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Budget 2018: रेल बजट में आगरा रेल मंडल की उम्मीदों को ऐसे लगा झटका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 02 Feb 2018 06:23 PM IST
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रेल बजट 2018 में आगरा रेल मंडल को कुछ नया नहीं मिल सका है। बजट में न तो कोई नई ट्रेन मिली है और न ही किसी ट्रेन का ठहराव ही रेल डिवीजन के किसी स्टेशन पर किया गया है।
लंबे समय से आगरा से सुबह दिल्ली और जयपुर के लिए सुपरफास्ट ट्रेनों का संचालन करने, आगरा बांदीकुई रेल लाइन का दोहरीकरण करने, आगरा फोर्ट कोटा पैसेंजर को सुपरफास्ट करने की उम्मीदें भी पूरी नहीं हो सकी हैं। बजट में रेल लाइनों के विद्युतीकरण, यात्री सुविधाएं बढ़ाने के प्रस्तावों को ही हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।
आगरा में बटेश्वर रेलवे स्टेशन को विकसित करने, तांतपुर-जैतपुर होकर नई रेल लाइन करौली तक बनाए जाने के प्रस्ताव आगरा के सांसदों ने दिए थे, लेकिन इस बजट में इनके लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
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लंबे समय से आगरा से सुबह दिल्ली और जयपुर के लिए सुपरफास्ट ट्रेनों का संचालन करने, आगरा बांदीकुई रेल लाइन का दोहरीकरण करने, आगरा फोर्ट कोटा पैसेंजर को सुपरफास्ट करने की उम्मीदें भी पूरी नहीं हो सकी हैं। बजट में रेल लाइनों के विद्युतीकरण, यात्री सुविधाएं बढ़ाने के प्रस्तावों को ही हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।
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आगरा में बटेश्वर रेलवे स्टेशन को विकसित करने, तांतपुर-जैतपुर होकर नई रेल लाइन करौली तक बनाए जाने के प्रस्ताव आगरा के सांसदों ने दिए थे, लेकिन इस बजट में इनके लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
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इसके अलावा आगरा में बैंगलोर राजधानी के बाद अन्य राजधानी ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने, फतेहाबाद स्टेशन पर आरक्षण खिड़की शुरू करने की उम्मीद भी पूरी नहीं हो सकी है।
आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन को हेरीटेज स्टेशन के रूप में विकसित करने, आगरा में रेलवे का बड़ा इंस्टीट्यूट बनाए जाने की मांगों पर भी इस बजट में कुछ नहीं दिया गया है।
इस बजट में रेल लाइनों के विद्युतीकरण, स्टेशनों पर सीसीटीवी, वाईफाई की सुविधाएं, मानवविहीन रेल क्रासिंग बंद करने के प्रस्ताव पूरे होने की उम्मीद है।
आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन को हेरीटेज स्टेशन के रूप में विकसित करने, आगरा में रेलवे का बड़ा इंस्टीट्यूट बनाए जाने की मांगों पर भी इस बजट में कुछ नहीं दिया गया है।
इस बजट में रेल लाइनों के विद्युतीकरण, स्टेशनों पर सीसीटीवी, वाईफाई की सुविधाएं, मानवविहीन रेल क्रासिंग बंद करने के प्रस्ताव पूरे होने की उम्मीद है।
आगरा डिवीजन में इन कार्यों को मिलेगी गति
बजट में 25 हजार प्रतिदिन फुटफॉल वाले स्टेशनों में आगरा कैंट, मथुरा जंक्शन व आगरा फोर्ट स्टेशनों पर स्वचालित सीढ़ियां हर प्लटेफार्म पर मिलेंगी। 600 स्टेशनों को विकसित किया जाना है। इनमें आगरा कैंट और मथुरा जंक्शन भी शामिल हो सकते हैं।
स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे, वाई फाई की सुविधा। वर्तमान में कई स्टेशनों पर सुविधा है। आगरा डिवीजन में 16 अनमेंड लेबिल क्रासिंग हैं, जिन्हें सितंबर 2018 तक समाप्त किया जाएगा।
बजट में सभी नैरोगेज लाइनों को ब्राडगेज में बदला जाना है। इसमें धौलपुर से सरमथुरा तांतपुर नैरोगेज लाइन को ब्राडगेज में बदलने का प्रस्ताव लंबित है।
स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे, वाई फाई की सुविधा। वर्तमान में कई स्टेशनों पर सुविधा है। आगरा डिवीजन में 16 अनमेंड लेबिल क्रासिंग हैं, जिन्हें सितंबर 2018 तक समाप्त किया जाएगा।
बजट में सभी नैरोगेज लाइनों को ब्राडगेज में बदला जाना है। इसमें धौलपुर से सरमथुरा तांतपुर नैरोगेज लाइन को ब्राडगेज में बदलने का प्रस्ताव लंबित है।
केंद्रीय विद्यालय पर भी निर्णय नहीं
रेल लाइनों के विद्युतीकरण को बजट मिला है। इनमें मथुरा-अछनेरा रेल लाइन, ईदगाह और भरतपुर के बीच की रेल लाइन का विद्युतीकरण को गति मिल सकती है। भांडई रेल लाइन की बारी शायद ही आ सके।
आगरा में नगला छउआ के पास रेलवे की खाली जमीन पर आईओसी का तेल डिपो संचालित किया जाता था। अब इस खाली जमीन को उपयोग में लाने के लिए रेलवे अधिकारियों ने यहां केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की बाबत प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा था, लेकिन इस प्रस्ताव पर भी फिलहाल मुहर लगती नहीं दिखाई दे रही है।
आगरा में नगला छउआ के पास रेलवे की खाली जमीन पर आईओसी का तेल डिपो संचालित किया जाता था। अब इस खाली जमीन को उपयोग में लाने के लिए रेलवे अधिकारियों ने यहां केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की बाबत प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा था, लेकिन इस प्रस्ताव पर भी फिलहाल मुहर लगती नहीं दिखाई दे रही है।