Mulayam Singh Yadav: टूला दलों का बंधन... नम आंखों से किए 'नेताजी' के अंतिम दर्शन
सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को अंतिम विदाई देने के लिए दलों को बंधन टूट गया। सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने नम आंखों से नेताजी को श्रद्धांजलि दी। आगरा से भी कई नेता सैफई पहुंचे और मुलायम सिंह को अंतिम विदाई दी।
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सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को अंतिम विदाई के लिए मंगलवार को आगरा से बड़ी संख्या में लोग सैफई पहुंचे। इनमें सपा समर्थकों के अलावा दूसरे दलों के लोग भी शामिल हुए। उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की।
समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव के सैफई (इटावा) में अंतिम विदाई के लिए आगरा से सपा नेता रामजीलाल सुमन, लाल सिंह लोधी, धर्मेंद्र यादव, गौरव यादव, सलीम शाह, रामनरेश, रिजवान उद्दीन, क्षमा जैन सक्सेना, राजपाल यादव, सुनील जैन आदि शामिल रहे।
युवा अधिवक्ता संघ, आगरा मंडल का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी अंतिम यात्रा में शामिल हुआ। मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा, कृष्ण मुरारी माहेश्वरी, अरुण तेहरिया, संजय पचौरी, अर्पित यादव, संत कुमार, रविंद्र लवानिया, योगेश कुमार, अभिषेक कुमार, प्रशांत आदि शामिल थे।
दूसरी ओर, नेताजी के अंतिम संस्कार में मंगलवार को जिले के राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। पार्टी के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह, छात्र नेता सौरभ चौधरी, चौधरी यशेंद्र आर्य, बीधाराम धनगर, डॉ. बीएल बघेल, बॉबी मास्टर, इरशाद खान, अफजल कुरैशी आदि अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद रहे।
आगरा से सैफई पहुंचे गहलोत
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दोपहर एक बजे विशेष विमान से खेरिया हवाई अड्डे पहुंचे। यहां से सड़क मार्ग से सैफई में मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद शाम सवा चार बजे वापस खेरिया हवाई अड्डे पर पहुंचे। यहां उन्हें कांग्रेस नेता मनोज बोहरा, आईडी श्रीवास्तव, नंदलाल भारती ने रिसीव किया। मुख्यमंत्री ने मनोज बोहरा से उनके पिता पूर्व सांसद निहाल सिंह जैन के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
इंस्पेक्टर राज को खत्म किया था नेताजी ने
आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने बताया कि सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव नेताजी व्यापारियों के हितैषी थे। उन्होंने प्रदेश में चुंगी को खत्म किया। बाद में इंस्पेक्टर राज खत्म करने के लिए भी उन्होंने व्यापारियों का साथ दिया था।
मुलायम सिंह ने मुख्यमंत्री बनने के बाद धारा 3/7 को हटवाया। साथ ही व्यापारियों पर इस धारा में दर्ज मुकदमे भी वापस लिए गए थे। 1989 में चुंगी के चलते गल्ला व्यापारियों का उत्पीड़न हो रहा था, ऐसे में व्यापारी प्रदेश से पलायन कर रहे थे।
तब तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने ही चुंगी को खत्म किया। वर्ष 2000 में जब कल्याण सिंह मुख्यमंत्री थे तो प्रदेश में कपड़े पर प्रवेश शुल्क लगाया गया। व्यापारियों ने इसके विरोध में मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की। उन्होंने कल्याण सिंह से बात करके प्रवेश शुल्क को हटवाया।