाई, ठाकुरदास की गढ़ी, देवरी, हरकन्ना की गढ़ी, गंगरुआ, भैंटा, बजेरा, दिगनेर गांव हैं। इनकी लगभग 1.5 लाख आबादी यह परेशानी झेल रही है। लोगों का कहना है कि बाइकों के शॉकर खराब हो रहे हैं, गड्ढों में चलने के कारण तेल ज्यादा खर्च हो रहा है, इंजन पर लोड ज्यादा पड़ता है, कार्बोटर में खराबी आ रही है।
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रिम टेड़े, टायर जल्दी घिस रहे
बाइक मेकेनिक सोनू खान ने बताया कि गहरे गड्ढों में बाइक केलगातार चलने के कारण रिम टेढ़े होने, टायर जल्दी घिस जाने की शिकायतें भी आ रही हैं। पंक्चर ज्यादा हो रहे हैं, इसलिए ट्यूब बदलवानी पड़ रही है।
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रोहता के किसान हरीश ने बताया कि बाइक गड्ढे में दो बार गिरी। मडगार्ड, हेडलाइट टूट गए, बैटरी बाहर निकल गई। दोनों बार दो दो हजार रुपये मरम्मत में लगे। अब बाइक घेर में रखी है।
बरातियों की संख्या कम रह गई
पंचगई के जगदीश सिंह ने बताया कि सड़क इतनी खराब है कि आस पास के गांव से बरात आए तो उसमें बराती कम होते हैं। लोग कहते हैं कि बदन टूट जाता है इन सड़कों पर चलने से।
झूलती हुई चलती है बस, सहमे रहते हैं मुसाफिर
इस रोड पर बस चलती है कि ऐसे लगता है कि झूल रही हो। गड्ढों के कारण कभी इधर तो कभी उधर झुक जाती है। यात्री सहमे रहते हैं। रोहता के जयवीर ने बताया कि कई ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट चुकी हैं।
बरातियों की संख्या कम रह गई
पंचगई के जगदीश सिंह ने बताया कि सड़क इतनी खराब है कि आस पास के गांव से बरात आए तो उसमें बराती कम होते हैं। लोग कहते हैं कि बदन टूट जाता है इन सड़कों पर चलने से।
झूलती हुई चलती है बस, सहमे रहते हैं मुसाफिर
इस रोड पर बस चलती है कि ऐसे लगता है कि झूल रही हो। गड्ढों के कारण कभी इधर तो कभी उधर झुक जाती है। यात्री सहमे रहते हैं। रोहता के जयवीर ने बताया कि कई ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट चुकी हैं।